सावन आज सेः भगवान शिव के गुस्से से बचने के लिए न करें ये काम

आषाढ़ जाते-जाते भरपूर बारिश हुई, अब सावन की शुरुआत से बारिश होने की संभावना और बढ़ गई है। सावन भगवान शिव को समर्पित होता है, कहा जाता है यह महीना शिव को प्रसन्न करने के लिए सबसे अच्छा है।
शास्त्रों के अनुसार भगवान शिव को त्रिदेव कहा गया है। शिवजी की कल्पना एक ऐसे देव के रूप में की जाती है जो कभी संहारक तो कभी पालक होते हैं। भस्म, नाग, मृग चर्म, रुद्राक्ष आदि भगवान शिव की वेष-भूषा व आभूषण हैं। इन्हें संहार का देव भी माना गया है। इसी तरीके से भगवान शिव के कुल 12 नाम प्रख्यात हैं। पूरे भारत में शिव भगवान के भक्तों की संख्या सबसे अधिक है।

 

1. भगवान शिव को ऐसे लोग बिल्कुल पसंद नहीं हैं, जो अपने रिश्ते में ईमानदारी नहीं रखते। खासतौर से किसी दूसरे की शादीशुदा जिंदगी को तोड़ने की कोशिश करने से भोलेनाथ नाराज होते हैं और इस पाप को माफ नहीं करते। दूसरे के पति या पत्नी पर बुरी नजर रखना या उसे पाने की इच्छा करना भी पाप की श्रेणी में आता है।

2. दूसरों का धन अपना बनाने की चाह रखना, पैसों की हेराफेरी करना और धन-संपत्ति लूटना भी पाप की श्रेणी में आता है। भगवान शिव के लिए यह अक्षम्य अपराध है.

3. किसी भोलेभाले और निरपराध इंसान को कष्ट देना, उसे नुकसान पहुंचाना या उसके लिए बाधाएं पैदा करने की योजना बनाना या ऐसी सोच रखना भगवान शिव की नजरों में हर हाल में माफी ना देने योग्य पाप है।

4. कुछ लोग रास्ता भटक जाते हैं, पर सही निर्देश मिलने पर वापस सही रास्ते पर आ जाते हैं। लेकन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो सही सुझाव मिलने के बावजूद बुराई का साथ नहीं छोड़ते और बुरी राह को खुद चुनते हैं। ऐसे लोगों के पाप अक्षम्य होते हैं।

5. शिव पुराण के अनुसार जिस प्रकार आप किसी का बुरा नहीं करने के बावजूद, उसके लिए बुरी सोच रखने के कारण भी पाप के हकदार और दंड की श्रेणी में आ जाते हैं। उसी प्रकार भले ही आपने अपने कार्य से किसी का बुरा ना किया हो, लेकिन आपकी बोली अक्षम्य पापों का हकदार भी बना सकती है।

 

Post Author: thesundayviews

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