मायावती ने कहा- लोकसभा चुनाव में 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी सपा और बसपा

सपा और बसपा की दोस्ती में मुस्लिम वोट बैंक सबसे अहम फैक्टर

लखनऊ 

सपा और बसपा के बीच गठबंधन को लेकर पूरे देश की सियासत गर्मा गई है। आज बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती व समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव लखनऊ में सपा-बसपा गठबंधन पर साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की। सपा-बसपा के दिग्गज नेता भी इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मायावती ने बताया कि सपा और बसपा 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि रायबरेली और अमेठी की सीट पर सपा-बसपा गठबंधन नहीं उतारेगा कोई उम्मीदवार और दो सीटें अन्य सहयोगी दल के लिए खाली छोड़ी है।

मायावती और अखिलेश की पार्टी के बीच हो रही दोस्ती के केंद्र में मुस्लिम वोट बैंक है। लोकसभा चुनाव के दौरान इस वोट बैंक में दोनों ही दल बिखराव नहीं चाहते। जिसे वह अपनी जीत की कुंजी मान रहे हैं। सपा और बसपा में 26 साल के लंबे समय बाद दोस्ती होने जा रही है। दोनों ही दलों की मुख्य ताकत मुस्लिम वोट बैंक को माना जाता है।

मुस्लिम वोट बैंक जब भी जिस तरफ गया, दोनों में से उसी दल ने जीत हासिल की है। दोनों ही दलों द्वारा मुस्लिमों को साधने के लिए तमाम प्रयास किए जाते रहे हैं। उनका प्रयास है कि लोकसभा चुनाव में यह मुस्लिम वोट बैंक एकजुट रहे, जिसमें कोई बिखराव ना हो और उसके साथ ही उन्हें दलित, पिछड़ों और अति पिछड़ों का भी साथ मिले, जिससे वह भाजपा को हरा सकें।

Post Author: thesundayviews

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