लखनऊ में रेलवे के ठेकेदार दिलीप यादव पर हमलावरों ने दागी तीन गोलियां

ट्रामा सेंटर में चल रहा है इलाज, डॉक्टरों की टीम ने दो गोलियां निकाली

संजय पुरबिया

लखनऊ। भाजपा राज में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि कभी भी,किसी को सरेराह गोलियों से भून देंगे। पुलिस का इकबाल जहां अवाम में खत्म होता दिख रहा है वहीं अपराधी हर दिन खाकी को चुनौती दे रहे हैं। सीधी बात करें तो बेखौफ अपराधियों से शहरी पूरी तरह से सहम गए हैं। आलमबाग के भीड़-भाड़ वाले इलाके में सोमवार की रात 11 बजे दो बदमाशों ने रेलवे के ठेकेदार दिलीप यादव पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दहशत फैला दिया। दिलीप को तीन गोलियां लगी है और उनका इलाज ट्रामा सेंटर में चल रहा है। डॉक्टरों की टीम अभी तक दो गोलियों को निकालने में कामयाब हो गए हैं। खबर लिखने तक पुलिस सिर्फ हवा में तीन मार रही है।आलमबाग पुलिस का कहना है कि शीघ्र ही अपराधी सलाखों के पीछे होंगे। यानि,अभी तक हमलावरों की गिरफ्तारी दूर शिनाख्त भी नहीं हो पाई है। पुलिस को इंतजार है दिलीप के होश में आने का।

 

 

बता दें कि आलमबाग के टेढ़ी पुलिया टैक्सी स्टैंड के पास बाइक सवार दो बदमाशों ने सोमवार रात 11 बजे रेलवे ठेकेदार दिलीप यादव पर ताबड़तोड़ फ ायरिंग की। दिलीप को तीन गोलियां लगी हैं। उसे ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालात गंभीर बनी हुई है। देर रात तक उसका ऑपरेशन किया जा रहा था। बदमाशों का पता लगाने के लिए आसपास की दुकानों और होटलों के सीसीटीवी कैमरों की फु टेज खंगाली जा रही है।

एसएसपी कलानिधि नैथानी के मुताबिक भीमनगर छोटा बरहा निवासी दिलीप चारबाग से बाइक से घर जा रहे थे। टेढ़ी पुलिया के पास बदमाशों ने उन पर गोलियां बरसाईं। गोली लगते ही वे लहुलूहान होकर सडक़ पर गिर गए। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उन्हें ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। पुलिस के मुताबिक हमले की वजह प्रॉपट्री, ठेकेदारी के अलावा पुरानी रंजिश भी हो सकती है। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि बाइक सवार दो बदमाश दिलीप का पीछा करते हुए आए और मौका देखकर चार राउंड फ ायरिंग की। तीन गोली दिलीप को मारी और भागते समय हवाई फायरिंग की।

प्रभारी निरीक्षक ब्रजेश कुमार सिंह के अनुसार दिलीप को पीठ पर दाहिनी ओर दोए बाईं ओर एक गोली लगी है। जिस स्थान पर ठेकेदार दिलीप को गोली मारी गई, उससे महज 100 मीटर दूर चंदरनगर में 12 दिन पहले कपड़ा व्यापारी अमनप्रीत को बदमाशों ने सात गोलियां मारी थीं। अमनप्रीत की मौके पर ही मौत हो गई थी। दिलीप के पिता छोटा बरहा निवासी रामसेवक रेलवे से रिटायर हैं। दिलीप के दो भाई प्रदीप और अश्वनी हैं। दिलीप रेलवे में ठेकेदारी करता है। इसके अलावा आसपास के इलाके में जमीन का भी काम करता है। वह रोज शाम को चारबाग कार से जाता था, लेकिन सोमवार को बाइक से गया था। घात लगाए बैठे बदमाशों ने उस पर हमला कर दिया।

परिवार में दो बच्चे और पत्नी हैं।
अचानक रात को गोलियों की आवाज टेढ़ी पुलिया का पूरा इलाका दहल गया। वहां आसपास खड़े ऑटो और टैक्सी में सवार लोग भागने लगे। पुलिस ने घायल को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया। पुलिस ने आसपास लगे दुकानों और होटलों के सीसीटीवी कैमरों की फु टेज खंगालनी शुरू कर दी है।

Post Author: thesundayviews

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