यूपी बोर्ड इंटर व हाईस्कूल की परीक्षाएं आज से, 58 लाख से ज्यादा परीक्षार्थी देंगे परीक्षा

58 लाख से ज्यादा परीक्षार्थी देंगे परीक्षा

8,354 परीक्षा केन्द्र बनाए गए

नकलविहीन परीक्षा, एसटीएफ भी रखेगी नजर

हेल्पलाइन पर दे सकते हैं सूचना

लखनऊ

यूपी बोर्ड 2019 की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाएं आज से शुरू हो रही हैं। इस साल 58 लाख से ज्यादा विद्यार्थी परीक्षा देंगे। पहली बार सभी जिलों में  कोडयुक्त कॉपियां भेजी गई हैं। परीक्षार्थी को हर पन्ने पर अपना रोल नंबर लिखना होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बीते दिनों जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक कर साफ कर दिया था कि यदि नकल हुई तो जिलाधिकारी, केंद्र व्यवस्थापक और डीआईओएस जिम्मेदार होंगे। केन्द्र व्यवस्थापक को जेल भेजा जाएगा। हालांकि मुख्य विषयों की परीक्षा 12 फरवरी से शुरू होगी। हाईस्कूल की परीक्षाएं 28 फरवरी और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 2 मार्च को खत्म होंगी।
गुरुवार को हाईस्कूल की संगीत और इंटरमीडिएट की काष्ठ शिल्प, ग्रंथ शिल्प, सिलाई की परीक्षा है। हाईस्कूल की परीक्षा सुबह की पाली में तो इंटरमीडिएट की परीक्षाएं शाम की पाली में होंगी। अधिकारियों के मुताबिक, 30 अप्रैल तक परीक्षाफल भी आ जाएगा। पहली बार यूपी बोर्ड ने प्री बोर्ड की परीक्षाएं लीं और परीक्षार्थियों के लिए ऑनलाइन मॉडल पेपर भी उपलब्ध कराया।  राज्य सरकार ने एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू किया है। इस वर्ष 58,06,922 छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे। हाईस्कूल में 31,95,603 और इंटर में 26,11,319 छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे। आधार नामांकन और नकल पर सख्ती के चलते 2018 के मुकाबले इस बार 9,15,846 परीक्षार्थी कम हो गए हैं। वर्ष 2017 में बाहरी प्रदेश और बोर्ड के 1,50,209 परीक्षार्थी थे लेकिन बार बार सिर्फ  6,595 परीक्षार्थी ही बाहरी प्रदेशों के हैं। प्रदेश के 8,354 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षाएं होंगी। यह पिछली बार से 195 कम हैं। जिलाधिकारियों और पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक यूपी बोर्ड ने 1,314 संवेदनशील और 448 परीक्षा केन्द्रों को अति संवेदनशील माना है। सभी परीक्षा केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती रहेगी।

नकल होने या किसी भी समस्या के आने पर शिकायत या सूचना दी जा सकती है। इसके लिए कंट्रोल रूप नंबर व ईमेल आईडी भी दी गई है। कंट्रोल रूम के नंबर 0532- 2622767, 2623182, 2623139 हैं। बार हर जिले में कोडयुक्त कॉपियां भेजी गई हैं। पिछले वर्ष 50 संवेदनशील जिलों में कोडयुक्त कॉपियां भेजी गई थी। इसके हर पन्ने पर कोड लिखा होगा और परीक्षार्थी को हर पेज पर अपना रोल नंबर लिखना होगा ताकि कॉपी के पन्ने फाड़ने से लेकर कॉपियों के बदलने तक से बचा जा सके।

परीक्षाओं को नकल विहीन कराने के लिए हर परीक्षा कक्ष में दो-दो वायस रिकॉर्डरयुक्त सीसीटीवी कैमरे लगवाएं गए हैं। एसटीएफ को अलर्ट कर दिया गया है और खुफिया टीमें पेपर आउट करने की फिराक में जुटे गिरोहों पर नज़र रखेगी। अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर एसटीएफ तैनात की जाएगी।  केंद्र व्यवस्थापक समेत कक्ष निरीक्षक भी परीक्षा केन्द्रों पर मोबाइल, कैलकुलेटर या अन्य डिजिटल डिवाइस नहीं ले जा सकेंगे। सामूहिक नकल व अन्य गड़बड़ी होने पर संबंधित केन्द्र व्यवस्थापक को जेल भेजने के निर्देश हैं। सामूहिक नकल पकड़े जाने पर सेक्टर मजिस्ट्रेट या स्टैटिक मजिस्ट्रेट भी जिम्मेदार माने जाएंगे।  हर सचल दस्ते में दो सशस्त्र पुलिस कांस्टेबल और सब इंस्पेक्टर होंगे। कक्ष निरीक्षकों को पहचान पत्र के साथ ही आधार कार्ड रखना होगा किसी परीक्षा केन्द्र से सामूहिक नकल की सूचना प्राप्त होने पर प्रश्नपत्र बदले जाएं या उस पाली की परीक्षा रद्द कर किसी अन्य केन्द्र पर परीक्षा करवाने के निर्देश हैं। अनुपस्थित होने या नकल करते पकड़े जाने पर उस छात्र का ब्योरा पोर्टल पर उसी दिन फीड किया जाएगा। इससे बोर्ड कार्यालय तक को पता चल जाएगा कि किस जिले में कितने छात्र अनुपस्थित या नकल में पकड़े गए। अभी तक नकल में पकड़े जाने पर कागजी कार्रवाई की जाती थी।

Post Author: thesundayviews

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