ठेकेदार दिलीप यादव ने आज सुबह दम तोड़ा,आलमबाग की कायर पुलिस अभी तक कर रही तफ्तीश

परिवार में दो बच्चे और पत्नी हैं

लखनऊ। आलमबाग में दो दिन पूर्व अज्ञात हमलावरों ने ठेकेदार दिलीप यादव को चार गोलियां मारी थी। आज तडक़ेे पांच बजे ट्रामा सेंटर में अंतिम सांस ली। दो दिन बीत जाने के बाद आलमबाग पुलिस सिर्फ हवा में तीर मार रही है। चर्चा इस बात की है कि जिस तरह से हमलावर गोली मारने के बाद बरहा कालोनी की तरफ भागे उससे जाहिर होता है कि हमलावर बरहा की राह से वाकिफ होगा। यानि, हमलावर आलमबाग इलाके के भी हो सकते हैं। बहरहाल, आलमबाग थाने की पुलिस की रफ्तार इतनी सुस्त है कि सिर्फ एक ही जवाब दे रही है तफ्तीश जारी है। दिलीप यादव के जानने वालों का कहना है कि डॉक्टरों ने दिलीप के शरीर से दो गोलियां निकालने में कामयाब रहें। बीच दो गोलियां थोड़ा स्वास्थ्य ठीक होने के बाद निकालने की योजना थी लेकिन आज सुबह पांच बजे दिलीप यादव ने अंतिम सांस ली। दिलीप के ना रहने की खबर आग की तरह फैल गई है। नागरिकों में पुलिस के प्रति आक्रोश देखने को मिल रहा है।

बता दें कि 22 जनवरी को आलमबाग के टेढ़ी पुलिया के पास बाइक सवार दो बदमाशों ने सोमवार रात 11 बजे रेलवे ठेकेदार दिलीप यादव पर ताबड़तोड़ फ ायरिंग की। दिलीप को तीन गोलियां लगी हैं। उसे ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालात गंभीर बनी हुई है। देर रात तक उसका ऑपरेशन किया जा रहा था। बदमाशों का पता लगाने के लिए आसपास की दुकानों और होटलों के सीसीटीवी कैमरों की फु टेज खंगाली जा रही है।
पुलिस के मुताबिक भीमनगर छोटा बरहा निवासी दिलीप चारबाग से बाइक से घर जा रहे थे। टेढ़ी पुलिया के पास बदमाशों ने उन पर गोलियां बरसाईं। गोली लगते ही वे लहुलूहान होकर सडक़ पर गिर गए। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उन्हें ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। पुलिस के मुताबिक हमले की वजह प्रॉपट्रीए ठेकेदारी के अलावा पुरानी रंजिश भी हो सकती है। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि बाइक सवार दो बदमाश दिलीप का पीछा करते हुए आए और मौका देखकर चार राउंड फ ायरिंग की। तीन गोली दिलीप को मारी और भागते समय हवाई फायरिंग की।

प्रभारी निरीक्षक ब्रजेश कुमार सिंह के अनुसार दिलीप को पीठ पर दाहिनी ओर दोए बाईं ओर एक गोली लगी है। जिस स्थान पर ठेकेदार दिलीप को गोली मारी गईए उससे महज 100 मीटर दूर चंदरनगर में 12 दिन पहले कपड़ा व्यापारी अमनप्रीत को बदमाशों ने सात गोलियां मारी थीं। अमनप्रीत की मौके पर ही मौत हो गई थी। दिलीप के पिता छोटा बरहा निवासी रामसेवक रेलवे से रिटायर हैं। दिलीप के दो भाई प्रदीप और अश्वनी हैं। दिलीप रेलवे में ठेकेदारी करता है। इसके अलावा आसपास के इलाके में जमीन का भी काम करता है। वह रोज शाम को चारबाग कार से जाता थाए लेकिन सोमवार को बाइक से गया था। घात लगाए बैठे बदमाशों ने उस पर हमला कर दिया। अचानक रात को गोलियों की आवाज टेढ़ी पुलिया का पूरा इलाका दहल गया। वहां आसपास खड़े ऑटो और टैक्सी में सवार लोग भागने लगे। पुलिस ने घायल को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया। पुलिस ने आसपास लगे दुकानों और होटलों के सीसीटीवी कैमरों की फु टेज खंगालनी शुरू कर दी है।

Post Author: thesundayviews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *