यूपी के मंत्री,अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी चौहान का निधन

शोक में भाजपा मुख्यालय में झंडा झुका

11 जुलाई को संजय गांधी पीजीआई में हुए थे एडमिट

योगी आदित्यनाथ सरकार के दूसरे मंत्री 

लखनऊ। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में अपने नाम के साथ ही देश में परचम लहराने वाले चेतन चौहान ने राजनीति में भी शानदार पारी खेली। 40 टेस्ट मैच खेलने वाले चेतन चौहान से आज कोरोना जीत गया। एक सशक्त खिलाड़ी जिसने देश के लिये,अपने संसदीय क्षेत्र के लिये अमीट छाप छोड़ गया। चेतन चौहान अपने काम को लेकर इतने चौकन्ने रहते थे कि कुछ भी हो जाये वे क्षेत्र की जनता से मिलने शनिवार को हापुड़ के लिये रवाना हो जाते थे। आज पूरा देश गमजदा है। लेकिन सफ ल नहीं रहे। देश की आजादी से चंद रोज पहले यानी 21 जुलाई 1947 को बरेली मे जन्मे चेतन चौहान की शिक्षा पुणे में हुई थी। घरेलू क्रिकेट में महाराष्ट्र के साथ दिल्ली से खेलने वाले चेतन चौहान ने खेल की राजनीति के साथ ही सक्रिय राजनीति में भी कदम रखा। उनका लोकसभा क्षेत्र अमरोहा रहा, जहां से 1991 व 1998 में वह जीते। इसके बाद पूर्वी दिल्ली से भी भाग्य आजमाया, लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया।

उत्तर प्रदेश की राजनीति उन्होंने दूसरी पारी में शुरू की। अमरोहा के नौगांवा सादात से 2017 में विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने वाले चेतन चौहान को योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया। इसके बाद उनको मनपसंद विभाग यानी खेल एवं युवा कल्याण मंत्रालय में काम करने का मौका मिला।कोरोना संक्रमण के कारण बेहद गंभीर हालत में गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती योगी आदित्यनाथ सरकार के कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान का आज निधन हो गया। क्रिकेटर से नेता बने मंत्री चेतन चौहान के निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुख जताया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान के निधन पर राजकीय शोक की घोषणा की है।

73 वर्षीय चेतन चौहान को लखनऊ के संजय गांधी पीजीआइ से शनिवार को ही मेदांता शिफ्ट किया गया था। वहां पर वह लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर थे। बताया जाता है कि उनकी किडनी काम नहीं कर रही है। योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान की हालत बेहद गंभीर थी। कोरोना संक्रमण पॉजिटिव के कारण लम्बे समय से संजय गांधी पीजीआइ में भर्ती रहे चेतन चौहान की किडनी ने काम करना बंद कर दिया था। उनको लखनऊ से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किया गया है, जहां पर उनको लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया था।कोरोना वायरस से संक्रमित उत्तर प्रदेश के होमगार्ड मंत्री चेतन चौहान को 11 जुलाई को कोरोना संक्रमण के कारण भर्ती कराया गया था। क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान के पास सरकार में सैनिक कल्याण, होमगार्ड, पीआरडी और नागरिक सुरक्षा मंत्रालय हैं।

11 जुलाई को कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद उनको संजय गांधी पीजीआई में एडमिट कराया गया था। इसके बाद किडनी और ब्लड प्रेशर की समस्या शुरू हो गईं। इसके बाद उन्हेंं वेंटिलेटर पर रखा गया था। अमरोहा से चेतन चौहान दो बार भाजपा के सांसद भी रहे हैं। चेतन चौहान भारतीय जनता पार्टी की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। चेतन चौहान भारतीय जनता पार्टी से लोकसभा सांसद भी रह चुके हैं। 1991 और 1998 के चुनाव में वह भाजपा के टिकट अमरोहा से सांसद बने थे। चेतन चौहान अभी अमरोहा जिले की नौगांवा सादात विधानसभा के विधायक हैं।

वह योगी आदित्यनाथ सरकार के दूसरे मंत्री हैं, जिन्होंने कोरोना संक्रमण के कारण दम तोड़ा है। इससे पहले दो अगस्त को प्रदेश सरकार की प्राविधिक शिक्षा मंत्री कमल रानी वरुण ने संजय गंधी पीजीआई में दम तोड़ा था। मंत्री कमलरानी को पहलेसे ही डायबिटीज, हाइपरटेंशन व थायराइड से जुड़ी समस्या थी। उनका ऑक्सीजन लेवल काफी कम हो गया था। योगी आदित्यनाथ सरकार के छह मंत्री अभी भी लखनऊ के संजय गांधी पीजीआइ में भर्ती हैं। कैबिनेट मंत्री ब्रजेश के साथ ही जल शकित मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह, राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह, उपेंद्र तिवारी, जय प्रताप सिंह व धर्म सिंह सैनी भी कोरोना संक्रमित थे।

प्रदेश सरकार के सैनिक कल्याण, होमगार्ड, प्रांतीय रक्षक दल व नागरिक सुरक्षा मंत्री और पूर्व क्रिकेटर चेतन चौहान के निधन पर रविवार को भाजपा मुख्यालय में पार्टी का ध्वज झुका दिया गया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह व महामंत्री (संगठन) सुनील बंसल ने अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त करते हुए इसे कार्यकर्ताओं के लिए अपूर्णीय क्षति बताया। स्वतंत्र देव ने कहा कि अपने सतत परिश्रम से ही चेतन चौहान ने ख्यातिप्राप्त क्रिकेटर होने के साथ राजनीति में भी अपनी विशिष्ट पहचान बना ली थी। वह संवेदनशील, निष्ठावान व समर्पित कार्यकर्ता थे। प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल ने कहा कि चेतन चौहान ने सदैव जनकल्याण के लिए पूरी तत्परता से कार्य किया। उनके निधन से हुए नुकसान की भरपाई आसान नहीं है। परमात्मा उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवारीजनों को दुख सहन करने की शक्ति दें।

Post Author: thesundayviews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *