सोच डीजी जी एल मीना की अमल कर रहे हैं कमांडेंट सुधाकराचार्य पाण्डेय

कमांडेंट सुधाकराचार्य ने डीजी जी एल मीना की सोच को पंख लगाया

सुधाकराचार्य ने मृतक होमगार्ड की पत्नी को 32 हजार रुपए की आर्थिक मदद दी

संजय पुरबिया

लखनऊ। होमगार्ड विभाग में खलनायक ही नहीं नायक भी हैं। सिर्फ देखने का नजरिया होना चाहिए। जवानों को दोयम दर्जे का मानने वाले अधिकारियों को सोचना चाहिए कि आज उनकी पहचान होमगार्डों की वजह से ही है। जो अधिकारी आज भी जमीनी हकीकत को स्वीकार करते हैं उन्हें इस बात का बखूबी अहसास है लेकिन जिनमें अफसरशाही का दंभ है वे सिर्फ मुगालते में जीने का ढोंग कर रहे हैं। बात कर रहे हैं मेरठ के कमांडेंट सुधाकराचार्य पाण्डेय की। ये वही कमांडेंट है जिसने लखनऊ में तैैनाती के दौरान अनगिनत होमगार्डों के परिजनों को समय-समय पर आर्थिक मदद कराकर विभाग को गौरवान्वित होने का काम किया।

दुर्घटनाग्रस्त होने,मृत्युपरांत या फिर शानदार काम करने वाले जवानों के लिए श्री पाण्डेय हमेशा परिवार की मुखिया की तरह खड़े दिखें। यही वजह है कि उनके तबादले के बाद भी लोग उन्हें याद करते हैं। मेरठ में तैनाती के दौरान भी सुधाकराचार्य पाण्डेय ने एक होमगार्ड के बिटिया की शादी में घर जाकर आर्थिक मदद की।

कल उनकी नेकनियति का एक और काम देखने को मिला। जिला कमांडेंट सुधाकराचार्य पाण्डेय ने कल 32000 रूपए श्रीमती सुशीला पत्नी 655 स्व. राजकुमार की आर्थिक मदद की। बता दें कि एक नवंबर 2018 को थाना नौचंदी से डयूटी खत्म करने के बाद घर जाते समय थाना कांकरखेड़ा क्षेत्र टोल प्लाजा के पास ट्रैक्टर से दुर्घटनाग्रस्त होने की वजह से उसकी मृत्यु हो गई थी। वाकई कमांडेंट सुधाकराचार्य पाण्डेय की नेक सोच को द संडे व्यूज़ व इंडिया एक्सप्रेस न्यूज़ डॉट कॉम परिवार की तरफ से हार्दिक बधाई…

Post Author: thesundayviews

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