क्या मंत्री ने सुहेलदेव राजभर की सभा के लिए लगे होर्डिंग्स में प्रधानमंत्री,मुख्यमंत्री का अपमान किया !

होर्डिंग में आयोजक की जगह पीएम का लगा फोटो…

होर्डिंग में मंत्री अनिल राजभर का बड़ा और सीएम का छोटा फोटो चस्पा…

पूर्वांचल के अवाम का मुद्दा : बड़ा कौन अनिल राजभर या योगी आदित्यनाथ!

सुप्रीम कोर्ट का आदेश: जातीय सम्मेलन ना हो…

महाराजा सुहेलदेव राजभर के डाक टिकट के नाम पर राजभर वोट बैंक को साधने की तैयारी

अनिल राजभर ने महाराजा सुहेलदेव राजभर की विशाल जनसभा के लिए पूर्वांचल में लगाए सैंकड़ों होडिंग्स

संजय पुरबिया
लखनऊ। पांच राज्यों में मिली करारी हार से भाजपा के माननीय सकते में हैं। उन्हें अब अहसास हो गया है कि यूपी की सियासत में इनलोगों के मजबूत वोट बैंक खिसक गए हैं। वैसे भी यूपी की राजनीति जातीय आधार पर सिमट कर रह गई है। जहां तक पूर्वांचल की बात की जाए तो यहां राजभर वोट बैंक को लेकर जबरदस्त घमासान मचा है। यूपी के माननीय से लेकर सांसद एवं विधायकों ने इस वोट बैंक को साधने की हर संभव कोशिश की लेकिन सभी के हाथ निराशा ही लगी। यही वजह है कि अब पूर्वांचल की सरजमीं गाजीपुर में 29 दिसंबर को महाराजा सुहेलदेव राजभर के नाम पर डाक टिकट जारी करने के बहाने डेढ़ लाख राजभर वोट बैंक को लुभाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जा रहे हैं। विशाल जनसभा की पूरी जिम्मेदारी राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार अनिल राजभर को सौंपी गई है। पूर्वांचल में वाराणसी से लेकर गाजीपुर तक प्रधानमंत्री और अनिल राजभर के होडिंग्स पटे हैं। होर्डिंग्स को देखने के बाद पूर्वांचल की अवाम के जेहन में कई बातें घूम रही है।

 

इंडिया एक्सप्रेस न्यूज़ के पास कुछ जागरूक पाठकों ने जो सवाल उठाए,वाकई वो चौकाने वाले हैं। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर जब सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि जातीय सम्मेलन नहीं हो सकता तो महाराजा सुहेलदेव राजभर के नाम से विशाल जनसभा कैसे किया जा रहा है ? महाराजा सुहेलदेव राजभर यानि राजभर वोट बैंक साधने की साजिश…। सवाल यह भी है कि होर्डिग्स में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री का राज्य मंत्री अनिल राजभर सम्मान दे रहे हैं या अपमान कर रहे हैं ? जहां पर प्रधानमंत्री का फोटो लगना चाहिए वहां अनिल राजभर ने अपना बड़ा सा फोटो चस्पा कराया है। जहां आयोजक का फोटो होना चाहिए वहां प्रधानमंत्री को फोटा चस्पा है।

 

इतना ही नहीं,प्रदेश के मुख्यमंत्री को कई होर्डिग्स छोटे साईज में लगाया गया है। आखिर अनिल राजभर जताना क्या चाहते हैं? मुख्यमंत्री येागी आदित्यनाथ का कद बड़ा है या छोटा,इसका सही जवाब तो अनिल राजभर ही दे सकते हैं…

पूर्वांचल में राजभर बिरादरी के दो मंत्री ओमप्रकाश राजभर एवं अनिल राजभर हैं। ओमप्रकाश के आक्रामक तेवर की वजह से उन्हें 29 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आईटीआई मैदान,गाजीपुर में आयोजित विशाल जनसभा में आमंत्रित नहीं किया गया है। इस दिन प्रधानमंत्री महाराजा सुहेलदेव राजभर के नाम का डाक टिकट जारी करेंगे। पांच राज्यों के चुनाव परिणाम से यूपी के माननीय,सांसद,विधायक सदमे में हैं।

 

सत्ता की धौंस, धमक और लाल बत्ती की गाडिय़ों में चिल्ल-पो कर रफ्तार भरने वाले माननीयों को अहसास हो चला है कि यूपी में भी उनकी वोट की खेती में शीतलहरी का प्रकोप लग गया है। राजभर बिरादरी को वोट गाजीपुर या यूं कहें पूर्वांचल के लिए सत्ता बनाने और सत्ता को ध्वस्त करने के लिए काफी है। यही वजह है कि इस वोट बैंक पर अपना अधिकार जमाने के लिए भाजपा ने अब प्रधानमंत्री को बुलाया है। इससे साबित होता है कि ये वोट बैंक राजनीतिक दलों के लिए कितना मायने रखता है।

खैर,मुद्दा यहां प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के सम्मान और अपमान का है। सभी होर्डिग्स में राज्य मंत्री अनिल राजभर ने अपने फोटो का साईज काफी बड़ा रखा है जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ऊपर की कतार में अमित शाह,राजनाथ सिंह, डॉ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय,दिनेश शर्मा,केशव प्रसाद मौर्य के साथ छोटे साईज में लगा दिया है। इसी तरह, प्रधानमंत्री का फोटो को वहां स्थान दिया है जहां अमूमन आयोजन अपना फोटो चस्पा करता है। होर्डिंग देख कर ऐसा लग रहा है जैसे मोदी आयोजक हैं, अनिल राजभर विशिस्ट अतिथि और योगी अतिथि हों । वैसे भी सत्ता की भूख बेहद खराब कही जाती है। अब इससे भला राज्य मंत्री अनिल राजभर कैसे बच सकते हैं।

Post Author: thesundayviews

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