यूपी में कौन पियेगा गठबंधन का विष !

कर्नाटक सरकार: दो माह में सीएम लगे सिसकने, गठबंधन कर पी रहे हैं विष का प्याला

उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा-रालोद में होगा गठबंधन तो…

संजय पुरबिया
लखनऊ।

भाजपा का माकूल जवाब बनने की गरज से यूपी में तैयार हो रहे महागठबंधन में नेतृत्व को लेकर मची माथापच्ची के बीच बहुजन समाज पार्टी ने एक कदम आगे बढ़ते हुए अपनी बैठक में पीएम कंडीडेट के लिए मायावती के नाम का एलान कर दिया है। उनके नाम के एलान से पहले महागठबंधन में शामिल सपा या रालोद से कोई परामर्श नहीं लिया गया। इससे साफ है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा महागठबंधन में दुश्वारी का सबब बन सकता है। देखना यह होगा कि कर्नाटक की तर्ज पर यूपी में कौन गठबंधन का विष पीता है।


कर्नाटक में जेडीएस और कांग्रेस के बीच गठबंधन है और उसी की सरकार है। वहां सरकार बने हुए अभी दो माह ही बीते है कि गठबंधन की दरार साफ दिखने लगी है। कमोबेश यही हालात आने वाले यूपी में प्रस्तावित महागठबंधन में देखने को मिल सकता है। इस संभावना से राजनीतिक प्रेक्षकों को इंकार नहंी है। बसपा और रालोद का यूपी में हर दल से गठबंधन हो चुका है। गठबंधन राजनीति का जायका सबसे ज्यादा बसपा ने ही लिया है। उसने भाजपा से मिलकर तीन बार सरकार बनाई और एक बार कांग्रेस से चुनावी गठबंधन किया। सबसे पहले 1993 में सपा से मिलकर चुनाव लड़ा और सपा नेतृत्व वाली सरकार में शामिल हुई।

सूत्रों के अनुसार बसपा की तरफ कार्यकर्ताओं को ये संदेश दिया जा रहा है कि वे मानकर चलें कि समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन होने जा रहा है। इस दौरान बसपा के प्रदेश अध्यक्ष आर एस कुशवाहा की अध्यक्षता में बैठक हुई। जिसमें नेशनल कोऑर्डिनेटर वीर सिंह और जय प्रकाश सिंह मौजूद रहे। बसपा के नेशनल कोआर्डिनेटर जय प्रकाश सिंह ने कहा कि मायावती ने नरेंद्र मोदी रूपी गब्बर का अंत करने के लिए जय और वीरू की जोड़ी बनाई है। मतलब, जय प्रकाश सिंह और वीर सिंह को नेशनल कोआर्डिनेटर बनाया है। उन्होंने कहा कि ताकत सिफऱ् राजनीति में है। इसलिए आप अपनी ताक़त को पहचाने और चुनाव में इसका इस्तेमाल करें। वीर सिंह ने कहा हमें अपने वोट की ताकत को समझना चाहिए। इसीलिए कांशीराम और मायावती के चलते हमें आरक्षण मिला है। भाजपा या फि र मोदी की वजह से हमें आरक्षण नहीं मिला है। भाजपा को सबक सिखाने के लिए संगठन को मजबूत करना होगा। इसमें युवाओं को 50 फ ीसदी आरक्षण देना होगा।

बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आरएस कुशवाहा ने बताया कि पूरे प्रदेश को बीएसपी ने 9 जोनों में बांटा है। उन्होंने बताया कि आजमगढ़ में हमारा दूसरा कार्यक्रम होगा। इसी प्रकार से पूरे प्रदेश में कार्यक्रम होंगे। उन्होंने बताया कि कोऑर्डिनेटर अध्यक्ष वीर सिंह के द्वारा दो कैडर कैंप चलाया जाएगा और कैडर कैंप में 2 मंडलों के लोग शामिल होते हैं। आज कानपुर मंडल और लखनऊ मंडल के कार्यकर्ता शामिल हुए हैं, जिसमें सेक्टर अध्यक्ष भी आए हुए हैं। साथ ही साथ विधानसभा कमेटी और जिला कमेटी के भी जिम्मेदार लोग शामिल हुए हैं। इन सभी लोगों का कैडर कैंप चलेगा। जिसकी शुरुआत राष्ट्रीय अध्यक्ष ने की है।

प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि प्रदेश भर में हमारे कैडर शोज चलेंगे। जिस से आई हुई शिथिलता पर नए सिरे से कार्यकर्ताओं में जोश भरा जाए। उन्होंने बताया कि यह जोश 2019 में फ तेह के मद्देनजर भरा जाएगा।
वहीं प्रधानमंत्री के दौरे पर मायावती द्वारा दिए गए बयान का समर्थन करते हुए कहा कि सच बात है कि बीजेपी देश और प्रदेश की जनता को भ्रमित कर रही है। एमएलसी भीमराव अंबेडकर ने कहा कि 1993 के गठबंधन की याद दिलाई और 2019 में एक बार फि र से वैसे ही गठबंधन को दोहराने की बात करते हुए मायावती को देश का अगला प्रधानमंत्री बनाने की बात कही।
खैर,ये तो भविष्य के गर्भ में छिपा है कि देश का अगला प्रधानमंत्री कौन बनेगा लेकिन मौजूदा समय चल रहे राजनैतिक परिदृश्य को देखने के बाद उभर कर जो धुंधली तस्वीर आ रही है,हम तो यही कह सकते हैं कि कर्नाटक का हश्र कहीं यूपी में ना हो जाए…

Post Author: thesundayviews

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