स्पीक एशिया,राम सर्वे,एडीवीयूवी सर्वे कंपनी से लाखों को ठगा,फिर शाईन सिटी से बना महाठग

उत्तर प्रदेश,बिहार,नेपाल,राजस्थान और दिल्ली के हजारों बेगुनाहों को करोड़पति बनाने का सपना दिखाकर खुद अरबपति बनने वाले एक शख्स की दास्तां आप सबके बीच द संडे व्यूज़ और इंडिया एक्सप्रेस न्यूज़ रखने जा रहा है। इसके बाद आप ही लोग बताएं कि इस शख्स को क्या नाम दिया जाए,उसे किस नाम से सम्मान दिया जाए… फ्राड,महाफ्राड या सत्ता और सरकार को अपनी शातिराना चाल से ठगने वाला शातिर महाठग…। जी हां,हम बात कर रहे हैं उस महाठग की जिसने लाखों लोगों के सपनों को ध्वस्त कर खुद तो बन बैठा अरबपति… नाम है राशिद नसीम जो शाईन सिटी नाम से कंपनी चलाता है। लेेकिन उसके शातिराना स्पप्न हो ध्वस्त कर हिन्दुस्तान से बाहर भागने पर मजबूर करने वाले शख्सियत का नाम है हाईकोर्ट के एडवोकेट सत्येन्द्र नाथ श्रीवास्तव। पेश है श्री श्रीवास्तव की रिपोर्ट जिसमें उन्होंने राशिद नसीम के अर्श से लेकर महाठग बनने की दास्तां एक सीरिज के रूप में पेश कर रहे हैं। हालांकि एडवोकेट श्री श्रीवास्तव ने भी ठान ली है कि बेगुनाहों को ठगने वाले राशिद नसीम जहन्नुम में भी चला जाए उसे ढूंढकर हिन्दुस्तान की जेल में ठूंस कर ही मानूंगा। पेश है स्पेशल रिपोर्ट…

स्पीक एशिया,राम सर्वे,एडीवीयूवी सर्वे कंपनी से लाखों को ठगा,फिर शाईन सिटी से बना महाठग

गोमतीनगर थाने की पुलिस और सीओ को पहुंच जाता था रहस्यमयी ब्रिफकेस

होटल ताज में चौकी इंचार्ज को राशिद कराता था लंच और देता था भारी-भरकम लिफाफा

                                          पार्ट 1

सत्येन्द्र नाथ श्रीवास्तव

लखनऊ। ध्यान से देखिए, इस जालसाजी के आरोपी का नाम राशिद नसीम है। राशिद नसीम मूलरूप से इलाहाबाद के सिविल लाइन्स का रहने वाला है। राशिद पर बड़े- बड़े सपने दिखाकर लोगों को ठगने का आरोप है। एसएसपी के नाम दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि राशिद ने स्पीक एशिया, रामसर्वे और एडीवीयूवी सर्वे कंपनी के नाम पर लोगों को करोड़ों का चूना लगाया। राशिद पर दिल्ली व बनारस में भी लोगों को ठगने का आरोप है।

शिकायतकर्ता के मुताबिक दिल्ली में वजीरपुर डिपो के पास नेताजी सुभाष प्लेस अग्रवाल बिल्डिंग 11वें फ्लोर पर पोर्ट फ ॉर शाप के नाम से इसका दफ्तर था, जबकि इलाहाबाद में सर्किट हाउस के पास अशोक नगर में सच्चा विहार कॉलोनी में इसका दफ्तर था। राशिद नसीम के खिलाफ करैली थाना में मामला दर्ज है। मामले की जांच चली और सेट हो गई। यह सामने आया है कि दिखावे के लिए कुछ एकड़ जमीन खरीद लेता है और फि र बड़ी टाउनशिप बताकर लोगों को बेचता है। अब टार्गेट पर कुछ पुलिस वाले हैं जिन्होने घूस लेकर राशिद के खिलाफ मामलो की रेड़ पीट दी। राशिद की तलाश हो रही है। रुपये के लेन-देन की भी शिकायत है।

अधिसंख्य लोगों ने जब शाईन सिटी में लूटने की शिकायत करने लगें तो मेरा माथा ठनका। मैंने जब तहकीकात की तो मालूम चला कि जमीन के नाम पर ठगने वाला नया ठग लखनऊ में आ गया है। राशिद ने हजारों बेगुनाहों को सपना दिखाकर उनके स्वप्न को ध्वस्त करने का काम किया। तभी मैंने तय कर लिया कि राशिद नसीम और उसकी कम्पनी के लूट को सबके सामने लाने का काम करूंगा। सैकड़ों एफआईआर करा कर लोगों का डूबा पैसा निकाला। पुलिस द्वारा कितनी घूस खाई जांच का विषय है।

प्रशासन कहता है कि राशिद नसीम के खिलाफ आई शिकायत की जांच की जा रही है। अभी आरोपितों से संपर्क नहीं हो पाया है। जल्द ही पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय से उसके बारे में जानकारी की जाएग। ये बयान किसी और का नहीं बल्कि सीओ, गोमती नगर का था। अब किसे ब्रीफ केस मे कितने लाख मिले कौन जाने।

राशिद कहता था मैंने कोई टाउनशिप बनाने का विज्ञापन नहीं दिया है। सीतापुर रोड और नगराम रोड के पास जमीन की प्लॉटिंग करके बेच रहा हूं। दो दिन के लिए मैं शहर में नहीं था। हो सकता है कि मेरे मातहतों ने बिना जानकारी के इस तरह का प्रचार कर दिया हो। यह राशिद नसीम का स्टेटमेन्ट है। प्लॉटिंग के लिए जिला पंचायत के यहां अर्जी दे रखी है। स्पीक एशिया के जाने के बाद दूसरे लोगों की तरह प्रवर्तन निदेशालय ने मेरे और मेरे भाई की जांच की थी। राशिद कहते है करैली थाने में रिपोर्ट दर्ज होने की जानकारी मुझे नहीं है जबकि इस रिपोर्ट के बाद उनके पिता ने उन्हे बेदखल कर दिया। राशिद का कहना है मेरे ऊपर लगे आरोप गलत हैं।

राशिद नसीम, शाइन सिटी का मालिक है जो राजधानी में किश्तों में सस्ते आशियाने का सपना दिखाकर ठगने का धंधा जोरों पर चला रहा है। इलाहाबाद व दूसरे शहरों में करोड़ों की ठगी का आरोपी बिल्डर राजधानीवासियों को शहर से बाहर सस्ती टाउनशिप का सपना दिखा रहा है। हैरत की बात है कि बिल्डर और उसकी टाउनशिप के बारे में पूरे शहर में प्रचार- प्रसार हो रहा है। पंपलेट बंट रहे थे, होर्डिंग लगे थे। लेकिन बिल्डर का कहना है कि उसे इस टाउनशिप के बारे में जानकारी नहीं है। बिल्डर के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय भी जांच कर रहा है।

आरोप है कि बिल्डर ने स्पीक एशिया समेत दूसरी ऑनलाइन सर्वे कंपनियों के नाम पर लोगों को करोड़ों का चूना लगाया था। कुछ लोगों ने इस बिल्डर के खिलाफ डीजीपी ऑफि स में शिकायत की। सीओ गोमतीनगर को मामले की जांच सौंपी गई थी। अब आप जानते ही हैं कि जब खाकी को रहस्यमयी ब्रिफकेस मिले तो वो किसका पक्ष लेगा…। फरियादियों को गोमतीनगर थाने से भगा दिया जाता था क्योंकि पुलिस वालों की नजरों में राशिद नसीम ही सब कुछ था।

Post Author: thesundayviews

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