नोयडा एसपी के रिपोर्ट में हुआ सनसनीखेज खुलासा- फर्जी मस्टर रोल बनाने में पूर्व कमांडेंट के साथ शामिल हैं उसके कई अवैतनिक गुर्गे

कलंक गाथा : गौतमबुद्धनगर नोयडा में होमगार्ड के पूर्व कमांडेंट ने फर्जी मस्टर रोल बनवाकर डकारे लाखों रुपए

नोयडा के एसपी,विनीत जायसवाल ने शासन को भेजी रिपोर्ट,रिपोर्ट में हुआ सनसनीखेज खुलासा

फर्जी मस्टर रोल बनाने में पूर्व कमांडेंट आर के चौरसिया के साथ शामिल हैं उसके कई अवैतनिक गुर्गे

मुख्यालय पर तैनात एसएसओ सुनील कुमार अपनी टीम के साथ जांच के लिए नोयडा में डाल रखा है डेरा

आर के चौरसिया प्रमोशन पाकर बने अलीगढ़ के मंडलीय कमांडेंट…

सवाल : देखना है चेतन चौहान भ्रस्टाचारियों पर कार्रवाई कर पेश करते हैं मिसाल या पूर्व मंत्री की तरह साधते हैं चुप्पी

शेखर यादव

इटावा। गौतमबुद्धनगर (नोयडा) में होमगार्ड विभाग के पूर्व कमांडेंट आर के चौरसिया ने भ्रस्टाचार की ऐसी गाथा लिखी की जिसे सुनकर जीरो टालरेंस की बातें करने वाली योगी सरकार शर्मशार हो जाए। मंडल के सभी थानों और यातायाता में फर्जी मस्टर रोल बनाकर कमांडेंट के गुर्गों ने ऐसा खेल खेला कि होमगार्ड विभाग में कलंक गाथा की सबसे बड़ी स्टोरी बन गयी। बताया जाता है कि कमांडेंट की शह पर उनके वसूली मैन की महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले अवैतनिक पीसी,सीसी व बीओ सभी थानों पर तैनात जवानों की ड्यूटी लगाने के नाम का मस्टर रोल बनाते थे। ओरिजनल मस्टर रोल पर थाने के प्रभारी का हस्ताक्षर करवाकर मुहर लगवा लेते थे। बाद में इस मस्टर रोल को फाडक़र दूसरा फर्जी मस्टर रोल तैयार किया जाता था। इनलोगों के पास थाने का मुहर होता है और प्रभारी का फर्जी हस्ताक्षर करने के बाद जो मस्टर रोल बनता था उसे कमांडेंट को सौंप देते थे।

 

अब,कमांडेंट फर्जी मस्टर रोल में दर्ज नाम वाले जवानों की सूची बैंक को सौंप देता था जिसके बाद होमगार्डों के एकाउंटर में पैसा चला जाता था। एकाउंट में पैसा आने के बाद कमांडेंट के गुर्गे जवानों से तय रकम वसूल लेते थे। यानि,गौतमबुद्ध नगर नोयडा में 800 जवानों की ड्यूटी के हिसाब से अंदाजा लगा सकते हैं कि यहां पर पूर्व कमांडेंट की स रपरस्ती में कितना बड़ा रैकेट चल रहा था। खैर,इस बात की भनक वहां के ईमानदार एसपी एसपी विनीत जायसवाल को लगी।

उन्होंने सभी थानों से रिपोर्ट मांगी तो उनके भी होश फाख्ता हो गए। उन्होंने जब जांच प्रक्रिया तेज की तो कमांडेंट के भरोसेमंद गुर्गे उन तक सौदेबाजी की बात पहुंचायी। एसपी द्वारा फटकार के बाद कमांडेंट ने लखनऊ में तैनात एक बड़े पुलिस अधिकारी जो एसपी के करीबी हैं उनसे दबाव डलवाया लेकिन कोई काम नहीं बना। एसपी श्री जायसवाल ने डयूटी के नाम पर हो रहे भ्रस्टाचार के बारे में पूरा काला-चिटठा लिखकर शासन को अपनी रिपोर्ट भेज दी।

इस बात का खुलासा द संडे व्यूज़ व इंडिया एक्सप्रेस न्यूज़ ने गत 1 नवंबर को ही कर दिया था। शासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच बिठा दी और इसी परिपेक्ष्य में होमगार्ड मुख्यालय पर तैनात सीनियर स्टॉफ अफसर सुनील कुमार सहित एक टीम नोयडा में डेरा डाले हुए हैं। खास बात यह है कि अब गेंद मुख्यालय पर तैनात अफसरों के पाले में है। यदि जांच ईमानदारी से हुयी तो पूर्व कमांडेंट जो वर्तमान में भ्रस्टाचार करने के बाद भी प्रमोशन पाकर अलीगढ़ के मंडलीय कमांडेंट बन गए हैं, इनकी नौकरी गयी…।

 

होमगार्ड विभाग के अधिकारी जवानों को ईमानदारी और अनुशासन में रहने का पाठ पढ़ाते हैं, यदि जवान अनुशासनहीनता करे या पूरी ईमानदारी से अपनी ड्यूटी ना करें तो उस पर सख्त कार्रवाई करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। जवानों ने बताया कि कमांडेंट द्वारा दिए गए नोटिस में यह लिखा होता है कि आपके इस कार्य से विभाग की छवि धूमिल हो रही है और उसके बाद उनका निलंबन कर दिया जाता है।
इसी कड़ी में द संडे व्यूज व इंडिया एक्सप्रेस न्यूज़ आज गौतम बुद्घ नगर के कमांडेंट राम नारायण चौरसिया के भ्रष्टाचार का खुलासा करने जा रहा है।

इस खेल का खुलासा गत 1 नवंबर को ही कर दिया था। अब शासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है इसलिए बता दूं कि मुख्यालय से गए अधिकारियों की जांच रिपोर्ट जो भी आए लेकिन यहां पर हुए फर्जीवाड़ से सभी को पहले से ही अवगत करा देता हूं।  विभागीय सूत्रों ने बताया की गौतमबुद्धनगर, नोयडा के पूर्व कमांडेंट राम नारायण चौरसिया ने गौतम बुद्ध नगर से अपने वसूली मैनों की मदद से फ र्जी मस्टर रोल बनवा कर लगभग 20,00000 रुपए महीने की कमाई करते रहें।

बताया जाता है कि इस काली कमाई का आधा हिस्सा यानि लगभग 10 लाख रुपए महीना कमांडेंट की जेब में जाता था। और 10 लाख रुपए का बंटवारा …। जब इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ तो इसकी जांच एसपी,सिटी विनीत जायसवाल ने की और अपनी जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी। बताया जाता है कि एस. पी. विनीत जायसवाल को मनाने के लिए भ्रष्ट अधिकारियों द्वारा बहुत प्रयास किए लेकिन उन्होंने एक ईमानदार अधिकारी होने की वजह से भ्रष्टाचारियों द्वारा पेश की गयी ऑफर को ठुकरा दिया। उल्टे श्री जायसवाल ने अपनी सही रिपोर्ट बनाकर शासन को दी जिसमें कमांडेंट राम नारायण चौरसिया द्वारा सभी थानों मसलन थाना सेक्टर 20,सेक्टर 58, सेक्टर 49, सेक्टर 24, फेस 2 थानों में यातायात में लगाए जाने वाले होमगार्डों से की जाने वाली वसूली की विस्तृत रिपोर्ट भेजी है।

बताया जाता है कि गौतमबुद्ध नगर के सभी थानों से फर्जी मस्टर रोल बनाने की लंबे समय से शिकायतें मिल रही थी। एस.पी. श्री जायसवाल ने जब जांच की तो पाया कि कमांडेंट के गुर्गे जो डयूटी लगाते थें और मस्टर रोल बनाने थे,सभी ने ऐसे जवानों का नाम भर कर प्रति माह लाखों रूपए सरकारी खजाने से निकालते रहें जिन्होंने डयूटी की ही नहीं। इतना ही नहीं, दो मस्टर रोल बनाए जाते थें और एक पर थाना प्रभारी का हस्ताक्षर कराते थे और दूसरे मस्टर रोल से पूरा खेल खेलते थे

होमगार्ड मुख्यालय लखनऊ से वरिष्ठ स्टाफ अधिकारी सुनील कुमार सिंह अपनी टीम के साथ जांच के लिए गौतमबुद्ध नगर पहुंचे हुए हैं। अब देखना यह है कि होमगार्ड मुख्यालय की टीम अपनी जांच ईमानदारी से करते है या यह जांच भी फाइलों में दफन हो जाती है। क्योंकि , इस विभाग में तथाकथित भ्रष्ट अधिकारियों का बोलबाला कायम है। अहम सवाल यह भी है कि होमगार्ड मंत्री चेतन चौहान इन भ्रष्टाचारियों पर कोई कार्यवाही करते हैं या फि र पूर्व मंत्री अनिल राजभर की तरह लाचार नजर आते हैं।

Post Author: thesundayviews

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