लखनऊ मेें ईवीएम पर उर्दू में नाम नहीं होने से चुनाव रद्द करने की मांग।

दिल्ली ब्यूरो:- लखनऊ में बीते दिन, बेगम हजरत महल सोसाइटी ने ईवीएम में प्रत्याशियों का नाम हिन्दी के साथ-साथ उर्दू में न होने के कारण चुनाव रद्द करने की मांग की है। सोसाइटी ने सोमवार को प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकरी को ज्ञापन भी सौंपा।

सोसाइटी के चेयरमैन अब्दुल नसीर नासिर और सचिव अब्दुल सत्तार ने ज्ञापन में कहा है कि जब यूपी में उर्दू को दूसरी सरकारी भाषा का दर्जा मिला हुआ है तब भी ऐसी नाइंसाफी क्यों । इस कानून पर सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक बेंच ने भी सर्वसम्मति से अपनी मुहर लगाई थी और उनके हिसाब से इन् एलेक्शंस में इस बात का ख़ास तोर पर ध्यान रखा जाना चाहिए था।

जिस तरह गुजरात में वहां की राज्य भाषा गुजराती, महाराष्ट्र में मराठी और पश्चिम बंगाल में बांग्ला में भी उम्मीदवारों के नाम लिखे जाते हैं, उसी तरह यूपी में हिन्दी के साथ उर्दू में भी प्रत्याशियों का नाम लिखा होना चाहिए था। उन्होंने कहा है कि उर्दू में प्रत्याशियों का नाम न होने से उर्दू मातृ भाषी जनता सही तौर से अपना वोट नहीं दे पाई और इसलिए इस तरह की वोटिंग मान्य नहीं रखनी चाहिए।

Post Author: thesundayviews

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