ENGvIND : एजबैस्टन टेस्ट मैच में इन पांच कारणों से हारी टीम

नई दिल्ली

नई दिल्ली

भारत को इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में 31 रनों से हार का सामना करना पड़ा। कप्तान विराट का पहली पारी में शतक और दूसरी पारी में अर्धशतक टीम के लिए काम ना आ सका। मैच के चौथे दिन ही इंग्लैंड ने भारत को 31 रनों से हराकर अपना 1000वां टेस्ट जीतकर इतिहास रच दिया। इंग्लैंड अब पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 से आगे हो गई है। काफी नजदीकी रहे इस मुकाबले में एक समय भारत की जीत की संभावनाएं ज्यादा थीं लेकिन आखिर में मैच का नतीजा इंग्लैंड के पक्ष में रहा। आइए नजर डालते हैं पहले मैच में भारत की हार के पांच प्रमुख कारण

टॉप ऑर्डर का फेल होना
अगर पहले टेस्ट मैच में हार के कारणों की बात की जाए तो सबसे बड़ा कारण भारत के टॉप ऑर्डर का फेल होना है। दोनों पारियों में शिखर धवन, मुरली विजय और केएल राहुल रनों के लिए तरसते रहे। मुरली विजय ने दोनों पारियों में मिलाकर 26 रन, शिखर धवन ने 39 और केएल राहुल ने  सिर्फ 17 रन बनाए।

भारत की फील्डिंग
पहले टेस्ट में भारतीय फील्डिंग का स्तर काफी खराब रहा। इंग्लैंड के खिलाफ दोनों पारियों में फील्डरों ने कई महत्वपूर्ण कैच टपकाए। दूसरी पारी में इंग्लैंड की तरफ से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले सैम करन का कैच छोड़ना मैच का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ। उन्होंने इसका फायदा उठाकर 63 रनों की शानदार पारी खेली।

सैम करन की पारी
तीसरे दिन लंच तक की इस स्थिति में टीम इंडिया का पलड़ा भारी ही नजर आने लगा जब लंच के तुरंत बाद इंग्लैंड का एक विकेट और गिर गया और इंग्लैंड का स्कोर 87 रनों पर सात विकेट हो गया। लेकिन इसके बाद  20 साल के सैम कुरैन ने टीम इंडिया की जीत को आसान करने से रोकते हुए शानदार अर्शतक लगाते हुए 63 रनों की पारी खेली। करन ने ब्रॉड के साथ 41 रनों की साझेदारी की।

सैम कुरैन ने आठवे विकेट की साझेदारी करते हुए आदिल राशिद के साथ न केवल इंग्लैंड का स्कोर 100 के पार कराया बल्कि इंग्लैंड की पारी में सबसे ज्यादा रन भी बना लिए। पहली पारी में सैम करन की बहुमुल्य पारी खेली।

चेतेश्वर पुजारा को न खिलाना
विराट कोहली ने चेतेश्वर पुजारा की जगह केएल राहुल को खिलाया। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि पुजारा का इंग्लैंड के खिलाफ शानदार प्रदर्शन रहा है। वहीं राहुल बुरी तरह फ्लॉप रहे। जहां पहली पारी में केएल राहुल ने चार रन बनाए वहीं दूसरी पारी में उनके बल्ले से सिर्फ 13 रन निकले।

पुजारा का रिकॉर्ड देखा जाए तो उनकी मौजूदगी में खेले गए कुल 58 टेस्ट मैचों में से भारत को 33 मैचों में जीत और 12 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। वहीं 13 मैच ड्रॉ रहे हैं।

विराट कोहली का दूसरी पारी में आउट हो जाना
भारत एक समय 6 विकेट के नुकसान पर 141 रन बनाकर सुखद स्थिति में था। भारत को इस समय जीतने के लिए सिर्फ 53 रनों की जरूरत थी। इस समय भारतीय कप्तान विराट कोहली का साथ ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या दे रहे थे। तभी विराट इंग्लैंड के ऑलराउंडर बेन स्टोक्स की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट हो गए। यह मैच का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ। विराट के आउट होते ही भारत की पारी को खत्म होने में ज्यादा समय नहीं लगा और पूरी टीम 162 रनों पर ऑल आउट हो गई।

Post Author: thesundayviews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *