डीजी की सोच की धज्जियां उड़़ा रहे हैं अमरोहा कमांडेंट

डीजी का फरमान : जवानों से ड्यूटी के नाम पर कमांडेंट ना करें वसूली,वर्ना दर्ज होगी एफआईआर

डीजी के पास जवानों ने बीओ,कंपनी कमांडर द्वारा की जा रही वसूली का किया खुलासा

कमांडेंट के इशारे पर खास बीओ,कंपनी कमांडर करते हैं जबरियन वसूली,पैसा कई हिस्सों में बंटता है

अमरोहा कमांडेंट मनीष दूबे ने की डीजी के आदेश की तौहीन

एसोसिएशन के पदाधिकारी बनने पर कमांडेंट ने जवानों को थमाया पत्र

बर्खास्त करने की दी धमकी,जवान आक्रोश में

दूबे जी के भ्रस्टाचार के कारनामे अफसरों को भी नहीं मालूम,हम करेंगे खुलासा : रामेन्द्र यादव

शरद यादव

अमरोहा। होमगार्ड विभाग के डीजी जी एल मीना के सामने अब जवान मुखर होकर अपनी शिकायतें रख रहे हैं। जवान बता रहे हैं कि जिला कमांडेंट और उनके सहयोगी किस तरह से संवेदनशील ड्यूटी लगाने के नाम पर जबरियन पैसों की मांग कर रहे हैं। पैसा ना देने पर ड्यूटी ना देने की धमकी बीओ,कंपनी कमांडर द्वारा दी जाती है। सब कुछ कमांडेंट के इशारे पर होता है। जवानों में ये हिम्मत डीजी के पहल से ही आई है। लेकिन,इसका जिला कमांडेंट पर कोई असर नहीं दिख रहा है। ये बात खुद डीजी जीएल मीना ने अपने पत्र में लिखा है। सीधी बात यह है कि डीजी जहां भ्रस्टाचार को खत्म करने और कमांडेंट द्वारा जवानों से ड्यूटी के नाम पर धनउगाही खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं वहीं कई कमांडेंट इनके आदेश की धज्जियां उड़ा रहे हैं। ऐसा मुख्यालय के तथाकथित अधिकारियों की शह पर हो रहा है।

तभी तो अमरोहा का कमांडेंट मनीष दूबे ने उ.प्र. होमगाड्र्स अवैतनिक अधिकारी एवं कर्मचारी एसोसिएशन के गठन के बाद 13 होमगार्डों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। इसके बाद वही पुराना फंडा अपनाया जाएगा,कमांडेंट सभी को बर्खास्त करेगा और कुछ माह बाद बहाली के नाम सौदेबाजी शुरू होगा। इसके विरोध में एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरोहा के कमांडेंट के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा कि अमरोहा में कमांडेंट स्तर पर जो भ्रस्टाचार किया जा रहा है इसकी जानकारी मुख्यालय के अफसरों को नहीं है। इनके काले कारनामों को हमलोग जनता के सामने लाएंगे।

होमगार्डों की इज्जत,मान-सम्मान में किसी तरह की कोई कमी ना हो इसकी पहल डीजी जी एल मीना ने शुरू की लेकिन इस विभाग के अफसरों पर इसका सीधा असर नहीं हो रहा। डीजी के कई बार कहने के बाद भी कमांडेंट जिलों में ड्यूटी के नाम पर जवानों से वसूली कर रहे हैं। तभी तो डीजी को मजबूरन सभी जिलों के कमांडेंट को पत्र जारी करना पड़ा। पत्र में उन्होंने साफ तौर पर लिखा है कि यदि अब किसी जवान के उत्पीडऩ की शिकायत मिली तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। बावजूद इसके अमरोहा के कमांडेंट मनीष दूबे होमगार्डों को दोहन करते चले आ रहे हैं।

4 जनवरी 2019 को अमरोहा के 13 होमगार्डों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह में जवाब मांगा है। यदि जवाब नही देंगे तो उन्हें बर्खास्त करने की धमकी दी है। इन जवानों ने उ.प्र. होमगार्ड अवैतनिक अधिकारी एवं कर्मचारी एसोसिएशन का पद लिया है। इस दौरान जवानों ने ऐसा कोई काम नहीं किया जिससे विभाग की छवि धूमिल हो। इस बात को लेकर जनपद के जवानों में भारी आक्रोश है। जवानों को ये नहीं समझ में आ रहा कि आखिर कमांडेंट दूबे जी ने किस आधार पर जवानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया? एसोसिएशन में पदाधिकारी बनना क्या गुनाह है ?

इस बारे में एसोसिएशन के अध्यक्ष रामेन्द्र कुमार यादव का कहना है कि डीजी की सोच जवानों के प्रति अच्छी है लेकिन कमांडेंट अपनी घटिया सोच से ऊपर नहीं उठ रहे हैं। सरकार इन्हें भारी-भरकम सेलरी दे रही है उसके बाद भी ये लोग होमगार्डों से ड्यूटी के नाम पर प्रति माह लाखों रुपए की वसूली करने में लगे रहते हैं। उन्होंने कहा कि डीजी के आदेश का भले ही कमांडेंट पर असर ना हो लेकिन अमरोहा के भ्रष्टï कमांडेंट के खिलाफ हमलोग मोर्चा खोल देंगे। कमांडेंट दूबे जी के पेट में इसलिए दर्द हो रहा है कि यदि अमरोहा में जवान एसोसिएशन के पदाधिकारी बन जाएंगे तो वहां का सबसे बड़े भ्रस्टाचार खुलासा हो जाएगा। इस विभाग के अफसरों को भी नहीं मालूम की अमरोहा में दूबे जी क्या-क्या खेल कर रहे हैं। इसका खुलासा हमलोग करेंगे और जनता के सामने उनका असली चेहरा लाएंगे।

Post Author: thesundayviews

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