तेजस्वी बोले, सपा-बसपा गठबंधन से भाजपा को झटका

बिहार में हो सकता है बसपा-राजद गठबंधन

लखनऊ

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री व राजद नेता तेजस्वी यादव ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की और उन्हें गठबंधन की बधाई देते हुए कहा कि सपा-बसपा गठबंधन होना ऐतिहासिक मौका है। इसकी गूंज पूरे देश में सुनाई दे रही है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस समय देश में भाजपा के खिलाफ जबरदस्त माहौल है। भाजपा विकास का वादा कर सत्ता में आई थी लेकिन उसने अपना एक भी वादा पूरा नहीं किया। न तो दो करोड़ नौकरियां दीं और न ही 15 लाख रुपये देश की जनता को दिये।

उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव 2019 में यूपी, बिहार व झारखंड में भाजपा की 100 सीटें कम होंगी। सपा-बसपा गठबंधन से भाजपा को झटका लगा है। इस गठबंधन के लिए मैं अखिलेश यादव व मायावती को बधाई देने के लिए आया हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए तेजस्वी ने कहा कि विधानसभा चुनाव में तो मोदी जी ने बिहार की बोली लगा दी थी। सवा लाख करोड़ का पैकेज देने का वादा किया था लेकिन अब तक नहीं दिया और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी इस पर कुछ नहीं बोल रहे हैं

तेजस्वी ने कहा कि अखिलेश और मायावती जी ने ऐतिहासिक फैसला लिया है। इसका असर पूरे देश की राजनीति पर होगा। उन्होंने कहा कि आज बिहार में भाजपा व नीतीश की सरकार में राज्य की कानून-व्यवस्था खराब है पर मुख्यमंत्री कुछ बोल ही नहीं रहे हैं। बिहार में तो बर्फ भी नहीं पड़ी है कि उनका (मुख्यमंत्री नीतीश) मुंह जम गया हो।

गठबंधन में कांग्रेस के न शामिल होने के सवाल पर तेजस्वी ने कहा कि यूपी में भाजपा को हराने के लिए सपा-बसपा ही काफी हैं। यहां तक कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी कहा है कि भाजपा यूपी में ज्यादा सीटें नहीं जीत पाएगी, गठबंधन में कौन-कौन शामिल है, ये मुद्दा नहीं।वहीं, अखिलेश यादव ने कहा कि सपा-बसपा गठबंधन का असर पूरे देश पर पड़ेगा। उपचुनाव में ये साबित हो चुका है कि भाजपा को अब यहां एक भी सीट नहीं मिलने जा रही है।

रविवार रात लखनऊ पहुंचने पर तेजस्वी यादव ने कहा था कि मेरे पिता लालू प्रसाद यादव ने कल्पना की थी कि यूपी में एक महागठबंधन हो जिसमें सपा और बसपा मिलकर चुनाव लड़ें। आज देश के जो हालात हैं, उसमें यह गठबंधन आवश्यक हो गया है। तेजस्वी यादव ने भाजपा और संघ पर करारा हमला करते हुए कहा था कि इस समय देश में संविधान को खत्म कर नागपुरिया कानून लागू करने का प्रयास किया जा रहा है। मोहन भागवत जो कह रहे हैं, नरेंद्र मोदी वही कर रहे हैं। इस समय देश में अघोषित इमरजेंसी जैसे हालात हैं। सपा-बसपा गठबंधन से लालू का सपना साकार हुआ है।

तेजस्वी एयरपोर्ट से सीधे मायावती के माल एवेन्यू स्थित आवास पर पहुंचे और करीब डेढ़ घंटा वहां रहे। उन्होंने कहा, मैं बहन मायावती का आशीर्वाद लेने आया हूं। उनके मार्गदर्शन से काफी कुछ सीखने को मिलता है। वह मायावती के दिखाए रास्ते पर आगे बढ़ेंगे। दिल्ली की कुर्सी का रास्ता यूपी और बिहार से होकर जाता है। देश की निगाहें यूपी में बसपा और सपा के गठबंधन पर थीं।

मायावती और अखिलेश यादव के कदम से देश की जनता में उत्साह है, खासतौर पर बहुसंख्यक समाज ने इसका स्वागत किया है। दोनों दल यूपी में मिलकर चुनौतियों का मुकाबला करेंगे। लोकसभा चुनाव में यूपी और बिहार से भाजपा का पूरी तरह सफाया होगा। इससे पहले अमौसी एयरपोर्ट पर तेजस्वी यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी लड़ाई मोदी को हटाने या हराने की नहीं है। उनसे कोई नफरत या गुस्सा नहीं है। यह एक विचार की लड़ाई है। मोदी से पहले भी लालू प्रसाद यादव बीजेपी व आरएसएस का विरोध करते रहे हैं।

तेजस्वी से मुलाकात के बाद मायावती ने मीडिया से बातचीत में कहा कि देश में लोकतंत्र की नींव मजबूत होनी चाहिए। संकीर्ण, सांप्रदायिक और जातिवादी ताकतों का कमजोर होना और सत्ता से दूर रहना आवश्यक है। राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के साथ द्वेषपूर्ण ज्यादती की जा रही है।

लोकसभा चुनाव से पहले बसपा और राष्ट्रीय जनता दल के बीच बिहार में गठबंधन होने के आसार हैं। बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और राजद के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव ने रविवार रात बसपा सुप्रीमो मायावती से उनके आवास पर लंबी बातचीत की। बिहार में बसपा और राजद के गठबंधन को लेकर भी चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक राजद बिहार में मायावती से कुछ सीटों पर समझौता कर यूपी में अपना खाता खोलना चाहता है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने गठबंधन के संकेत भी दिए। बिहार में राजद और बसपा गठबंधन के सवाल पर मायावती ने कहा कि सभी चीजें आज ही बता देंगे क्या, समय आने पर सभी चीजों का खुलासा हो जाएगा।

Post Author: thesundayviews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *