ब्रेकिंग न्यूज़ दिलीप हत्याकांड : मास्टर माइंड कोई और, आलमबाग इंस्पेक्टर ने उसकी भी की शिनाख्त

रेलवे के ठेका में कमीशन की लेन-देन में हत्यारों ने इस घटना को अंजाम दिया

दिलीप ने अपनी पत्नी को मरने से पहले बताया तीनों अभियुक्तों का नाम

अभियुक्त कुबूलेंगे अपने आका का नाम,चारों के खिलाफ आलमबाग थाना में दर्ज है मुकदमा

संजय पुरबिया

लखनऊ। राजधानी के आलमबाग थाने में हाल ही में हुई दिलीप यादव की दिनदहाड़े हत्या ने सनसनी फैला दी थी। इस घटना को अंजाम देने वाले अपराधी बेखौफ घूम रहे थें और पुलिस हवा में तीर मारती रही। यही वजह है कि कप्तान ने आलमबाग थाने के इंस्पेक्टर बृजेश सिंह का तबादला कर दिया गया। नवनियुक्त इंस्पेक्टर,आलमबाग एस के अवस्थी ने दिलीप हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। सीओ संजीव सिन्हा एवं इंस्पेक्टर,आलमबाग से सर्विलांस की मदद से इस गुत्थी को पूरी तरह से सुलझा लिया है। दिलीप हत्याकांड की पटकथा रेलवे की ठेकेदारी में कमीशनखोरी और वर्चस्व को लेकर कराई गई। हत्या को अंजाम देने वाले तीनों अभियुक्तों की शिनाख्त आलमबाग निवासी उज्जवल भट्ट,राहुल सिंह एवं परितेश दूबे के रूप में की गई है। पुलिस का कहना है कि तीनों अभियुक्तों की तलाश में टीम दबीश डाल रही है।

बता दें कि गत 22 जनवरी को आलमबाग के टेढ़ी पुलिया के पास बाइक सवार दो बदमाशों ने सोमवार रात 11 बजे रेलवे ठेकेदार दिलीप यादव पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर उसकी हत्या कर दी थी। दिलीप को तीन गोलियां मारी गई थी। उसे ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया जहां दो दिन बाद उसकी मौत हो गई थी।पुलिस के मुताबिक भीमनगर छोटा बरहा निवासी दिलीप चारबाग से बाइक से घर जा रहे थे। टेढ़ी पुलिया के पास बदमाशों ने उन पर गोलियां बरसाईं। गोली लगते ही वे लहुलूहान होकर सडक़ पर गिर गए। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उन्हें ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया,जहां दो दिन बाद उसकी मौत हो गई थी। कई दिनों तक पुलिस हवा में तीर मारती रही जिसकी वजह से आलमबाग के इंस्पेक्टर बृजेश सिंह का तबादला कर दिया गया।

दिलीप हत्याकांड आलमबाग पुलिस के लिए चुनौती और सिरदर्द बन चुकी थी। सीओ,आलमबाग संजीव सिन्हा एवं नवनियुक्त इंस्पेक्टर एस के अवस्थी ने इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए दिन-रात एक कर दिया। सर्विलांस की मदद ली गई और मृतक दिलीप यादव की पत्नी के बयान के आधार पर तीनों अभियुक्त उज्जवल भटट्,राहुल सिंह एवं परिचेश दूबे की शिनाख्त कर ली गई है। इंस्पेक्टर, आलमबाग एस के अवस्थी ने बताया कि तीनों आलमबाग के रहने वाले हैं और उनके खिलाफ थाने में कई मुकदमे दर्ज हैं। बताया कि दिलीप यादव की हत्या को कमीशनखोरी के लिए अंजाम दिया गया है। इनलोगों ने पहले भी कई ठेके कराने के बाद कमीशन पूरा ना देने को लेकर विवाद चल रहा था।

घटना से पूर्व दिलीप यादव ने रायबरेली वाले पप्पू यादव को रेलवे में कोई ठेका दिलाया था जिसके एवज में 10 लाख रुपए मिले थे लेकिन उसने इनलोगों को शायद पूरा हिस्सा नहीं दिया था। साथ ही दिलीप का ठेकेदारी में बढ़ता वर्चस्व भी इनलेागों के साथ-साथ कुछ अन्य को खटकने लगा था। तीनों ने दिलीप यादव को रास्ते से हटाने का फैसला लिया और उसकी हत्या कर दी।

इंस्पेक्टर ने बताया कि दिलीप यादव ने अपनी पत्नी को हॉस्पिटल में तीनों अभियुक्तों का नाम बता दिया था। उसके बाद इन सभी का फोन सर्विलांस पर लगा दिया गया था। सर्विलांस की मदद से इस हत्याकांड का खुलासा कर लिया गया है। तीनों अभियुक्तों के आवास एवं अन्य जनपदों में उनके ठिकाने पर पुलिस दबीश डाल रही है। शीघ्र ये पुलिस की गिरफ्त में होंगे। इंस्पेक्टर श्री अवस्थी ने यह भी बताया कि इस हत्याकांड के पीछे जो मास्टर माइंड है उसकी भी शिनाख्त कर ली गई है लेकिन उस नाम का खुलासा हत्यारे ही करेंगे। बता दें कि चर्चित हत्याकांड का खुलासा करने वाले इंस्पेक्टर, आलमबाग एस के अवस्थी इससे क्राइम ब्रांच में एसओजी प्रभारी थे।

Post Author: thesundayviews

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