कश्मीर और हिमाचल में भारी बर्फबारी, वैष्णो देवी की हेलीकॉप्टर सेवा दूसरे दिन भी स्थगित

पहाड़ों पर बर्फबारी से कांपे मैदान, अगले दो दिन तक ऐसा रहेगा मौसम 

सीमा स्थित इलाके में पांच फुट तक बर्फ

नैनीताल : मुक्तेश्वर में बर्फबारी के बाद शून्य डिग्री पहुंचा पारा

मनाली में 12 सेमी बर्फबारी

श्रीनगर

कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार को भारी बर्फबारी हुई। घाटी में बर्फबारी के कारण श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग और मुगल रोड को बंद कर दिया गया है। वहीं हिमाचल प्रदेश में गत दो दिन से लगातार हो रही बारिश और बर्फबारी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। घाटी में शुक्रवार को सीजन की तीसरी बर्फबारी हुई। जम्मू एवं कश्मीर के मैदानी इलाकों में जहां मध्यम बर्फबारी हुई, वहीं ऊंची जगहों पर भारी बर्फबारी देखी गई। लद्दाख के द्रास और कारगिल में भी भारी बर्फबारी हुई। मौसम  विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि मौसम में शनिवार को सुधार होगा, लेकिन इससे पहले छिटपुट स्थानों पर बारिश अथवा हिमपात हो सकता है।

जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के जवाहर टनल पर भी बर्फबारी हो रही है। लगातार बारिश और बर्फबारी से हुए भूस्खलन और पत्थरों के गिरने के कारण राजमार्ग अवरुद्ध हो गया है। गुरुवार शाम से ही रास्ते पर परिवहन व्यवस्था रोक दी गई। वहीं पुलिस अधिकारी ने कहा, भूस्खलन और पत्थरों के गिरने के कारण राजमार्ग तीन जगहों से अवरुद्ध हो गया है। उन्होंने आगे बताया, राजमार्ग पर कई ट्रक फंस गए हैं।

जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में त्रिकुटा पहाड़ियों में बारिश और ताजा हिमपात के कारण कोहरे की वजह से लगातार दूसरे दिन भी कटरा से सांझी छत के बीच हेलीकॉप्टर सेवा स्थगित रही। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि भैरों घाटी की यात्रा को भी रोक दिया गया है। प्रवक्ता के मुताबिक नियंत्रण रेखा के समीपस्थ इलाकों तथा उत्तरी कश्मीर में ऊपरी स्थानों पर दो से पांच फुट बर्फ पड़ी हैं। विश्व प्रसिद्ध हेल्थ रिसोर्ट पहलगाम, अमरनाथ  यात्रा मार्ग पर शेषनाग, पिस्सू टॉप, पंजतरणी तथा अंतिम पड़ाव स्थल चंदनबाड़ी के अलावा दक्षिणी कश्मीर के शोपियां, अनंतनाग, हरपोरा, कोकरनाग और देकसुम में भारी हिमपात  हुआ। बर्फबारी और घने कोहरे के चलते श्रीनगर से छठे दिन भी सभी उड़ानें रद्द रहीं। कश्मीर-लद्दाख हाईवे भी बर्फबारी के कारण बंद हो गया है।

हिमाचल प्रदेश में गत दो दिन से लगातार हो रही बारिश और बर्फबारी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। ऊंची पहाड़ियों में ताजा बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में झमाझम बारिश हो रही है। पहाड़ियों पर ताजा बर्फबारी से पूरे प्रदेश में शीत लहर चल रही है। कई जगहों पर तापमान शून्य से नीचे आ गया है। दर्जनों सड़कें बर्फबारी के कारण बंद है।

मनाली में 12 सेमी, कल्पा में 23 सेमी, लाहौल स्पीति के केलॉग में 12.5 सेमी बर्फबारी हुई है। पर्यटन स्थल कुफरी और नारकंडा में हिंदुस्तान तिब्बत राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों के आवागमन में 20 से 30 सेमी बर्फबारी हुई। वहीं कुल्लू जिला के कई गांवों में बिजली गुल होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।उत्तराखंड के उत्तरकाशी और ऊखीमठ में गत दो दिन से हो रही बारिश और बर्फबारी से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बर्फबारी के चलते गंगोत्री, यमुनोत्री हाईवे सहित उत्तरकाशी-लम्बगांव मोटर मार्ग समेत एक दर्जन से अधिक मोटर मार्ग  बंद हो गए हैं। रुद्रप्रयाग के ऊखीमठ के अलावा चोपता, देवरियाताल, सारी, रांसी, पैंज आदि पर्यटक स्थलों में भी जमकर बर्फबारी हो रही है।

उत्तरकाशी जिले में गत गुरुवार सुबह से बारिश व बर्फबारी का सिलसिला जारी है। निरंतर हो रही बारिश व बर्फबारी के कारण एक हजार फीट तक की ऊंचाई पर बसे गांव बर्फ से ढक गए हैं। बर्फबारी के चलते गंगोत्री हाईवे गंगनानी, सुक्की टॉप, हर्षिल, धराली से गंगोत्री तक जगह-जगह बंद है। जबकि यमुनोत्री हाईवे  राड़ी टॉप, गिनोटी, ओरछा बैंड के फूलचट्टी से जानकी चट्टी में तथा उत्तरकाशी- लम्बगांव श्रीनगर मोटर मार्ग मायाली व चौरंगीखाल के पास बंद है। जिससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है।

उधर, बर्फबारी का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पर्यटक तुंगनाथ घाटी के देवरियाताल व मिनी स्विट्जरलैंड चोपता, दुगलबिट्ठा की ओर पहुंच रहे हैं। जिससे स्थानीय व्यवसायियों के चेहरे खिले हुए हैं। स्थानीय व्यवसायी  भूपेंद्र भट्ट व सुनील सिंह ने बताया कि बर्फबारी से पर्यटकों के आने की पूरी उम्मीदें हैं और पर्यटकों की एडवांस बुकिंग आनी शुरू हो गई है। उन्होंने बताया कि लगभग 20 से 25 वर्ष बाद दिसंबर माह के शुरुआत में इतनी भारी बर्फबारी हुई है। चोपता व देवरियाताल में लगभग एक से डेढ़ फीट से ज्यादा बर्फबारी हो चुकी है। लगातार बर्फबारी के कारण कुण्ड चमोली राजमार्ग से दुगलबिट्ठा चोपता जाने वाले पर्यटको के वाहन पिंगलापानी से आगे नहीं जा पा रहे हैं।


कुमाऊं के पर्वतीय जिलों में शुक्रवार को भारी बर्फबारी और दिनभर रुक-रुककर हुई बारिश से ठंड बढ़ गई है। शुक्रवार को पिथौरागढ़ जिले में मुनस्यारी सबसे ठंडा रहा, जहां तापमान माइनस दो डिग्री पहुंच गया। इसके अलावा नैनीताल, रानीखेत, कौसानी, बिनसर, मुक्तेश्वर, जागेश्वर में मौसम का पहला हिमपात हुआ, जहां पारा शून्य डिग्री रिकार्ड किया गया। कुमाऊं के पर्वतीय जिलों में शुक्रवार को पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, चम्पावत और नैनीताल में पारा लुढ़ककर पांच डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया। मैदानी इलाकों में भी लोग शीत लहर से कंपकंपा उठे। ऊधमसिंह नगर जिले में खटीमा का न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री रिकार्ड किया गया।

पिथौरागढ़ जिले में भारी बर्फबारी के कारण जिले का न्यूनतम तापमान -2 डिग्री रहा। सबसे अधिक ठंड मुनस्यारी में रिकार्ड की गई, यहां न्यूनतम पारा माइनस दो और अधिकतम 8 डिग्री पहुंच गया। पिथौरागढ़ में चंडाक, थलकेदार सहित ऊंची चोटियों ने बर्फ की चादर ओड़ ली है। वहीं, पिथौरागढ़-घाट मोटर मार्ग दिल्ली बैंड के पास चट्टान गिरने से बंद हो गया।नैनीताल जिले में सालों बाद दिसंबर के पहले पखवाड़े में हिमपात हुआ। शुक्रवार को नैनीताल का अधिकतम तापमान 4 और न्यूनतम 1 डिग्री रहा, जबकि मुक्तेश्वर में अधिकतम 2 और न्यूनतम शून्य डिग्री रिकार्ड किया गया।

चम्पावत जिले में शुक्रवार को पहली बर्फबारी के बाद देवीधुरा, पाटी और मायावती आश्रम बर्फ से लकदक हो गया। देवीधुरा के केदारनाथ भैसर्ख पखोटि कनबाड में 4 इंच तक बर्फ गिरी। वहीं जिले के तराई-भाबर क्षेत्र में भी बारिश के बाद ठंड बढ़ गई। चम्पावत मुख्यालय में न्यूनतम तापमान 2.60 डिग्री और अधिकतम 11 डिग्री दर्ज किया गया।

Post Author: thesundayviews

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