भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चुनाव प्रक्रिया: स्वतंत्र देव का अकेला नामांकन, जीत का एलान शुक्रवार को

लखनऊ

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चुनाव के लिए सिर्फ मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह का ही नामांकन होने से उनका निर्विरोध चुना जाना तय हो गया है। जांच में स्वतंत्र देव का पर्चा दुरुस्त पाया गया। शुक्रवार को भाजपा प्रदेश मुख्यालय में होने वाली प्रांतीय परिषद के सदस्यों की बैठक में स्वतंत्र देव के भाजपा के निर्वाचित अध्यक्ष की औपचारिक घोषणा की जाएगी।स्वतंत्र देव अभी तदर्थ अध्यक्ष के रूप में काम कर रहे हैं। भाजपा के संविधान के मुताबिक, तदर्थ अध्यक्ष का छह महीने के भीतर निर्वाचित अध्यक्ष बनना आवश्यक है।

प्रदेश अध्यक्ष के अलावा राष्ट्रीय परिषद के 80 पदों के लिए 72 लोगों ने नामांकन किया। इस नाते इन सबके भी कल निर्वाचित होने की औपचारिक घोषणा हो जाएगी। राष्ट्रीय परिषद के सदस्य राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के मतदाता होते हैं। ध्यान रहे कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया 19 को शुरू होने के संकेत हैं।

स्वतंत्र देव ने बृहस्पतिवार को यहां नामांकन पत्र के दो सेट चुनाव अधिकारी आशुतोष टंडन को सौंपे। राष्ट्रीय परिषद के 80 सदस्यों के चुनाव के लिए भी 72 उम्मीदवारों ने नामांकन भरा। नामांकन पत्रों की जांच में प्रदेश अध्यक्ष सहित सभी नामांकन पत्र सही पाए गए हैं।चुनाव के लिए सह पर्यवेक्षक बनाए गए मंगल पांडेय ने बताया कि स्वतंत्र देव सिंह के निर्विरोध प्रदेश अध्यक्ष निर्वाचित होने के साथ राष्ट्रीय परिषद के लिए निर्वाचित सदस्यों की घोषणा भी शुक्रवार को ही की जाएगी। कल पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और चुनाव पर्यवेक्षक भूपेन्द्र यादव भी प्रांतीय परिषद के सदस्यों की बैठक में मौजूद रहेंगे।

प्रदेश अध्यक्ष चुनाव में स्वतंत्र देव सिंह ने दो सेट में नामांकन दाखिल किया। प्रदेश अध्यक्ष के प्रस्तावकों में भाजपा ने जातीय समीकरण का ध्यान रखा। ब्राह्मण, ठाकुर, वैश्य, पिछड़ा वर्ग की प्रमुख जातियों और दलित वर्ग की प्रमुख जाति के प्रांतीय परिषद सदस्यों को प्रस्तावक बनाया गया। रवींद्र सिंह राठौड़, गीता शाक्य, राम प्रकाश यादव, राम सुंदर चौधरी, जगदम्बा प्रसाद सोनकर, विनोद मिश्रा, संतोष पटेल, जय प्रकाश शाही, विनोद शंकर दुबे, अरुण शुक्ला, गोपाल सिंह, अनिता गुप्ता, मनोहर सिंह, अजय कुमार गुप्ता, शंकर दयाल पांडेय, रामूप्रियदर्शी, हरिशंचद्र सिंह, ब्रह्मदेव मिश्रा, तेजभान सिंह और रणजीत कुशवाहा प्रस्ताव बने।

स्वतंत्र देव सिंह 16 जुलाई 2019 को तत्कालीन अध्यक्ष डॉ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय की जगह प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त हुए थे। पूरी तरह संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहने वाले सिंह उस समय प्रदेश के स्वतंत्र प्रभार परिवहन राज्यमंत्री थे। उन्हें तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष डॉ. पाण्डेय को केंद्र में मंत्री बनाए जाने के बाद प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। उनके नेतृत्व में 11 सीटों के विधानसभा उप चुनाव में भाजपा ने गठबंधन के अपना दल सहित 8 सीटों पर विजय हासिल की।

Post Author: thesundayviews

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