बड़ा सवाल-जब सुनील कुमार के खिलाफ हो रही जांच तो वे मुख्यालय पर क्यों हैं तैनात? प्रभावित कर सकते हैं जांच ?

मनोज कुमार-नीता भारतीया के बीच व्हाटसअप चैटिंग प्रकरण की जांच शुरु…

डीजी ने बनायी उच्च स्तरीय टीम-आईजी,पुलिस महावीर करेंगे जांच,दो अधिकारी भी नामित

सुनील कुमार पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप,महिला अधिकारी द्वारा अभद्र भाषा प्रयोग की होगी जांच

बड़ा सवाल: जब जांच हुयी ही नहीं तो मनोज कुमार को क्यों कर दिया गया सस्पेंड?

आज 12 बजे आईजी,पुलिस के सामने पेश होंगे 10 कर्मचारी

संजय पुरबिया

लखनऊ। होमगार्ड विभाग में व्हाटसअप पर चैटिंग कांड की जांच शुरू हो गयी है। डीजी,होमगार्ड विजय कुमार ने एसएचओ मनोज कुमार और बागपत की कमांडेंट नीता भारतीया प्रकरण को गंभीरता से लेते हुये उच्च स्तरीय जांच बिठा दी है। जांच अधिकारी आईजी,पुलिस धर्मवीर के नेतृत्व में डीआईजी, इलाहाबाद संतोष सुचारी,गोण्डा के मंडलीय कमांडेंट प्रमोद पाल की टीम बनायी गयी है। टीम मनोज कुमार और नीता भारतीया का बयान लेने के साथ ही 12 पन्ने के उन दस्तावेजों की जांच करेगी जो मनोज कुमार ने डीजी और शासन को भेजा है। मनोज कुमार ने 12 पन्ने में लंबे समय से मुख्यालय पर तैनात एसएसओ सुनील कुमार पर भ्रष्टाचार के कई गंभीर आरोप लगाये हैं। टीम भ्रष्टाचार के आरोप के साथ ही मनोज कुमार पर नीता भारतीया द्वारा व्हाटसअप पर मानसिक उत्पीडऩ,डीजी,होमगार्ड के मान-सम्मान को ठेस पहुंचाने के आरोप की भी जांच करेगी।


द संडे व्यूज़ का सवाल है कि जब एसएसओ सुनील कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच की जा रही है,उनका बयान लेना है तो वे मुख्यालय पर अपने पद पर कैसे जमे हैं ? कायदे से सुनील कुमार को पद से हटाकर जांच करनी चाहिये क्योंकि प्रबल संभावना है कि वे अपनी कुर्सी पर बैठकर जांच के दस्तोवज और संबंधित कर्मचारियों पर अपना प्रभाव डालकर जांच को बुरी तरह से प्रभावित कर सकते हैं ? यदि शासन या मुख्यालय निष्पक्ष जांच कराना चाहती है तो पहले जिस पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा है, उसे हटा देना चाहिये। सवाल यह भी है कि जब जांच हुयी नहीं तो मनोज कुमार को किस आधार पर निलंबित किया गया ? क्या मुख्यमंत्री,जो होमगार्ड मंत्री भी हैं, ने होमगार्ड विभाग के अधिकारियों को लिखित आदेश जारी किया है कि यदि कोई महिला अधिकारी किसी पुरुष अधिकारी के खिलाफ लिखित आरोप पत्र पर दे दे तेा उन्हें बिना जांच किये निलंबित किया जाये ? यदि होमगार्ड मंत्री ने ऐसा कोई आदेश आया है तो जांच मीडिया और अधिकारियों के सामने पेश किया जाना चाहिये…। नहीं,तो फिर इसी तरह महिलाओं के लिखित आरोप पर पुरुष अधिकारी सस्पेंड़ होने लगे तो प्रदेश में तैनात 100 फीसदी पुरुष अधिकारी नौकरी कर ही नहीं पायेंगे।


फिलहाल,जांच जारी है और आज नये स्टाफ अधिकारी ए.पी.सिंह ने आज ही एक पत्र जारी कर मुख्यालय पर तैनात 10 कर्मचारियों प्रदीप कुमार श्रीवास्तव-प्रधान सहायक, रतन लाल-वरिष्ठ सहायक,मो.शहजाद-कनिष्ठ सहायक,कृपाल सिंह-कनिष्ठ  सहायक,पंकज सिंह-निरीक्षक,एमटी प्रभारी,संतोष कुमार-वाहन चालक,गया प्रसाद-होमगार्ड,शिवकुमार अवस्थी-होमगार्ड,जीतेन्द्र यादव-होमगार्ड एवं होमगार्ड रविन्द्र शर्मा को एक शिकायती पत्र के आधार पर आईजी,पुलिस धर्मवीर के सामने 12 बजे पेश होने का फरमान जारी किया गया है। संभावना है कि शीघ्र ही मनेाज कुमार और नीता भारतीया का भी बयान लिया जायेगा लेकिन आखिर में मेरा फिर एक ही सवाल-जिस पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा है,वो मुख्यालय पर क्यों है तैनात?

Post Author: thesundayviews

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