आखिर किसकी शह पर इंस्पेक्टर आर. पी. सिंह कमांडेंट प्रीती शर्मा की कर रहा बेइज्जती ?

कहीं होमगार्ड विभाग में अफसरों के दो खेमे में तो नहीं उलझी गईं बरेली कमांडेंट

आखिर एक इंस्पेक्टर की हिम्मत कैसे बढ़ी कि वो अपने कमांडेंट पर दबाव बनाने पर हुआ आमादा

इंस्पेक्टर को मोहरा बनाकर कौन अफसर खेल रहा है खेल…

इंस्पेक्टर की घटिया कारस्तानी से बौखलाई कमांडेंट दर्ज कराई मुकदमा

पूर्व कमांडेेंट के समय जलवा कायम करने वाले इंस्पेक्टर आर.पी. सिंह ने महिला कमांडेंट का जीना किया दुश्वार

अपने रिश्तेदार को डॉयल 100 से हटाने के लिए इंस्पेक्टर बना रहा कमांडेंट पर दबाव

कमांडेंट ने पूरी डीजी को सुनाई पूरी आपबीती

आखिर किसकी शह पर इंस्पेक्टर आर. पी. सिंह कमांडेंट प्रीती शर्मा की कर रहा बेइज्जती ?

संजय पुरबिया
लखनऊ। होमगाड्र्स विभाग अपने आप में रहस्यमयी विभाग है। यहां साथ बैठने वाले अफसर नहीं भांप पाते कि उनके बीच बैठे लोगों में कौन कब किसी के खिलाफ साजिश रच दे। प्रमोशन और मलाईदार कुर्सी पर बैठकर होमगार्डों की गाढ़ी कमाई को हड़पने की लालसा इतना बढ़ चुका है कि हर दिन यहां के अफसरान नई घटिया रणनीति बनाते रहते हैं। इस बार का मामला चौंकाने वाला है। अफसरों की कूटनीति में एक महिला कमांडेंट फंस गई है। बरेली की कमांडेंट प्रीती शर्मा को पिछले दो माह से यहीं तैनात इंस्पेक्टर आर. पी. सिंह ने तमाम आरोप लगाकर मानसिक रूप से परेशान कर रखा है। प्रीती का कहना है कि दो माह से वो गंदी-गंदी बातें कर रहा है। इस समय वो अपने खास रिश्तेदार को डायल 100 की ड्यूटी से हटाने पर आमादा है। पहले अपने रिश्तेदार की पारिवारिक समस्याओं के बारे में बताया फिर पैर मुडऩे से होने वाली दिक्कत बताकर वहां से हटाने का दबाव बना रहा है। कमांडेंट ने मेडिकल जांच कराने के लिए पत्र लिखा तो इंस्पेक्टर उनके घर पर जा धमका और सौदेबाजी की बातें करने लगा। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर एक अदने से इंस्पेक्टर की इतनी हिम्मत कैसे हुई कि वो अपने कमांडेंट पर तबादले का दबाव बनाने लगा? बरेली कमांडेंट की कुर्सी पर अफसरों की निगाहें तो नहीं ? कहीं इसके पीछे अफसरों की प्रतिद्वंदिता तो नहीं, क्योंकि मलाईदार कुर्सी के लिए यहां के अफसर कुछ भी कर सकते हैं।

बरेली के पूर्व प्रमोटी कमांडेंट अभिलेष नारायण सिंह के कार्यकाल में यहां पर 2400 होमगार्डों की ड्यूटी के नाम पर लाखों रुपए की वसूली होती थी। जिस तरह सभी कमांडेंट अपने को पाक-साफ बनने की नौटंकी करते हैं उसी तरह महाभ्रष्ट प्रमोटी कमांडेंट श्री सिंह भी ईमानदार बनने के लिए अपना एक वसूली मैन इंस्पेक्टर आर पी सिंह को तैनात कर रखा था। बरेली के जवानों का कहना है कि पूर्व कमांडेंट के कार्यकाल में इंस्पेक्टर आर. पी. सिंह की हुकूमत चलती थी। उसने जो चार्ज तय कर दिया उसे जवानों को मानना ही पड़ता था। कुल मिलाकर इंस्पेक्टर की पूरी रंगबाजी थी।

सत्ता परिवर्तन हुआ। कमांडेंट प्रीती शर्मा को पूर्व डीजी सूर्य कुमार शुक्ला जिला कमांडेंट का चार्ज दिया था। उसके बाद से उन्होंने यहां पर भ्रस्टाचार को खत्म करने के लिए ठोस रणनीति बनाने लगीं। बहाली के नाम पर एवं ड्यूटी लगाने के नाम पर होने वाली वसूली पर मिलने वाली शिकायतों पर कार्रवाई तेज कर दी। बस,इसी बात से भ्रस्टाचारमें लिप्त लोगों में बौखलाट मच गई। बताया जाता है कि विभागीय इंस्पेक्टर आर.पी. सिंह यहां पर लगभग नौ वर्ष से तैनात है। उसे मालूम है कि 2400 होमगार्ड कहां-कहां तैनात हैं और किस पोस्ट से सबसे अधिक कमाई होती है। यूं कह सकते हैं कि पूर्व कमांडेंट अभिलेश नारायण सिंह के कार्यकाल में इसने होमगार्डों से जमकर वसूली की और इसके लिए उसने सारी सीमाएं तोड़ दी।

पिछले कुछ माह से वो अपने रिश्तेदार अवैतनिक कंपनी कमांडर, कंपनी नंबर एक में तैनात कपिल यादव को डायल 100 से हटाना चाहता है। इसके लिए इंस्पेक्टर आर. पी. सिंह कमांडेंट प्रीती शर्मा पर जबरियन दबाव बना रहा है। कमांडेंट पर दबाव बनाने के लिए इंस्पेक्टर ने पहले कपिल यादव की पारिवारिक दिक्कतें बताई,उसके बाद पैर मुड़ा होना बताया। इस पर कमांडेंट को शंका हुई। उन्होंने 10 सितंबर को मेडिकल जांच के लिए सीएमओ,बरेली को पत्र लिख दिया। इस बात की सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर कमांडेंट के घर जा धमका। कमांडेंट ने बताया कि घर पर आकर इंस्पेक्टर आर पी सिंह ने अपने रिश्तेदार को डायल 100 से हटाने की फिर से बात करने लगा। मना किया तो उसने रिश्वत देने की पेशकश की,इस पर मैंने उसे भगा दिया। पिछले दो माह से वो मानसिक रुप से परेशान कर रहा है। बदनाम करने के लिए इंस्पेक्टर ने साजिशन अपने रिश्तेदार से वार्ता कर मुझे पांच हजार रुपए घूस देने की बात टेप करवाकर वायरल कर रहा है। इंस्पेक्टर आर.पी. सिंह एवं अवैतनिक कंपनी कमांडर ओमपाल सिंह के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज करा दिया है। कमांडेंट ने बताया कि इसकी शिकायत डीजी,होमगार्ड शरत चंद्र त्रिपाठी से भी कर दी है ताकि उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई हो सके।


बता दें कि इस विभाग में महिला उत्पीडऩ की घटनाएं दिन पर दिन बढ़ती ही जा रही है। हाल ही में लखनऊ के प्रमोटी जिला कमांडेंट कृपाशंकर पाण्डेय ने एक महिला लिपिक को जबरियन टे्रनिंग सेंटर का चार्ज देकर उसे मानसिक उत्पीडऩ देने का काम किया जबकि उसे मालूम था कि उक्त महिला कई बीमारियों से ग्रसित है। इससे भी कृपाशंकर पाण्डेय का दिल नहीं भरा तो उसने महिला का तबादला हरदोई करा दिया। आज तक उस महिला कर्मी को न्याय नहीं मिला। और अब,दूसरा मामला बरेली कमांडेंट प्रीती शर्मा के साथ देखने को मिल रहा है। यदि इस विभाग में महिलाओं के साथ इसी तरह की घटनाएं होती रहीं और अफसर मूक दर्शक बनकर देखते रहें तो वो दिन दूर नहीं जब इसी विभाग में महिलाओं के साथ कोई बड़ी वारदात भी हो जाए? सवाल यह भी बनता है कि कमांडेंट जिले का बॉस होता है उसके सामने किसी को बोलने की हिम्मत नहीं होती फिर एक इंस्पेक्टर इतना गुस्ताख कैसे हो गया? मुख्यालय के अफसरों को यह भी जांच करानी चाहिए कि आखिर इंस्पेक्टर के पीछे किस अफसर की खुराफाती सोच काम कर रहा है…

Post Author: thesundayviews

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