पत्रकार छत्रपति हत्याकांड में राम रहीम समेत 4 को उम्रकैद की सजा, 2002 में हुई थी हत्या

16 साल बाद मिला पिता को न्याय: अंशुल

दोषियों को मिली सख्त सजा: खट्टा सिंह

चंडीगढ़ 

पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में 16 साल बाद सीबीआई की विशेष अदालत ने गुरुवार को डेरामुखी गुरमीत राम रहीम समेत चारों दोषियों को ताउम्र कैद की सजा सुनाई है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई के दौरान चारों दोषियों पर हत्या के मामले में पचास-पचास हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माने की अदायगी नहीं करने पर दोषियों को दो-दो साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। दोषी निर्मल सिंह और कृष्ण लाल को आर्म्स एक्ट की धाराओं में भी तीन-तीन साल कैद और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।

51 वर्षीय राम रहीम साध्वी दुष्कर्म मामले में रोहतक की सुनारिया जेल में 20 साल की सजा काट रहा है। यह सजा पूरी होने के बाद उम्रकैद की सजा शुरू होगी। वहीं छत्रपति हत्याकांड में अन्य दोषी निर्मल सिंह, कृष्ण लाल और कुलदीप अंबाला जेल में बंद हैं।

सीबीआई के वकील एचपीएस वर्मा ने बताया कि कोर्ट ने आदेश में दोषियों को उम्र कैद की सजा सुनाते समय किसी टर्म का इस्तेमाल नहीं किया है। उन्होंने कहा कि दोषियों को ताउम्र सलाखों के पीछे रहना होगा। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की विभिन्न जजमेंट के मुताबिक राम रहीम की ताउम्र कैद का मतलब पूरी उम्र सलाखों के पीछे रहना है।

सोलह वर्ष बाद आए फैसले पर रामचंद्र छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति ने कहा कि हम चाहते थे कि दोषी राम रहीम को मौत की सजा हो। लेकिन अदालत ने जो फैसला दिया है, उसका स्वागत करते हैं। आज आए फैसले ने सोलह साल के इंतजार की भरपाई कर दी है। आज हमारी जीत हुई है और न्यायिक प्रणाली पर पहले की तरह हमारा भरोसा अडिग है। अंशुल छत्रपति ने कहा कि राम रहीम ने समाज के चौथे स्तंभ मीडिया पर भी हमला किया था और इसकी सजा उसे दी गई।

छत्रपति हत्याकांड के मुख्य गवाह खट्टा सिंह ने कहा कि क्रिमिनल गुरमीत राम रहीम को उसके गुनाहों की सजा मिली है। उसने साध्वियों से बलात्कार किया और अब हत्या के दोष में सजा मिली है। मामले में इंसाफ के लिए शुरूआत से लेकर वह पीड़ित परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर हर मोर्च पर साथ रहा। कई साल पहले भी उन्होंने राम रहीम की करतूत का पर्दाफाश किया था। गुरुवार को फैसला आने के बाद उन्होंने न्यायिक प्रणाली पर विश्वास जताया और हत्याकांड में दोषियों को सजा मिलने पर खुशी जाहिर की।

सीबीआई की विशेष अदालत ने दोषियों को हत्या में आईपीसी की धारा-302, साजिश रचने के तहत आईपीसी-120/बी समेत दोषी निर्मल सिंह को हथियार रखने के लिए 25-54-59 और दोषी कृष्ण लाल को किसी अन्य को हथियार देने के लिए आईपीसी-29-54-59 के तहत सजा दी गई है।

Post Author: thesundayviews

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