जीओ पीडब्ल्यूडी के शेर- ‘हवा’ में बना दीं 300 से ज्यादा सड़कें

गोरखपुर

योगी सरकार में भी पीडब्ल्यूडी इंजीनियर भ्रष्टाचार करने से बाज नहीं आ रहे हैं। बस्ती में तीन सौ से ज्यादा सड़कों के निर्माण में घपला प्रकाश में आया है। शासन ने मामले में जांच बैठा दी है। अभी तक करीब 35-40 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताएं सामने आ चुकी हैं। मुख्य अभियंता, पीडब्ल्यूडी  आरवीके राकेश का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। जांच पूरी होने पर ही अनियमितता के बारे में पूरी जानकारी दे पाने की स्थिति में होंगे।
वर्ष 2017-18 और 2018-19 में बस्ती में 300 से ज्यादा सड़कों के निर्माण के लिए धनराशि दी गई थी। जब मौके पर काम नहीं हुआ तो स्थानीय विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने इसकी शिकायतें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ-साथ शासन के वरिष्ठ अधिकारियों से कीं। ये गड़बड़ियां बस्ती में पीडब्ल्यूडी के प्रांतीय खंड के अधीन आने वाले क्षेत्र में की गईं थीं।

शासन के निर्देश पर पीडब्ल्यूडी मुख्यालय ने अधीक्षण अभियंता शशि भूषण की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय जांच टीम का गठन किया। इस टीम ने शुरुआती जांच में 7 करोड़ का फंड डायवर्जन (एक मद का दूसरे मद में खर्च करना) बताया, जिसके लिए प्रांतीय खंड के तत्कालीन एक्सईएन आलोक रमण को जिम्मेदार ठहराया।तत्काल रमण के खिलाफ अनुशासन अपील नियमावली-1999 के नियम-7 के तहत जांच के आदेश दे दिए गए। इस नियम के तहत दोषी पाए जाने पर वृहद (बड़ा) दंड दिया जाता है। लेकिन, शासन इस जांच रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं दिखा। उसी टीम को पूरे जिले की जांच करने के निर्देश दिए गए।

पीडब्ल्यूडी सूत्रों के मुताबिक, 35-40 करोड़ रुपये की अनियमितताएं सामने आ चुकी हैं। यह रकम किसी अन्य मद में खर्च हुई भी या नहीं, इसकी भी जांच कराई जा रही है। इस धनराशि के बड़े हिस्से के गबन की आशंका भी जताई गई है।

 

Post Author: thesundayviews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *