पूर्व मुख्यमंत्री हों या मौजूदा,सभी ने कहा-निघासन में विकास की गंगा बहाएंगे, जनप्रतिधियों ने नाली तक नहीं बनाई : राजीव गुप्ता

निघासन विधान सभा क्षेत्र में बिछने लगी उप चुनाव की गोटियां, मतदाओं ने ओढ़ रखी है खामोशी की चादर

मतदाताओं की खामोशी ने सहम गए हैं सरकार के प्रत्याशी,सभी जानते हैं इस बार छलावे में नहीं आएंगे मतदाता

क्या सरकार के पूर्वज ईश्वरीय शक्तियों की कुंडली बांचते थें : राजीव गुप्ता

राजीव गुप्ता

तिकुनिया। 138 निघासन विधान सभा क्षेत्र में एक बार फिर उप चुनाव होने जा रहा है लेकिन मतदाता खामोश हैं। मतदाताओं में ना तो उप चुनाव को लेकर जोश है और ना ही उत्साह। क्योंकि,वे हर बार अपनी मुहर लगाकर चुनने वाले प्रत्याशियों और सरकार से छले गए हैं। सत्ता की कुर्सी मिलने के बाद मतदाताओं की उम्मीदों को ध्वस्त कर देने वाले प्रतिनिधियों को इस बार जीत के लिए नाको चने चबाने होंगे। खामोशी अख्तियार करने की वजह से सरकार के प्रत्याशियों को भी शीतलहरी में मतदाताओं के रूख का अंदाजा नहीं लग पा रहा है। ये होना भी चाहिए क्योंकि जब उप चुनाव होता है तो कोई भी सरकार हो,विकास की गंगा बहा देंगे,बिजली,सडक़,पानी सहित मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करेंगे,वगैरह-वगैरह, दावें ठोंकते हैं। चुनाव जीतने के बाद…।

प्रतिनिधि  तो करोड़पति बन जाते हैं और जनता मूकदर्शक बन उनके शानो-शौकत को निहारते रह जाते हैं। मेरा मतलब,अपने को एक बार फिर ठगे महसूस करने लगते हैं लेकिन इस बार निघासन के मतदाताओं ने खामोशी की चादर ओढ़ रखी है। वे नहीं चाहते कि पूर्व मुख्यमंंत्री अखिलेश यादव हों या फिर मौजूदा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार,वे अब छलावे में नहीं आएंगे। वोट उसे देंगे जो वाकई निघासन विधान सभा क्षेत्र का विकास करेगा। इससे शर्मनाक बात क्या होगी कि उप चुनाव करीब आते ही जो माननीय हिन्दुत्व की बातें कर सत्ता का सुख भोग रही है,वही हमसभी के ईश्वर हनुमान जी की जाति बता कर मीडिया में सुर्खियां बटोर रहे हैं। मेरा सवाल है क्या सरकार के लोग भविष्यवक्ता हो गए हैं ? क्या उनके पूर्वज ईश्वरीय शक्तियों की कुंडली बांचते थें ?

र कलयुग में नेता जनता का ध्यान बंाटने के लिए ऐसे विवादित बयान दे रहे हैं कि नेताओं को समाचार पत्रों में प्रमुखता से जगह मिले। घोर कलयुग हमने इस लिए बोला कि अब हनुमान जी को दलित बोला गया। शायद अब कुछ शेष बचा नहीं। जब नेताओं ने संकट मोचक हनुमान जी को भी नही छोड़ा… ! कहीं नेता मन की बात कर के चुनाव जीत जा रहे है , फि र जीतना चाहते हैं । इस बीच फि र हमारी निघासन विधानसभा में उप चुनाव होना है। नेता फि र गोटियां बिछा रहे हैं। जैसे भी हो झूठ बोल कर बस चुनाव जीत लिया जाए…

यहां की जनता नेताओं से हताश और निराश हो कर पूरी तरह से खामोश है। उप चुनाव को लेकर जनता में कोई खुशी भी नही दिख रही है। आमजन को अब भरोसा नहीं रहा कि सरकार में चुनाव होगा और सरकार को चुनाव जीता कर भेजने पर जनता की आम जन समस्या दूर हो जाए। जबकि उप चुनाव में तो सभी मानते हैं कि जिस की सरकार हो विधायक उसी का बनाओ, कम से विकास तो होगा… लेकिन यहां यह फार्मूला नहीं चल पा रहा है। जनता इस फार्मूले को झूठ समझती है और विश्वास करने को तैयार नहीं है, क्योंकि अभी पूर्ववर्ती सरकार में तीन साल पहले ही उपचुनाव हुआ था। जनता ने इसी फार्मूला के तहत सरकार के विधायक को चुनाव जीताया। 1000 नेता पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भेजे थे। उन्होंने लखनऊ से जो नेता भेजे थे वो उसी जाति के गांव में रोके जा रहे थे। उन्हों ने बड़े-बड़े वादे किए। स्थनीय समस्याओं पर सत्ता के विधायक को जिताने पर काम करने का वादा भी किया था। उस समय सत्ता का विधायक चुनाव जीत गया। मुख्यमंत्री ने तीन साल पहले निघासन में चुनाव जितने पर लखनऊ से भेजे गए 1000 सेनापतियों की पीठ थपथपाई और उन नेताओं के निजी काम भी कर दिए।

निघासन के विधायक अपने को सत्ता का मैं समझ बैठे। जनता के साथ फि र छल हुआ। कोई काम नही हो पाया। जनता अपने को ठगा हुआ महसूस करती रही। उसी जनता ने विधायक जी को हजारों वोटो से चुनाव हरा दिया और भाजपा के विधायक को  चुनाव जिताया, लेकिन फि र भी कोई विकाश नही हो पाया। और फि र उप चुनाव होने जा रहा है। अब सरकार भाजपा की है। एक बार फिर लोगों की उम्मीदें जागी लेकिन…। अब जनता फि र सोच में बैठी है। वही पुरानी आम समस्याएं… लेकिन इस बार जनता खामोश है और रहेगी, ऐसा दिख रहा है। कोई उत्साह नहीं रहेगा इस उप चुनाव में जनता का लेकिन परिणाम पूरी तरह से चौंकाने वाला होगा।

Post Author: thesundayviews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *