मऊ

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर का बुलंदशहर हिंसा पर नया बयान सामने आया है। गुरुवार को मऊ पहुंचे दिव्यांग एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री व सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि भाजपा बुलंदशहर में दंगा कराना चाहती थी। लेकिन इंस्पेक्टर की शहादत ने  मंसूबों पर पानी फेर दिया।

वो हिंदी भवन में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में पहुंचने के दौरान पत्रकारो से बातचीत कर रहे थे। मंत्री ने कहा कि बुलंदशहर में भाजपा प्लान के साथ दंगा कराना चाहती थी। इसमें उसका साथ सहयोगी बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद के नेता दे रहे थे।दंगा उस समय कराया गया जब बुलंदशहर में 15 से 16 लाख मुसलमान जलसे के दौरान मौजूद थे। अपनी ही सरकार पर इस तरह का आरोप लगाने के बाबत पूछे जाने पर ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि हमे सही बोलने की आदत है। हम किसी की नीतियों का विरोध नही करते, बल्कि गलतियों का विरोध करते हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब राम मंदिर का मामला कोर्ट में विचाराधीन है तो फिर अयोध्या में किस बात की धर्मसभा?

उन्होंने मांग किया कि जिस तरह से एससी/एसटी बिल लाकर कोर्ट के फैसले को बदला गया, उसी प्रकार से बिल लाकर 27 प्रतिशत आरक्षण को बढ़ाकर 52 प्रतिशत कर दिया जाए। मुख्यमंत्री द्वारा हनुमान जी को दलित की संज्ञा देने के प्रश्न पर बोले कि अभी तक की राजनीति इंसानों की जाति बांटकर की जाती थी, लेकिन अब भगवान को भी इसके लपेटे में ले लिया गया।

अपनी ही सरकार के खिलाफ बयानबाजी कर अक्सर विवादों में रहने वाले राजभर बुलंदशहर हिंसा के बाद भाजपा पर लगातार हमलावर हैं। उन्होंने इस हिंसा के लिए सीएम योगी पर भी निशाना साधा है। बुधवार को बलिया पहुंचे मंत्री ने कहा था कि  सीएम योगी के लोग दंगा भड़का रहे हैं जबकि वह शांति का प्रयास कर रहे हैं।

बुलंदशहर हिंसा के बाद मुख्यमंत्री की उच्च अधिकारियों के साथ बैठक और शहीद पुलिस इंस्पेक्टर  के परिजनों से मुलाकात को लेकर पूछे गये सवाल पर राजभर ने कहा था कि उनके (योगी) लोग दंगा भड़का रहे हैं और हम शांति का प्रयास कर रहे हैं।’ उन्होंने बुलंदशहर कांड की एसआईटी जांच को लेकर भी सवाल खड़े किए। राजभर ने कहा कि एसआईटी क्या जांच करेगी, पता नहीं?

Post Author: thesundayviews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *