मेरठ बवाल: पांच घंटे तक सुलगते रहे भूसा मंडी और मछेरान, पुलिस व कैंट बोर्ड के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा

मेरठ

मेरठ शहर में दंगा भड़काने की पूरी साजिश थी। करीब पांच घंटे तक भूसा मंडी, मछेरान बुरी तरह सुलगते रहे। कानून व्यवस्था चरमराती नजर आ रही थी। बवालियों के सामने पुलिस हथियारों के साथ भी बेबस थी। सदर पुलिस, कैंट बोर्ड के अधिकारियों के प्रति भी लोगों में जबरदस्त आक्रोश था।कई घंटे चले इस बवाल को पुलिस किसी तरह थामने में कामयाब तो हो गई लेकिन इस चंद घंटों की अराजकता ने कितने ही परिवारों को दुख की आग में जलता छोड़ दिया। 

बेकसूर लोगों के चेहरों पर खौफ भी साफ था। पुलिस व क्षेत्रीय लोग आक्रोशित लोगों को समझाते रहे कि बवाल मत करो। आग बुझाने में पुलिस का सहयोग करो। जैसे तैसे करके पुलिस स्थिति को कंट्रोल करने में कामयाब हुई। बुधवार शाम कैंट बोर्ड टीम और सदर बाजार पुलिस भूसा मंडी में अवैध मकान का ध्वस्तीकरण करने पहुंची। इकराम का मकान ध्वस्त करने के दौरान लोग हंगामा करने लगे। भूसा मंडी और मछेरान के लोगों की भीड़ ने हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी।इस दौरान झड़प में पुलिस से छीना वायरलेस सेट और असलहा बरामद कर पुलिस ने मामला शांत करा दिया। लेकिन उसके बाद अचानक से झुग्गियों में आग भड़क गई, जिसकी चपेट में धार्मिक स्थल भी आ गया। रात के नौ बजे तक भूसा मंडी, मछेरान में अराजकता का माहौल रहा।

इस बीच पुलिस के साथ तीन बाद मारपीट हो गई। पुलिस स्थिति को कंट्रोल करने में जुटी रही। डीएम और एसएसपी ने आरएएफ बुलाई। तब जाकर स्थिति संभली। वहीं, भूसा मंडी के लोगों ने एसओ सदर बाजार, भूसा मंडी चौकी इंचार्ज और कैंट बोर्ड के सीईई के खिलाफ तहरीर दी है।इस दौरान अफवाह फैला दी गई कि धार्मिक स्थल में पुलिस ने आग लगाई है। भीड़ में से कुछ लोग बोले कि पुलिस से बदला हम भी लेना जानते हैं। भूसा मंडी में अवैध मकान का ध्वस्तीकरण हुआ तो महिलाएं चिल्लाने लगीं।

महिलाएं पहले पुलिस और कैंट बोर्ड की कार्रवाई पर नाराज थीं। झुग्गियों में आग लगने पर वहां बचाओ-बचाओ का शोर मच गया। लोग चिल्लाने लगे कि आग में उनका परिवार फंसा हुआ है। कुछ लोगों ने मशक्कत कर आग से महिलाओं और बच्चों को निकाला। मछेरान में बवाल के बाद दर्जन भर से अधिक परिवारों की रात दहशत में कटी। आलम यह था कि पूरी रात यह लोग जागते रहे। हालांकि पुलिस अफसरों ने ही देर रात उन्हें उनके घर तक पहुंचाने का काम किया। घटना से वह इतने डरे हुए थे कि पुलिस की मौजूदगी भी उन्हें खुद की सुरक्षा के प्रति आश्वस्त नहीं कर सकी।

बुधवार दोपहर बाद जिस जगह यह घटना घटी, वह कैंट बोर्ड के बंगला नंबर 201 में आता है। यहां दर्जनों परिवार कई वर्षों से रहते चले आ रहे हैं। कहने को यहां मिश्रित आबादी है। लेकिन समुदाय विशेष की संख्या यहां अधिक बताई जाती है। बवाल होने की जानकारी कुछ ही देर में पूरे बंगला क्षेत्र में रह रहे लोगों के बीच जंगल की आग की तरह फैल गई।मामला उस समय तूल पकड़ गया, जब इस दौरान कुछ लोगों ने समुदाय विशेष द्वारा आगजनी और पथराव करने का शोर मचा दिया। यहां रह रहे दर्जन भर से अधिक हिंदू परिवार घरों को खुला छोड़कर बाहर की ओर दौड़े और अपनी जान बचाई।

कई घंटे तक दहशत उनके चेहरे पर साफ दिखी। बिलख-बिलखकर रोते हुए भी महिला और बच्चे देखे गए। महिलाओं ने थानाध्यक्ष सदर विजय कुमार और इंस्पेक्टर जानी सुभाष अत्री से बात की। उन्होंने बताया कि उनके बच्चे भूख से परेशान हैं और उनके पास पैसे भी नही हैं।

 

 

 

Post Author: thesundayviews

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