अयोध्या मामले में अदालती फैसले से पहले मोहसिन रजा ने धर्मगुरुओं से की मुलाकात

लखनऊ।

अयोध्या के मंदिर-मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आने से पहले बुधवार को प्रदेश सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री मोहसिन रजा ने बुधवार को शिया धर्मगुरु और इमाम-ए-जुमा मौलाना कलबे जव्वाद, मौलाना हमीदुल हसन, मौलाना सलमान नदवी और शाहमीना शाह दरगाह के ट्रस्टी मौलाना राशिद अली मीनाई से मुलाकात की।

इस दौरान उन्होंने सभी धर्मगुरुओं से अयोध्या मामले पर आने वाले फैसले के पहले और बाद में समाज में आपसी भाईचारा और सद्भाव बनाए रखने की अपील की। धर्मगुरुओं ने पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया। इमाम ईदगाह और आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड की कार्यकारिणी के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली से मुलाकत के दौरान मोहसिन रजा ने कहा कि फरंगीमहल से हमेशा एकता का पैगाम निकला है। मोहसिन रजा ने कहा कि अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का जो फैसला आने वाला है उसके मद्देनजर न सिर्फ प्रदेश में बल्कि पूरे देश में अमन बना रहे। जो भी फैसला आये हम उसे पारस्परिक सहमति से स्वीकार करें।

मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला आए हम सब मुल्क के कानून और अदालत का सम्मान करते हुए उसे स्वीकार करें। मौलाना ने कहा कि इस फैसले पर हम सबको चाहिए कि किसी भी तरह का विरोध या नकारात्मक टीका टिप्पणी और नारेबाजी न की जाए।

इस मुलाकात के दौरान आपसी बातचीत और सुलह से अयोध्या मामले का समाधान करने की पुरजोर वकालत करने वाले मौलाना सलमान नदवी ने कहा कि कोई भी मसला हो मस्जिद का हो, मंदिर का हो पर्सनल ला का हो उसे आपस में मिलकर हल करने की कोशिश जरूर करनी चाहिए। शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कि हमारा मुल्क आपसी भाईचारे और सद्भाव के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। अयोध्या पर जो भी फैसला आए हम सबको उसे खुशदिली के साथ स्वीकार करना चाहिए। इस फैसले पर किसी भी तरह की ऐसी प्रतिक्रिया न दी जाए जिससे किसी दूसरे समुदाय को तकलीफ पहुंचे। उन्होंने कहा कि देश में अधिकांश लोग अमन और सद्भाव ही चाहते हैं।

Post Author: thesundayviews

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