होमगार्ड को कंटाप जड़ने वाले एसडीएम के खिलाफ अभी तक कार्रवाई क्यों नही हुई?

चुनाव आयोग ने जब योगी,मायावती,मेनका गांधी को उल्लंघन करने पर नहीं बख्शा तो एसडीएम क्यों बचा...
चुनाव आयोग के आदेश का पालने करने वाले होमगार्ड जगदीश को सैल्यूट
मतदाताओं की निगाहें होमगार्ड राज्य मंत्री,चुनाव आयोग व डीएम बिजनौर पर टिकी

संजय पुरबिया
लखनऊ। चुनाव आयोग के आदेश को ईमानदारी से मानना क्या गुनाह है? जब आचार संहिता का उल्लंघन करने पर चुनाव आयोग ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ,बसपा सुप्रीमो मायावती सहित केन्द्रीय मंत्री मेनका गांधी के को नहीं बख्शा तो होमगार्ड जगदीश को कंटाप मारने वाले एसडीएम घनश्याम वर्मा के खिलाफ अभी तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई? होमगार्ड भी तो चुनाव आयोग के आदेश के तहत ईवीएम उठाने से मना किया था…। अब बात होमगार्ड विभाग वर्सेज एडमिनिस्ट्रेशन की है। देखना है कि होमगार्ड विभाग के मंत्री जगदीश को इंसाफ दिलाकर जवानों को भरोसा जीत पाते हैं या एक बार फिर ये विभाग शर्मसार होगा। मेरा मतदाताओं से सवाल है कि क्या ईमानदार होमगार्ड को इंसाफ मिलना चाहिए या नहीं? क्या चुनाव आयेाग को बेअंदाज एसडीएम के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना चाहिए या नहीं? सभी की निगाहें चुनाव आयोग,मंत्री होमगार्ड और बिजनौर के डीएम पर लगी है…।

बता दें कि बिजनौर में वर्धमान कालेज से बुधवार को पोलिंग पार्टियों को नगीना लोकसभा सीट के लिए रवाना किया जा रहा था। उस दौरान एसडीएम घनश्याम वर्मा ने होमगार्ड जगदीश को ईवीएम मशीन उठाने के लिए कहा,उसने ईवीएम मशीन उठाने से मना कर दिया। इस पर गुस्साए एसडीएम ने होमगार्ड को एक कंटाप जड़ दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने होमगार्ड का ड्यूटी कार्ड भी झपट लिया। ये देख वहां मौजूद होमगार्ड और पुलिसकर्मियों ने इसका विरोध किया। बताया जाता है कि उस दौरान वहां पर मौजूद होमगार्ड, पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी आमने- सामने आ गये। वहीं हंगामा होने पर आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और होमगार्डो को समझाने का प्रयास किया। इस घटना के बाद पुलिस कर्मियों और एसडीएम में नोकझोंक हो गई। पूरा मामला जिला अधिकारी के पास पहुंच गया है।

खास बात यह है कि चुनाव आयोग को सख्त निर्देश है कि कोई भी वर्दीधारी ईवीएम को हाथ नहीं लगाएगा। सबसे पहले इसकी जानकारी प्रशासनिक एवं पुलिस विभाग के अफसरों को दी जाती है। अफसर इस बात की घुट्टी अपने मातहतों को पिलाते हैं। जब इस आदेश की जानकारी एसडीएम को थी तो उन्होंने होमगार्ड को ईवीएम उठाने के लिए क्यों कहा? एसडीएम की सबसे बड़ी गल्ती तो है ही,उसके बाद उन्होंने होमगार्ड को थप्पड़ जड़ दिया। क्या होमगार्डों की कोई इज्जत,मान नहीं है। मुझे तो यह कहते हुए शर्म महसूस हो रही है कि चुनाव आयोग के आदेश की धज्जियां उड़ाने वाले एसडीएम को आखिर अभी तक दुल्हे की तरह सम्मान क्यों दिया जा रहा है। उसे क्यों नहीं सस्पेंड किया गया?

सैल्यूट करता हूं होमगार्ड जगदीश को,जिसने चुनाव आयोग के आदेश का पालन करने के लिए एसडीएम को ना कहने की हिम्मत दिखाई। पीडि़त होमगार्ड जगदीश की माने तो एसडीएम घनश्याम वर्मा ने उनसे ईवीएम मशीन उठाने को कहा था। जबकि चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार कोई भी पुलिसकर्मी के ईवीएम को हाथ तक नहीं लगा सकता है, इसीलिए मैंने मना कर दिया। इस पर सभी होमगार्ड और पुलिस एक साथ हो गये। होमगार्डो ने भी एसडीएम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इतना ही नहीं, इसको लेकर अफ सरों और होमगार्डो में घंटों तक कहासुनी भी हुई है। इस घटना के बाद डीएम सुजीत कुमार ने इस पूरे घटनाक्रम की जांच एक टीम को सौंप दी है।

Post Author: thesundayviews

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