दिलीप हत्याकांड़ में शामिल तीनों अभियुक्तों को एसएसपी ने पत्रकारों के सामने पेश किया

वर्चस्व की लड़ाई को लेकर की गई दिलीप यादव की हत्या,तीनों पर दर्ज है दर्जनों मुकदमा

अभियुक्तों के पास से एक पिस्टर,चार जिंदा कारतूस,हत्याकांड में उपयोग की गई बाईक बरामद

एसएसपी ने खुलासा करने वाले आलमबाग,सीओ संजीव सिन्हा,इंस्पेक्टर संतोष अवस्थी को बधाई दी

द संडे व्यूज़ ने 9 फरवरी को ही दिलीप हत्याकांड का कर दिया था खुलासा

संजय पुरबिया
लखनऊ। राजधानी के आलमबाग थाने में हाल ही में हुई दिलीप यादव की दिनदहाड़े हत्या का खुलासा करते हुए एसएसपी कला नैथानी ने आज पत्रकारों को इसे पुलिस के लिए बड़ी कामयाबी बताया। उन्होंने बताया कि दिलीप हत्याकांड में शामिल तीनों अभियुक्तों को बीती रात जेल रोड स्थित होमगार्ड मुख्यालय मार्ग पर गिरफ्तार किया गया। इनके पास से हत्याकांड में शामिल बाईक और एक पिस्टल, .32 बोर एवं चार जिन्दा कारतूस बरामद किया गया। तीनों अभियक्त उज्जवल भट्ट,परचेतश दूबे एवं राहुल सिंह पर आलमबाग सहित अन्य थानों में दर्जनों मुकदमें दर्ज हैं। तीनों अभियुक्तों को जेल भेज दिया गया है। चर्चित हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम को एसएसपी ने बधाई भी दी।


पत्रकार वार्ता के दौरान एसएसपी ने बताया कि दिलीप हत्याकांड पुलिस के लिए प्रतिष्ठा का विषय बन गया था। इस हत्याकांड का खुलासा करने की जिम्मेदारी एसपी,पूर्वी अष्ट भुजा सिंह, सीओ,आलमबाग संजीव कुमार सिन्हा, इंस्पेक्टर, आलमबाग संतोष कुमार अवस्थी को सौंपी गई। बीती रात दो बजे मुखबिर की सूचना पर तीनों अभियुक्तों को जेल रोड से दबोचा गया। उन्होंने बताया कि केकेसी में पढऩे वाला उज्जवल भट्ट छात्र राजनीति करता है और केकेसी से लेकर बरहा तक अपना वर्चस्व कायम रखने एवं रेलवे में होने वाले ठेकों में प्रभाव जमाने के लिए उसका दिलीप यादव से विवाद हुआ था। जिस पर दिलीप यादव ने उज्जवल के मित्र राहुल सिंह को 17 जनवरी को मारा था। इससे पूर्व दिलीप यादव उज्जवल भटट,राहुल सिंह व परचेतश दूबे को कार्यालय खोलने के लिए एक कमरा दिया था। जहां परये लोग जुआ खेलने व शराब पीने का काम करने लगेजिसका दिलीप यादव ने विरोध किया था।

खौर खाए तीनों ने 18 जनवरी को दिलीप यादव को रास्ते से हटाने की योजना बना डाली। 21 जनवरी की रात साढ़े दस बजे तीनों ब्रिज वर्कशाप के पास छिपकर घात लगाकर बैठे रहें। उसी दौरान दिलीप यादव उधर से निकला और तीनों अपनी मोटरसाइकिल से उसके पीछे लग लिए। इनलोगों ने दिलीप यादव पर चार फायर किए। उसके बाद बरहाकालोनी से वीआईपी रोड होते हुए उतरेटिया भाग निकले।

एसएसपी ने बताया कि उज्जवल भटट पर नौ मुकदमे,परचेतश दूबे पर चार एवं राहुल सिंह पर दो मुकदमे दर्ज हैं। इन लोगों के पास से .32 के पिस्टल एवं चार जिंदा कारतूस एवं हत्याकांड में इस्तेमाल की गई होण्डा साईन बरामद की गई है। हत्याकांड खुलासे में आलमबाग थाना के उपनिरीक्षक राय बहादुर सिंह,उप निरीक्षक नीरज द्विवेदी,उपनिरीक्षक संजय कुमार शुक्ला सर्विलांस सेल पूर्वी, कांस्टेबिल आशीष मिश्र,सर्विलांस सेल पूर्वी,कां.दिनेश कुमार यादव आलमबाग थाना,कां. अखिलेश कुमार आलमबाग थानाकां. बीर सिंह,सर्विलांस सेल कमांड कार्यालय की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

बता दें कि द संडे व्यूज़ ने इस हत्याकांड का खुलासा सबसे पहले 9 फरवरी को ही कर दिया था। दिलीप हत्याकांड में शामिल तीनों अभियुक्तों की हो गई शिनाख्त शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई। आज एसएसपी ने उस पर अपनी मुहर लगा दी। लिखा था कि इस घटना को अंजाम देने वाले अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं और पुलिस हवा में तीर मारती रही। यही वजह है कि कप्तान ने आलमबाग थाने के इंस्पेक्टर बृजेश सिंह का तबादला कर दिया गया। नवनियुक्त इंस्पेक्टर, आलमबाग एस के अवस्थी, सीओ संजीव सिन्हा ने सर्विलांस की मदद से इस गुत्थी को पूरी तरह से सुलझा लिया है। दिलीप हत्याकांड की पटकथा रेलवे की ठेकेदारी में कमीशनखोरी और वर्चस्व को लेकर कराई गई। हत्या को अंजाम देने वाले तीनों अभियुक्तों की शिनाख्त आलमबाग निवासी उज्जवल भट्ट, राहुल सिंह एवं परितेश दूबे के रूप में की गई है। पुलिस का कहना है कि तीनों अभियुक्तों की तलाश में टीम दबीश डाल रही है।

Post Author: thesundayviews

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