वन रैंक वन पेंशन की समीक्षा इसी साल होगी: निर्मला सीतारमण

रक्षा मंत्री ने वीर नारियों के पैर छुए

सेना में स्थायी कमीशन 

देहरादून।

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण  ने सोमवार को कहा कि वन रैंक वन पेंशन की इसी साल समीक्षा होगी। अब तक करीब करीब सभी सैनिक-पूर्व सैनिकों तक इसका लाभ पहुंचाया जा चुका है। जो थोड़ी बहुत कमी बची होगी, उसे भी दूर करने के लिए सरकार संकल्पित है।हाथीबड़कला में भारतीय सर्वेक्षण विभाग के ऑडिटोरियम में आयोजित शौर्य सम्मान कार्यक्रम में रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार सैनिकों और पूर्व सैनिकों की समस्यों को लेकर बेहद संवेदनशील है। उनके लिए काम भी कर रही है। कुछ तत्व सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार कर रहे हैं। यदि किसी भी सैनिक-पूर्व सैनिक और उनके आश्रितों को कोई भी शक-सुबहा हो तो वो सीधा मुझे ई-मेल करके पूछें कि हकीकत क्या है।


कांग्रेस पर परोक्ष निशाना साधते हुए सीतारमण ने कहा कि ओआरओपी पर पर पहले टोकन मनी जारी कर सैनिकों को भरमाया जाता था। केंद्र में भाजपा सरकार आई और ओआरओपी पर बजट की पूर्ण व्यवस्था की। आज 35 हजार करोड़ रुपये इस मद में वितरित हो चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्वतंत्रता के बाद विभिन्न युद्ध और आपरेशन में शहीद सैनिकों के सम्मान में दिल्ली में वार मेमोरियल बनाया जा चुका है। इस मौके पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत, सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने भी भी विचार रखे।रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पूर्व सैनिक स्वार्थी लोगों के भ्रम में न आएं। किसी भी समस्या के बारे में अपने सांसद से पूछें। सीधा रक्षा मंत्री से कहें कि बताइये हकीकत क्या है।


सेवा के दौरान विकलांगता से जुडे मामलों में आर्म्ड फोर्स ट्रिब्यूनल जिन प्रकरणों में सैनिक के पक्ष में निर्णय करेगा, सरकार उनका हूबहू पालन करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि शॉर्ट सर्विस कमीशन सेवा से जुड़ी महिला अधिकारियों को पुरुष के समान सेना में स्थायी कमीशन दिया जाएगा। सैनिक-पूर्व सैनिक और उनके आश्रितों के बेहतर इलाज के लिए एम्स की तर्ज पर 200 बेड क्षमता के तीन अस्पताल देश में बनाए जाएंगे। शहीद अजीत प्रधान की वीर माता हेमा कुमारी अवाक होकर खड़ी थी। वह तो मंच पर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण को सम्मान करने के लिए गुलदस्ता देने आई थी और यहां तो पूरी तस्वीर ही बदल गई। देश की रक्षा मंत्री खुद हेमा के पांव छूकर आशीर्वाद ले रही हैं। उ

Post Author: thesundayviews

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