यूपी में कांग्रेस ने सपा-बसपा के लिए छोड़ी 7 सीटें, सहयोगियों संग 73 पर उतारेगी प्रत्याशी

दो सीट के बदले सात सीट 

लखनऊ

कांग्रेस ने सपा-बसपा गठबंधन के लिए यूपी में सात सीटें छोड़ने का ऐलान करते हुए  अपने उम्मीदवार न खड़ा करने का फैसला लिया है। कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर ने साफ कर दिया कि मायावती, मुलायम-अखिलेश परिवार और रालोद के जयंत की ‘धन्यवाद सीटों’ पर प्रत्याशी नहीं उतारेंगे। कांग्रेस जन अधिकार पार्टी को भी सात सीटें दे रही है और अपना दल कृष्णा पटेल को भी दो सीटों का ऑफर दिया है। इस तरह कांग्रेस सहयोगियों के साथ 73 सीटों पर मैदान में होगी।  कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय पर पत्रकार वार्ता में राज बब्बर ने कहा कि हम सपा-बसपा गठबंधन के लिए सात सीटें उनके सम्मान में छोड़ रहे हैं। मैनपुरी, कन्नौज, फिरोजाबाद, मायावती की चुनावी सीट, रालोद में  जयंत और अजीत सिंह की चुनावी सीट और एक अन्य सीट पर प्रत्याशी नहीं उतारेंगे।


जन अधिकार पार्टी को सात सीटें दी हैं। इसमें पांच पर वह अपने सिम्बल पर और दो कांग्रेस के सिम्बल पर प्रत्याशी उतारेगी। झांसी, चंदौली, एटा, बस्ती और पूर्वांचल या पश्चिम की एक अन्य कोई सीट पर जन अधिकार पार्टी अपने सिम्बल पर लड़ेगी। सिम्बल के लिए इन्होंने अप्लाई किया हुआ है इलेक्शन कमीशन इसी हफ्ते फैसला करेगा। गाज़ीपुर और एक अन्य सीट पर कांग्रेस के निशान पर चुनाव लड़ेंगे। दो सीटें जाति समीकरणों को देखते तय की गई हैं। हमारे सिम्बल पर आईपी कुशवाहा और शिवशरण चुनाव लड़ेंगे। दो यहां मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि अपना दल के लिए हमने गोंडा और पीलीभीत सीट छोड़ी है।

शिवपाल से गठबंधन पर राज बब्बर ने कहा कि गठबंधन चल रहे बन रहे हैं और बाते भी हो रही हैं। जहां बीजेपी को फायदा होता है वहां हमें कोई भी फैसला करने से पहले चार बार सोचना है। ऐसी कोई सीट गठबंधन करके मजबूत नहीं करेंगे उनके लिए जिससे किसी भी तरह से बीजेपी को मदद पहुंचे। भीम आर्मी के सवाल पर उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर ने वाराणसी से सभी पार्टियों की तरफ से साझा उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी। केवल कांग्रेस अपने बदौलत ये फैसला नहीं ले रही है।  प्रियंका गांधी के कार्यक्रम पर उन्होंने कहा कि जल विभाग और अन्य विभागों से एनओसी ले ली गई है। कुछ जगहों से क्लीयरेंस नहीं मिली है। जिस जगहों को चिन्हित किया गया है। वहां जाएंगे।

 
बसपा के विरोध के चलते सपा गठबंधन में कांग्रेस को पर्याप्त सीटें नहीं मिलीं। केवल अमेठी-रायबरेली सीट पर गठबंधन ने प्रत्याशी न उतारने का फैसला किया। इससे कांग्रेस के रणनीतिकार खासे आहत हुए। यूपी विधानसभा चुनाव में अखिलेश-राहुल की दो लड़कों की जोड़ी इस बार भी जमाने की कोशिशें तो खूब हुईं लेकिन मुकाम तक नहीं पहुंच सकीं। प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने इसी दो सीट को छोड़ने के फैसले के ऐवज में सपा-बसपा गठबंधन के लिए धन्यवाद के तौर पर सात सीटें छोड़ने का फैसला किया।

Post Author: thesundayviews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *