जनाक्रोश रैली की तैयारी-बेटियां मांगे अधिकार,सरकार उन पर डंड़ों से करा रही हमला : हेमलता शुक्ला

शिवपाल यादव के जनाक्रोश रैली में महिला कार्यकर्ताएं भरेंगी हुंकार

यूपी में बेटियों को सिर उठाकर जीने का अधिकार शिवपाल यादव ही दिला सकते हैं : हेमलता शुक्ला

शिवपाल एक के नहीं, सभी वंचितों के साथ हैं

बेरोजगार क्यों बनाए पकौड़ा,भाजपाई तले शीतलहरी में पकौड़ा

शरद यादव

कानपुर। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव आगामी 9 दिसंबर को राजधानी में अपनी ताकत दिखाएंगे। माया द्वारा बनाई गई रमाबाई रैली स्थल में वे जनसैलाब लाने की पूरी कवायद कर चुके हैं। इस जनक्रोश रैली को ऐतिहासिक बनाने में कार्यकर्ताओं ने युद्ध स्तर पर तैयारियां कर ली है। महिलाएं भी उस दिन हुंकार भरकर सरकार को शिवपाल सिंह यादव के ताकत का पूरी तरह से अहसास करा देंगी।प्रदेशभर से हजारों महिला कार्यकर्ताओं का हुजूम रैली में भाग लेने आ रही हैं। सभी को मालूम है कि शिवपाल किसी एक जाति या एक व्यक्ति के नहीं बल्कि वे हर उस मजलूम,गरीब,बेरोजगार, किसान, पीडि़त लोगों के साथ हमेशा से खड़ रहने वाले इंसान हैं। ये रैली माननीय शिवपाल जी या आदित्य जी की रैली नहीं है हम सबके अधिकार की रैली है। जिसमे शिवपाल यादव और आदित्य हम सबका सहयोग दे रहे हैं । ये कहना है प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया,इटावा,महिला सभा की प्रदेश कोषाध्यक्ष हेमलता शुक्ला का।

हेमलता शुक्ला ने द संडे व्यूज़ एवं इंडिया एक्सप्रेस न्यूज़ डॉट कॉम को बताया कि ये कोई आज की बात नही है शिवपाल यादव ने हमेशा गरीब, मजदूर, बेरोजगार और महिलाओं का साथ दिया और दे रहे हैं। हमारी मां- बेटी, बहू, बहन इस सरकार में सुरक्षित नही हैं । हमारी बेटिया पढ़ी- लिखी होने के बाबजूद भी बेरोजगार हैं। केंद्र सरकार नारा लगाती है बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ लेकिन जब हम अपनी बेटियों को शिक्षित करते हैं और बेटियां अपना अधिकार मांगती हैं तो सरकार उन पर डंडों से मरवा कर बुरा हाल करतर है। ताकि, बेटियां अपना अधिकार न मांगे। उधर, किसान खुदकुशी कर रहे हैं क्योंकि सरकार बोलती है हम किसानों को ऊपज का डेढ़ गुना पैसा देंगे,लेकिन किसान भाइयों को ऊपज की लागत भी नहीं निकल पा रही है। सरकार ने बोला था की किसान भाइयों का कर्ज माफ होगा लेकिन कुछ नहीं हुआ। सिर्फ मजाक का पात्र बना दिया गया है किसानों को। किसान अपना हक मांगते हैं कोई भीख नहीं।

 

शिक्षित नौजवान बेरोजगार हैं जब वो सब अपनी हक की बात बोलते हैं तो सरकार बोलती है कि पकौेड़े बनाओ। जब पकौड़े ही बनाने हैं तो मां-बाप क्यों अपनी जमीन- जायजाद बेच कर बच्चों को शिक्षित करते हैं। सरकार के बोल थे कि हम काला धन लायेंगे और हर गरीब के खाते में 15-15 लाख रुपए आएंगे। जनता बहकावे में आ करके दिल खोल कर वोट दिया परन्तु किसी के खाते में एक रुपया भी नही आया। सरकार सत्ता की लालच में मदहोश हो चुकी है। ये लोग कभी हनुमान जी को दलित बोलते हैं, कभी कुछ, ये सरकार धर्म और जाति को लेकर खेल खेल रही है और आपस में दंगे करवा रही है। कितने घर बर्बाद हो रहे हैं, ये सब चिंता सरकार को नहीं है। सरकार के बड़े नेता बड़े ही यकीन से बोलते हैं कि वो इतनी सीटों से जीत हासिल करेंगे क्योंकि उन सबको पता है इवीएम मशीन तो उनके हाथों की है। जितने चाहेंगे उतने वोट उनकी झोली में होंगे।


जब बुलन्दशहर आग में जल रहा था और शहर के जांबाज इंस्पेक्टर सुबोद सिंह राठौर शहीद हो गए तो दूसरी तरफ सीएम योगी राजस्थान और मध्य प्रदेश के स्टार प्रचारक बन कर वोट मांग रहे थे । मैं तो ये बोलना चाहूंगी कि योगी जी जब आपसे उत्तर प्रदेश नही संभल रहा तो आप इस्तिफा दे क्यों नहीं देते। आपने भोली-भाली जनता से वादे किये थे वो आप निभा नही पा रहे हैं। आप मठ संभाले वही सही जगह है । चाय-चाय, गाय- गाय कहने से सरकार नही चलती। गाय हमारी माता है ये हम सब जानते लेकिन आज गाय भी सुरछित नहीं है।

शिवपाल यादव की रैली को लेकर इटावा के कार्यकर्ता कितना उत्साहित हैं इसका अंदाजा इससे भी लगा सकते हैं कि हेमलताशुक्ला का एक्सीडेंट 23 नवंबर को बनारस में हो गया था। अभी भी बहुत स्वस्थ नहीं है फि र भी जी-जान से पार्टी के लिए मेहनत कर रही हैं। उनका कहना है कि यह वक्त पार्टी के लिए बहुत ही कड़ी मेहनत का है, चाहे मैं बीमार हूं लेकिन फि र भी अपना जी जान लगाकर पार्टी के लिए खड़ी रहूंगी।

Post Author: thesundayviews

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