क्रिकेट किट खरीदने के लिए पैसे नहीं थे इसलिए गेंदबाज बना-लुंगी नगिडी

डेब्यू करने वाले नगिडी ने दूसरी पारी में सिर्फ 39 रन देकर 6 विकेट झटके दिल्ली

साउथ अफ्रीका के 21 साल के बॉलर लुंगी नगिडी के इंटरनेशनल टेस्ट करियर की शुरुआत स्वप्न सरीखा है। पिछले महीने मजबूत भारतीय टीम के खिलाफ डेब्यू करने वाले नगिडी ने दूसरी पारी में सिर्फ 39 रन देकर 6 विकेट झटके। इसकी बदौलत साउथ अफ्रीका ने टीम इंडिया को 135 रनों से हराकर टेस्ट सीरीज जीत ली। नगिडी को अपने पहले ही मैच में मैन ऑफ द मैच का अवॉर्ड मिला। हालांकि टेस्ट सीरीज 2-1 से हारने वाली कोहली की टीम ने शानदार वापसी करते हुए अफ्रीकी टीम को वनडे सीरीज में 5-1 से हराया। नगिडी ने वनडे सीरीज के भी हिस्सा थे।

PORT ELIZABETH, SOUTH AFRICA – MARCH 11: Lungi Ngidi of South Africa and AB de Villiers of South Africa walk off during day 3 of the 2nd Sunfoil Test match between South Africa and Australia at St Georges Park on March 11, 2018 in Port Elizabeth, South Africa. (Photo by Ashley Vlotman/Gallo Images/Getty Images)

लुंगी नगिडी ने बताया मेरे घर के सामने एक मैदान था। यहां में हर वीकेंड में अपने पिता के साथ जाता था जहां बच्चों को क्रिकेट खेलते हुए देखता है। आखिरकार मैंने भी खेलने की इच्छा जाहिर की और यहां से मुझे क्रिकेट से प्यार हो गया। मेरे परिजन क्रिकेट किट खरीदने में असमर्थ थे। जब मैं ट्रायल के लिए पहुंचा और जिला प्रतियोगिताओं के लिए चुना गया तो मेरे पास बल्लेबाजी उपकरण नहीं थे। मुझे लगा कि गेंदबाज बनने में अवसर है। यहीं से मैं तेज गेंदबाज बनने की ओर आगे बढ़ा।

घर से दूर रहना, मुझे समझ में आया कि मुझे वास्तव में खेल में आगे बढ़ने का अवसर था। यह उस समय सिर्फ क्रिकेट नहीं था- मैं भी रग्बी खेल रहा था। मैंने अपने दिमाग को तब तक नहीं बनाया था जब तक मैं हाई स्कूल तक नहीं जा रहा था और शायद वह 10 वीं कक्षा में था, मैंने क्रिकेट का पीछा करने का फैसला किया। इन सभी वर्षों के बाद, क्रिकेट ने मुझे मेरे माता-पिता को जोहान्सबर्ग में पहली बार लाने के लिए, एक होटल में रहने और मुझे टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिए देखने का मौका दिया।

घऱ से दूर रहने पर मुझे समझ में आया कि वास्तव में खेल में आगे बढ़ने का अवसर है। उस समय सिर्फ क्रिकेट ही नहीं मैं रग्बी भी खेल रहा है। पहले मुझे पता नहीं था क्या करना है। दसवीं में तय किया कि मुझे क्रिकेट खेलना है। इसके बाद मुझे मेरे माता-पिता को पहली बार जोहान्सबर्ग लाने का मौका मिला, उन्हें होटल में रुकने और मेरा पहला टेस्ट देखने का मौका मिला। बहुत से लोग ऐसा नहीं करते हैं लेकिन क्रिकेट के माध्यम से मैं अपने माता-पिता के जीवन को सुधारने में सक्षम हूं।

मेरे हाईस्कूल के कोच शेन गफ्नी जो अफ्रीकी टीम के सलामी बल्लेबाज टेम्बा बावुमा के भी कोच रह चुके हैं, उन्होंने पहली बार कहा कि मैं देश के लिए खेल सकता हूं। उस समय में सिर्फ 15 साल का था। मैंने उन पर भरोसा किया। उन्होंने भी अपना वादा निभाया। मेरे पहले टेस्ट के दौरान वह स्टेडियम में मौजूद थे।दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों के बीच पहले दिन में मैं नर्वस था। मैं यह सोचने से रोक नहीं सका कि यह मेरी शुरुआत थी। मेरे दिमाग में दो बातें चल रही थी। पहला यह मेरा घरेलू मैदान है जहां मैं टाइटन्स के लिए खेलता हूं और दूसरा यहां हम सीरीज जीत सकते हैं।

मुझे पता था कि दुनिया के नंबर वन बल्लेबाज विराट कोहली के सामने बॉलिंग करते हुए सभी देख रहे हैं। यह मेरे लिए चुनौती थी। मुझे लगा कि इस तरह के अवसर कम ही आते हैं और इसे स्पेशल बनाना चाहिए। हमारे बीच अच्छी प्रतिद्वंदिता हुई। दूसरी पारी में मैं कॉन्फिडेंट था। भीड़ मुझे चीयर कर रही थी। जब मैंने अपना पहला रन बनाया तो दर्शकों की ओर शानदार प्रतिक्रिया मिली। मुझे इसकी उम्मीद नहीं थी और ये मेरे लिए स्पेशल था। मैच के चौथे दिन हमें पता था कि विराट की विकेट हमें एक अच्छी स्थिति में ले जाएगी। हम उस दिशा में काम कर रहे थे। फिर मुझे विराट का विकेट मिला जिससे टीम को काफी ऊर्जा मिली। अगले दिन, मैं वर्नोन (फिलेंडर) से बात कर रहा था और उसने मुझे बताया कि दक्षिण अफ्रीका के लिए जीतने का मौका है। इसलिए मैं कड़ी मेहनत कर रहा था और कुछ विकेट लेने में सफल रहा।

नहीं, मुझे पता था कि मेरे पास मेरा घरेलू टी-20 सीरीज और पहले कुछ अंतरराष्ट्रीय टी-20 मैच अच्छा रहे हैं। मुझे चुने जाने की उम्मीद थी और इसके बारे में भी परेशान था। नीलामी को मैंने नहीं देखा क्योंकि हम एक टेस्ट मैच खेल रहे थे। खेल के बाद, मैंने अपने फोन की जांच की और हर कोई मुझे बधाई दे रहा था मैंने पूछा “क्या” और फिर मुझे एहसास हुआ कि मुझे सीएसके द्वारा चुन लिया गया।मैं दक्षिण अफ्रीका अंडर -19 टीम के साथ पहले भारत गया था, लेकिन आईपीएल को एक बड़े स्तर की तरह महसूस करता है। मुझे धौनी के साथ खेलना होगा, जो कि किसी भी युवा क्रिकेटर के लिए एक सपना सच है।

Post Author: thesundayviews

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