हल्ला बोल 4 :कमांडेंट की मंशा थी : कारण बताओ नोटिस ना देते तो सभी को करते बर्खास्त,बहाली के लिए लेते 40-40 हजार रुपए

भ्रस्टाचार का खुलासा होने पर अमरोहा कमांडेंट बदहवाश :सीओ से 13 जवानों के खिलाफ जांच की सिफारिश की

दूबे जी की चाल :डीजी के आदेश को नजर अंदाज ना करे इसलिए पुलिस से थानों पर तैनात जवानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की

अमरोहा कोतवाली के इंस्पेक्टर दुष्यंत कुमार ने होमगार्ड से कहा : लिखो एसोसिएशन से कोई वास्ता नहीं

जब 13 होमगार्ड गए कारण बताओ नोटिस का जवाब देने तो, सेकेण्ड इंचार्ज ने क्यों नहीं लिया पत्र?

अपने विभाग की जांच पुलिस से कराकर दूबे जी ने विभाग की कटाई नाक…

संजय पुरबिया

लखनऊ। अमरोहा के जिला कमांडेंट दूबे मनीष दूबे के खिलाफ हल्ला बोल कार्यक्रम में उनके द्वारा होमगार्डों से की जा रही वसूली का खुलासा किया गया। अवैघ कमाई का खुलासा होने से इस विभाग में हडक़म्प मची हुई है। खुद दूबे जी सकते में हैं। उनके बदहवाशी का आलम यह है कि आनन-फानन में उन्होंने अमरोहा के सीओ को 13 जवानों के खिलाफ जांच कर आख्या देने की गुजारिश कर दी। दूबे जी ने अपने पद की दुहाई देते हुए सीओ ,अमरोहा से पत्र के माध्यम से कहा है कि उक्त होमगार्डों की ड्यूटी एवं आचरण की जांच करें और खामियां मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई करें। बता दें कि ये वही 13 होमगार्ड हैं जिन्होंने उ.प्र. होमगार्ड अवैतनिक अधिकारी एवं कर्मचारी एसोसिएशन की सदस्यता ली थी। दूबे जी आपको शर्म आनी चाहिए , एक तो आप गलत तरीके से उक्त होमगार्डों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा। जब ये लोग आप द्वारा निर्धारित आखिरी दिन कार्यालय जवाब देने गए तो आपके सेकेंड इंचार्ज ने पत्र लेने से मना कर दिया। जब आप कार्यालय में नहीं थे तो पत्र को कायदे से सेकेण्ड इंचार्ज को रिसीव करना चाहिए था, आखिर उसने होमगार्डों से पत्र क्यों नहीं लिया ? आपने 13 में से सिर्फ 10 होमगार्डों के खिलाफ जांच के लिए सीओ को क्यों पत्र लिखा ? कायदे से 13 होमगार्डों के खिलाफ जांच के लिए लिखना चाहिए था,क्योंकि आपके पत्र का जवाब देने तो सभी एक साथ गए थें…।

आपने सभी थानों पर तैनात होमगार्डों की उपस्थिति एवं आचरण के जांच के लिए क्यों नहीं लिखा ? दूबे जी, कितनी शर्म की बात है कि आप ड्यूटी लगाने के नाम पर भ्रस्टाचार की पराकाष्टा पार कर रहे हैं और यदि किसी जवान ने आपकी कलई खोल दी तो आप उसके खिलाफ जांच कराएंगे वो भी पुलिस विभाग से…। आज अमरोहा कोतवाली में नाईट ड्यूटी करने गए होमगार्ड दुष्यंत कुमार से थाना प्रभारी नौ सिंह ने कहा कि लिखकर दो कि तुम्हारा एसोसिएशन के कोई वास्ता नहीं है और 26 जनवरी की परेड में शामिल हो जाना। फिलवक्त जवान ने लिखने से मना कर दिया है।

दूबे जी ये तो साफ हो गया कि आपने अपने सेकेण्ड इंचार्ज को उक्त होमगार्डों का जवाब लेने से क्यों मना किया था ? आप सभी जवानों से 40 हजार रुपए बहाली का खेल खेलते क्योंकि इस विभाग की परंपरा है कि पहले जवानों को कारण बताओ नोटिस जारी करो,उसके बाद बर्खास्त,फिर आखिर में 40 हजार रुपए लेकर बहाली। इससे साफ जाहिर होता कि कमांडेंट के खिलाफ अमरोहा के जवानों के जितने दस्तावेज और वीडियो दिए हैं, सब सही है। दूबे जी,वाकई आपने शानदार खेल खेला है। डीजी के आदेश का पालन भी कर रहे हैं और पुलिस से होमगार्डों पर दबाव भी बनवा रहे हैं। एक बात का जवाब दें कि क्या इस देश में किसी एसोसिएशन का पदाधिकारी बनना अपराध है? यदि है तो देश में अनगिनत राजनैतिक पार्टियों ने जो अपना एसोसिएशन बनाया है,उसके सभी पदाधिकारी अपराधी है? खैर,अमरोहा के कमांडेंट के कृत्य का खुलासा द संडे व्यूज़ करता रहेगा…

द संडे व्यूज़  ने हल्ला बोल में २३ जनवरी खबर प्रकाशित की जिसमे  शीर्षक अमरोहा कमांडेंट दूबे जी ने पिटवाई मुनादी : वसूली, वसूली और वसूली ने हंगामा मचा दिया है ।  दूबे की पहली किश्त में आज बताते हैं कि उनके कौन-कौन से विभागीय गुर्गे हैं जिन्हें वसूली मैन का दर्जा दिया गया और कहां पर ड्यूटी लगाने के नाम पर जवानों से कितना पैसा लिया जा रहा है। डीएम,अमरोहा के आवास एवं कार्यालय पर तैनात होमगार्डों से एक-एक हजार रुपए की वसूली की जा रही है। कमांडेंट ने डीएम आवास पर तैनात 16 होमगार्डों से वसूली की जिम्मेदारी चमन सिंह- पीसी , कार्यालय पर तैनात 13 जवानों से वसूली की जिम्मेदारी बलराम सिंह-पीसी को सौंप रखी है। डीएम आवास पर जवान तीन वर्ष से और कार्यालय में चार वर्ष से जमे हैं। क्या यहां पर किसी और जवान की ड्यूटी नहीं लगानी चाहिए? जवाब यह है कि जो 1000 रुपए देगा,उसे ही यहां पर ड्यूटी करने का अधिकार है।

इसी तरह,यातायात में तैनात 18 जवान जो एक ही जगह पर तीन वर्ष से लगातार ड्यूटी करते चले आ रहे हैं। यहां पर तैनात जवानों से वसूली करने की जिम्मेदारी दूबे जी ने बलराम सिंह-पीसी व नेपाल सिंह: एसीसी को सौंप रखी है जो प्रति जवान 1500 रुपए वसूली करता चले आ रहे हैं। महिला थाने में 14 महिला होमगार्डों को,11 थानों में 30-40 जवान,जजों के आवास पर 82,4 एसडीएम के यहां24,चार तहसीलदार के यहां 24,2 एडीएम के यहां 122 एसडीएम के यहां12 जवान तैनात हैं। जवानों ने बताया कि नजदीक थानों पर ड्यूटी लगवाने के लिए 1000 रुपए देना पड़ता है।

मांग पूरी करने वालों की तैनाती नजदीक थानों में मिल जाती है,जो देने में सक्षम नहीं है उसे दूर-दराज के थानों में भेज दिया जाता है। यह भी बताया जा रहा है कि कमांडेंट कार्यालय में ओमवीर सिंह,बवीर सिंह,हरिकेश,राजकुमार तिवारी एवं इकबाल-पीसी पिछले दस वर्ष से जमे हैं। इन्हें कोई कमांडेंट हटाने की जुर्रत नहीं करता है। चौंकाने वाली बात यह है कि इकबाल कमांडेंट की गाड़ी को चलाता है लेकिन उसके पास डीएल तक नहीं है। कुल मिलाकर ईमानदारी से काम करने वाले होमगार्डों का इस विभाग में सिर्फ शोषण है। इस बात को लेकर जवानों में आक्रोश है।

Post Author: thesundayviews

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