प्रमोटी परेड कमांडर ए पी सिंह की ऐंठन हुई फुर्र, हवलदार प्रशिक्षक का जलवा कायम

हल्ला बोल भाग 2 : परेड कमांडर ए पी सिंह की हेकड़ी खत्म,समझौते के लिए हवलदार प्रशिक्षक से रिरिया रहा है

हवलदार प्रशिक्षक अभिषेक चौधरी प्रमोटी से कहिन – ग्राउंड पर चलो, सार्वजनिक माफी मांगो तब देखेंगे

प्रमोटी परेड कमांडर ए पी सिंह की ऐंठन हुई फुर्र, हवलदार प्रशिक्षक का जलवा कायम

आज भी वही सवाल: घोटालेबाज ए पी सिंह को किसने बनाया परेड कमांडर?

संजय पुरबिया
लखनऊ। द संडे व्यूज़ एवं इंडिया एक्सप्रेस न्यूज़ ने ‘हल्ला बोल’ कॉलम शुरू किया और पहले ही दिन होमगार्ड विभाग की खबर प्रकाशित की गई। भ्रष्ट प्रमोटी कमांडेंट ए पी सिंह जिसे महाभ्रष्ट अफसरों ने परेड कमांडर जैसी गरिमामयी पद सौंप दी। वर्दी के रंग में चूर प्रमोटी ने परेड के दौरान हवलदार प्रशिक्षक को मामूली चूक पर थप्पड़ जड़ दिया। हवलदार प्रशिक्षक कमांडेंट के सामने बेहद मामूली मुलाजिम (पद) है। उसे थप्पड़ मारकर कमांडेंट ने अपनी ही बेइज्ती कर ली।

खैर, हमारी मुहिम की वजह से थप्पड़ की गूंज प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंच गई है। विभाग के सभी बड़े अफसरों ने इसकी निंदा भी की। यही वजह है कि ईमानदार डीजी से बचने के लिए प्रमोटी परेड कमांडर आज सुबह से उसी हवलदार प्रशिक्षक अभिषेक चौधरी के सामने गिड़गिड़ा रहा है। उसे डर है कि अनुशासनहीनता बरतने का डीजी क्या इनाम देते हैं। दूसरी तरफ,मान-सम्मान रखने वाले हवलदार प्रशिक्षक ने खुले शब्दों में प्रमोटी से कहा है कि परेड ग्राउंड पर चलकर सार्वजनिक मांफी मांगो तब सोचेंगे…। कुल मिलाकर विभाग में चकल्लस का दौर जारी है और सभी हवलदार प्रशिक्षक के हौसले की प्रशंसा कर रहे हैं और प्रमोटी कमांडेंट की निंदा…

द संडे व्यूज़ एवं इंडियाएक्सप्रेसन्यूज़डॉटकॉम अपने पोर्टल व वीडियो चैनल यूट्यूब पर आज से होमगार्ड विभाग के भ्रस्टाचार और अनुशासनहीनता बरतने वाले महाभ्रष्ट अफसरों के खिलाफ हल्ला बोल कॉलम शुरू करने जा रहा है। पहली किश्त आज से पहली किश्त में ही जिस खबर को उठाया गया था,उसने हंगामा बरपा दिया है। होमगार्ड मुख्यालय पर ग्राउंड पर गणतंत्र दिवस के परेड का रिहर्सल चल रहा है। 20 जनवरी को परेड हो रहा था,उसी दरम्यान मुरादाबाद डीटीसी में तैनात हवलदार प्रशिक्षक अभिषेक चौधरी का संतुलन बिगड़ गया। इस पर गुस्साए परेड कमांडर अजय प्रताप ङ्क्षसह ने उसे तमाचा जड़ दिया।

अचानक हुए इस हादसे से सभी हतप्रभ हो गए। बताया जाता है कि आक्रोशित जवानों ने प्रमोटी कमांडेंट व परेड कमांडर को मारने का मन बना लिया था। उस समय मौजूद मेजर विनोद यादव ने जवानों को समझा कर मामला शांत करा दिया। परेड के बाद आहत हवलदार प्रशिक्षक डीजी जीएल मीना से मिला। उसने सारे वाक्यों से डीजी को अवगत करा दिया है।

सवाल यह है कि पिछले कई वर्षों से परेड कमांडर की जिम्मेदारी बीओ स्तर के कर्मचारी करते थें,तो इस बार प्रमोटी कमांडेंट को इसकी जिम्मेदारी क्यों सौंपी गई? आखिर डीआईजी एस के सिंह ने ऐसे भ्रष्ट प्रमोटी कमांडेंट को परेड कमांडर क्यों बनाया जो भ्रष्ट है?
उ.प्र. होमगार्ड अवैतनिक अधिकारी एवं कर्मचारी एसोसिएशन के अध्यक्ष रामेन्द्र यादव का कहना है कि प्रमोटी कमांडेंट एपीसिंह के खिलाफ विभागीय सख्त कार्रवाई होना चाहिए। वो माफी डीआईजी के कहने पर मांग रहा होगा क्योंकि उनलोगों को मालूम है कि ऐसा नही करेगा तो डीजी उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई जरूर करेंगे। इस विभाग की छवि सारे प्रमोटी अफसर खराब कर रहे हैं। पदोन्नति होकर कमांडेंट तो बन गए लेकिन सोच वही कार्यालय साफ करने वाले बाबूओं की रहती है।

Post Author: thesundayviews

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