कोच की शानदार रणनीति,खिलाडिय़ों की मेहनत ने गौरव खन्ना को बनाया ‘द्रोणाचार्य’

यूपी का गौरव: पैरा बैडमिंटन के द्रोणाचार्य बनें गौरव खन्ना

रेलवे के सब-इंस्पेक्टर ने उतारा वर्दी,बना पैरा बैडमिंटन का कोच

देश हो या विदेशी सरजमीं,पैरा बैडमिंटन खिलाडिय़ों ने जीता गोल्ड

संजय पुरबिया

लखनऊ। उत्तर प्रदेश ने खेल की दुनिया में कई चमकते सितारे दिये हैं। इनमें से एक नाम ऐसा है जिसकी चमक में उनकी सोच, जज्बे, हाड़-तोड़ मेहनत और पसीने की खुशबू साफ झलकती है। उसने अपने लिये नहीं बल्कि उन दिव्यांगों के लिये जीया,जिन्हें लोग आज भी हिकारत भरी नजरों से देखते हैं। दिव्यांग खिलाडिय़ों के लिये उसने अपना सब कुछ समर्पित कर दिया। आज वो दिव्यांग खिलाडिय़ों के लिये ‘भगवान’ बन गया है। मैं उस शख्य की बात कर रहा हूं जो पैरा बैडमिंटन का कोच है और आज ‘शख्स’ देश का ‘शख्सियत‘ बन गए है। जी हां,उस कोच के खिलाड़ी चाहें देश हो या विदेशी सरजमीं,जहां भी गये अपने गले में गोल्ड डाल,भारत का नाम रौशन किया। जी हां, मैं बात कर रहा हूं पैरा बैडमिंटन कोच गौरव खन्ना की।

ये वही गौरव खन्ना हैं जो उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल, आरपीएफ में सब-इंस्पेक्टर की नौकरी करते थें लेकिन खिलाड़ी मन ने उन्हें बेचैन कर दिया और वर्दी उतारकर निकल पड़े सूबे के दिव्यांग खिलाडिय़ों के सपने का सच करने। यूपी सरकार ने गौरव खन्ना को द्रोणाचार्य पुरस्कार देने की घोषणा कर प्रदेश के पैरा बैडमिंटन खिलाडिय़ों के हौसलों को मानों पर लगा दिया हो। गौरव खन्ना के नेतृत्व में पैरा बैडमिंटन ने कम समय में बुलंदियों को छूने के साथ ही दिव्यांग खिलाडिय़ों की सोच को उम्मीद का पंख लगाने का काम किया है। गौरव खन्ना की टीम ने मानों ठान लिया हो कि उन्हें सिर्फ और सिर्फ गोल्ड जीतकर लाना है। ये पूरी टीम का कमाल ही है कि सभी की मेहनत रंग लायी और यूपी के गौरव खन्ना द्रोणाचार्य अवार्ड से नवाजे जायेंगे।

Post Author: thesundayviews

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