सोशल मीडिया का बढ़ता चलन बना रहा है लोगों को तनहाई का शिकार

विज्ञान कांग्रेस में समाज के सामने मौजूदा बड़े खतरों पर चर्चा हुई। इस मौके पर जाने-माने हृदयरोग विशेषज्ञ सीएन मंजूनाथ ने एक व्याख्यान के दौरान जिन चार खतरों का जिक्र किया, उसमें अकेलेपन और बेरोजगारी को सबसे बड़ा खतरा माना गया।

उन्होंने बताया कि आज किस प्रकार मोबाइल फोन, इंटरनेट और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव तथा अन्य कारणों से लोग अकेलेपन का शिकार हो रहे हैं। मंजूनाथ के मुताबिक मोबाइल-इंटरनेट के बढ़ते चलन से देश में हर सात में से एक व्यक्ति स्क्रीन एडिक्शन (लत) से जूझ रहा है।

घंटों मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन से चिपके रहने के कारण लोगों में अकेलेपन का एहसास बढ़ रहा है। वे अपनी समस्याएं किसी से साझा नहीं करते हैं। इससे तनाव और उच्च रक्तचाप की शिकायत सामने आ रही है, जो अंतत: हार्ट अटैक का कारण बन रही। पानी और मौसम से जुड़े संकट को दूसरा बड़ा खतरा बताया गया, जबकि तीसरे बड़े खतरे के रूप मे कमजोर अर्थव्यवस्था का उल्लेख किया गया। जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों को चौथा बड़ा खतरा करार दिया गया।

Post Author: thesundayviews

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