पूर्वांचल के माफिया के बीच गैंगवार की आशंका

जेल में बंद कुख्यात और पूर्व सांसद की भूमिका की जांच

वाराणसी 
वाराणसी की सदर तहसील परिसर में हिस्ट्रीशीटर निशांत सिंह उर्फ बबलू की हत्या के बाद पूर्वांचल में माफिया गिरोह के बीच गैंगवार की आशंका बढ़ गई है। इसे लेकर पुलिस अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है। तफ्तीश कर रही पुलिस टीमों के अनुसार, वाराणसी के रहने वाले पूर्वांचल के चर्चित एक लाख के इनामी बदमाश को छिपने के लिए बबलू स्थान उपलब्ध कराता था। मारे जा चुके मुन्ना बजरंगी के करीबी लखनऊ निवासी पुलिस अफसर के बेटे के लिए डॉक्टरों और बिल्डरों से धन उगाही के साथ ही उन्हें संरक्षण देने का काम भी बबलू करता था। इस वजह से बजरंगी के लखनऊ निवासी करीबी के विरोधियों को बबलू खटकने लगा था।
जिन लोगों को बबलू खटकता था, उन्होंने उसे बुला कर अपने पाले में करने की कोशिश की और कई बार बनारस से लेकर लखनऊ तक पंचायत भी हुई, लेकिन उसने एक न सुनी। इस वजह से उसे रास्ते से हटाने की योजना सुनियोजित तरीके से बनाई गई और उपयुक्त स्थान व समय देख कर उसकी हत्या कराई गई। बबलू का नाम पहली बार चर्चा में 2002 में सारनाथ थाने में हत्या के प्रयास के मामले में सामने आया था।इससे पहले उसके खिलाफ 2000 में मारपीट, धमकाने सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया था।
2007 में डॉ. शिल्पी राजपूत के पति डॉ. डीपी सिंह की हत्या के बाद बबलू की जरायम जगत में पैठ बढ़ती चली गई और वह पूर्वांचल के एक चर्चित माफिया के धुर विरोधी बदमाश के करीबी और शरणदाता के तौर पर पहचाना जाने लगा।
2018 में बागपत जेल में मारे गए मुन्ना बजरंगी के लखनऊ निवासी करीबी से भी बबलू की निकटता बीते एक साल से बढ़ती ही चली जा रही थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बबलू की जान या तो मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद पूर्वांचल के जरायम जगत में बने नए समीकरणों की भेंट चढ़ी है या फिर इसकी आड़ में पुरानी रंजिश में किसी ने प्रोफेशनल शूटर से उसकी हत्या करा कर अपना बदला लिया है।
तफ्तीश में यह बात भी सामने आई कि डॉ. डीपी सिंह हत्याकांड में शामिल रहा एक कुख्यात शूटर इन दिनों बांदा जेल में बंद है। वह बदमाश एक अरसे से पुराने संबंधों का हवाला देकर बबलू से जेल और गुर्गों के खर्चे के लिए रुपये मांग रहा था।

इसे लेकर उसमें और बबलू के बीच कई बार नोकझोंक भी हो चुकी थी। उसके गिरोह के कुछ शूटर हाल ही में गाजीपुर सहित अन्य जेलों से जमानत पर बाहर आए हैं। इसकी पुष्टि होने पर पुलिस ने बांदा जेल में निरुद्ध बदमाश की भूमिका की तफ्तीश भी शुरू कर दी है। इसके अलावा पुलिस बबलू की हत्या में पूर्वांचल के आपराधिक पृष्ठभूमि वाले एक पूर्व सांसद की भूमिका की भी जांच भी कर रही है।

बबलू के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल से पुलिस को कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस के अनुसार, वह रोजाना जरायम जगत के कई चर्चित लोगों के संपर्क में रहता था। इसके अलावा वरुणा पार के कुछ डॉक्टरों और बिल्डरों से भी उसकी नियमित बातचीत होती थी। पुलिस के अनुसार, कॉल डिटेल से मिले तथ्य आगामी दिनों में मुकदमे की विवेचना में काफी महत्वपूर्ण साबित होंगे।

Post Author: thesundayviews

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