पाक की बेशर्मी, आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने कबूला गुनाह, इमरान मांग रहे सबूत

इस्लामाबाद।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने पुलवामा हमले को लेकर पाकिस्तान के खिलाफ भारत के आरोपों पर सवाल उठाया और कहा कि उनका देश स्थिरता चाहता है ना कि आतंकवाद । इमरान ने कहा कि अगर पुलवामा हमले पर भारत के पास सबूत हैं या खुफिया जानकारी है तो मैं आपको यकीन दिलाता हूं कि हम कार्रवाई करेंगे। गीदड़ भभकी देते हुए पाकिस्तानी पीएम ने कहा कि अगर भारत पाकिस्तान पर हमला करने के बारे में सोच रहा है तो हम निश्चित रूप से इसका जवाब देंगे। कोई दूसरा विकल्प नहीं होगा। पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के लिए की जा रही मांग पर खान ने कहा कि जंग शुरू करना आसान है लेकिन इसे खत्म करना मुश्किल है।उन्होंने कहा कि, जब पाकिस्तान स्टेबिलिटी की तरफ जा रहा है तो हम ये क्यों करेंगे? इससे हमें फायदा क्या है? बिना सबूत पाकिस्तान पर इल्जाम लगाया जा रहा है? पाकिस्तान को पुलवामा हमले से क्या फायदा मिलेगा? हम जांच के लिए तैयार हैं।
हम जांच के लिए तैयार हैं। दहशतगर्दी में 70 हजार पाकिस्तानी मारे गए हैं। हमारा 100 अरब डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ है। हम बात करने को तैयार। बातचीत से मसला हल होगा। हम आतंक पर बात करने को तैयार हैं। अगर आप सोच रहे हैं कि आप पाक पर हमला करेंगे तो पाकिस्तान भी पीछे नहीं रहेगा। हम पीछे नहीं हटेंगे। हम दहशतगर्दी की बात करेंगे।  उन्होंने कहा कि हम युद्ध का पूरा जवाब देंगे। हम नहीं चाहते कि कोई हमारी धरती से हिंसा फैलाए। मैं भारत सरकार को ये बोलना चाहता हूं कि अगर पाकिस्तान के खिलाफ सबूत मिलते हैं तो हम कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं।
बता दें 14 फरवीर को पुलवामा में भारतीय सैनिकों पर आतंकी हमला हुआ था। इस हमले में सीआरपीएफ के काफिले को निशाना बनाया गया। इसमें हमारे 40 जवान शहीद हो गए जबकि पांच घायल हुए थे। ये एक आत्मघाती हमला था। जिसकी जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली है।उन्होंने कहा कि उन्हें भारतीय मीडिया से हमले में पाकिस्तान का हाथ होने के बारे में पता चला। उन्होंने कहा कि यदि भारत जवाबी कार्रवाई करता है, तो हम पीछे नहीं हटेंगे।खान ने कहा कि आतंकवाद एक बड़ा मुद्दा है और इसे हम खत्म करना चाहते हैं। कश्मीरियों को आज मरने का डर नहीं है, इसके पीछे कोई तो वजह होगी। क्या इसपर उनसे चर्चा नहीं होनी चाहिए?उन्होंने कहा कि भारत को अफगानिस्तान से सीखने की जरूरत है। सेना के नियंत्रण से कोई मसला हल नहीं होगा। लंबे समय से सेना का नियंत्रण है, बातचीत से ही हल होगा। कश्मीर का मुद्दा भी अफगानिस्तान की तरह ही बातचीत से हल होगा।
सेना, सीआरपीएफ और जम्मू पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेना ने कहा कि पुलवामा में हुए आत्मघाती आतंकी हमले के पीछे जैश-ए-मोहम्मद और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ है। पाकिस्तान का 100 फीसदी इनवॉल्वमेंट हैं। इसमें हमें और आपको कोई शक नहीं है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि वह अभी अपना बयान इसलिए दे रहे हैं क्योंकि सऊदी के राजकुमार मोहम्मद बिन सलमान पाकिस्तान के दौरे पर थे। उन्होंने कहा, “क्या हम ऐसा कृत्य करेंगे जब सऊदी के राजकुमार दौरे पर हों।” मैं भारत से पूछना चाहता हूं कि क्या वह अतीत में रहना चाहता हैं ? भारत ने पुलवामा हमले के बाद तमाम कृटनीतिक मोर्चों पर पाकिस्तान को घेरने के साथ ही उसकी आर्थिक घेराबंदी भी शुरू कर दी। पड़ोसी देश का ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन (एमएफएन)’ का दर्जा खत्म करने के बाद वहां से होने वाले तकरीबन 3400 करोड़ रुपये के सामानों के आयात पर भी 200 फीसदी का भारी-भरकम शुल्क थोप दिया।

Post Author: thesundayviews

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