दलित-ओबीसी को बिना नुकसान पहुंचाए दिया सवर्णों को आरक्षण: महेन्द्र नाथ

लखनऊ

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डा. महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने गरीब सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने के नरेंद्र मोदी सरकार के फैसले की सराहना की है। उन्होंने कहा कि दलित और ओबीसी को मिले आरक्षण को बिना नुकसान पहुंचाए गरीब सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने का फैसला लेकर पीएम नरेन्द्र मोदी ने साहसिक व ऐतिहासिक कदम उठाया है। यह कहने में गर्व का अनुभव हो रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में अपना सीना 56 इंच का चौड़ा बताया था, तो वह गलत न था।


डा. पाण्डेय सोमवार को प्रदेश भाजपा मुख्यालय पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें 70 सालों से इस देश का सवर्ण गरीब आरक्षण या अन्य सुविधाओं से वंचित था। आखिर उसका क्या दोष था? कहीं-कहीं एक वैमनस्य का भाव भी पैदा हो जाता था गरीबों दलितों ओबीसी को उनका हक मिल रहा है, लेकिन गरीब सवर्ण को कुछ नहीं।

सवर्णों में नाराजगी को कम करने के लिए आरक्षण देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री रहते वर्ष 2003 में आयोग बनाया था। मनमोहन सरकार ने उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया था। मोदी सरकार ने उसी कड़ी को आगे बढ़ाया है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में बीजेपी की पांच सीटों से  हार हुई है। ऐसे में तीन राज्यों में हार का सवर्ण वर्ग को आरक्षण देने के फैसले से कोई वास्ता नहीं है। बीजेपी हर वर्ग को लाभ देना चाहती है इसलिए ये कदम उठाया है।

सपा-बसपा गठबंधन के सवाल पर डा. पाण्डेय ने कहा कि बसपा प्रमुख मायावती सपा के जिन गुडों की छाती पर चढ़ने का दावा करती थीं,  आज उनको गले लगा लिया और अब दोनों दल गलबहियां कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीबीआई पर जो लोग आरोप लगा रहे हैं, उनसे सवाल है हाईकोर्ट  के आदेश में बीजेपी कहां से आ गई। बीजेपी सीबीआई के काम में हस्तक्षेप नहीं करती।

Post Author: thesundayviews

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