खबर का असर इलाहाबाद भर्ती : अब तेरा क्या होगा अंकित…

क्या बिना होमगार्ड  मंत्री की अनुमति से होमगार्डों की भर्ती हो सकती है ?

 इलाहाबाद भर्ती में 80 होमगाडों की भर्ती में एक करोड़ दस लाख की हुई वसूली

भर्ती के मास्टर माइंड पूर्व  डीजी सूर्य शुक्ला, डीआईजी एस के सिंह को क्यों बख्श दिया मंत्री जी 

भर्ती में होमगार्डों से लिया गया था डेढ़ लाख रुपए 

सरकार इलाहाबाद भर्ती में शामिल बड़ी मछलियां कब सलाखों के पीछे होंगे ?

संजय पुरबिया
लखनऊ। द संडे व्यूज़ ने 7 जुलाई 2018 को ही ‘क्या बिना होमगार्ड  मंत्री की अनुमति से होमगार्डों की भर्ती हो सकती है ‘? शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर में ही रकम लेते- देते इंस्पेक्टर अंतिम सिंह और मनीषा नाम की महिला का वायस रिकार्डिंग भी लगाया था। आखिरकार इस विभाग के महाभ्रष्ट अफसरों की कलई खुल गई और कल दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। होमगार्ड विभाग के मंडलीय कमांडेंट रामकृष्ण वर्मा की तहरीर पर सिविल लाइंस पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। बतादें कि अंतिम कुमार मौजूदा समय गोरखपुर के मंडलीय प्रशिक्षण केन्द्र में तैनात हैं। मामले में तत्कालीन कमांडेंट सहित कई के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है और कुछ की जांच चल र ही है।
द संडे व्यूज़ व इंडियाएक्सप्रेसन्यूज़डॉटकॉम ने गत 7 जुलाई को ही इलाहाबाद भर्ती घोटाले का पर्दाफाश कर दिया था।

बता दें की अप्रैल 2018 में 80 पदों के लिए होमगाडर्स की भर्ती हो रही थी। हमलोगों का हल्ला बोल अभियान जारी है और इसमें इस बात का भी खुलासा करेंगे इस घोटाले के बड़ी मछली पर शासन में बैठे कौन लोग हैं जो मामले को दबा रहे हैं। ये भी बताएंगे कि शासन में वो कौन सा अधिकारी है जो बेईमानी के साथ-साथ जातिवाद का जहर बो रहा है। खैर, अंकित सिंह और महिला मनीषा के खिलाफ भ्रस्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा लिख लिया गया है। इसकी जांच सीओ करेंगे।

द संडे व्यूज़ ने 7 जुलाई 2018 को  लिखा था की होमगार्ड विभाग जो भ्रष्टचार के आकंठ तक डूबा हुआ है। योगी सरकार बनने के बाद इस विभाग के एक लाख 18 हजार जवानों एवं ईमानदार वैतनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों में उम्मीद जागी कि अब समय आ गया है,भ्रस्टाचार  मुक्त विभाग बनेगा लेकिन हुआ इसके विपरित। इस सरकार में होमगार्ड मंत्री अनिल राजभर की उदासीनता का खामियाजा पूरा विभाग उठा रहा है। मंत्री की शह पर विभाग के मुखिया डीजी डॉ. सूर्य कुमार शुक्ला एवं डीआईजी एस के सिंह ने बिना शासन की अनुमति लिए इलाहाबाद में 80 होमगार्डों की भर्ती निकाल दी। मुख्यालय के अफसरों के हिम्मत की दाद देनी होगी कि एक बड़ी भर्ती निपटा दी और शासन का पता ही नहीं लगा।

 

द संडे व्यूज़ ने इसका खुलासा किया और बताया कि किसके शह पर पूरी भर्ती की गई। ईमानदार प्रमुख सचिव ने जांच कराई और भर्ती को निरस्त कर दिया गया। इस भर्ती में एक जवान से भर्ती के नाम पर डेढ़ लाख रुपए लिए गए। 80 जवानों के हिसाब से लगभग एक करोड़ दस लाख रुपए की वसूली की गई। अब आप ही बताईये, इतना माल कहां गया। इतनी बड़ी भर्ती क्या बिना मंत्री की अनुमति से हो सकती है।

क्या इस भर्ती का पूरा माल विभागीय अफसर अकेले हड़प सकते हैं ? संभव ही नहीं,खबर का खुलासा करने के बाद जहां इलाहाबाद के जिला कमांडेंट को निलंबित कर दिया गया। आखिर वही इस खेल के असली खिलाड़ी डीजी सूर्य शुक्ला और डीआईजी एस के सिंह को क्यों बख्श दिया गया ? पता चला है कि शासन में पत्रावली भेज दी गई है ।

एक बात और इलाहाबाद भर्ती रद्द होने के बाद अनिल राजभर ग्रुप के कुछ सदस्यों के पेट में बहुत दर्द हो रहा था । दर्द क्यों हो रहा है मालूम नहीं लेकिन एक बात तय है कि जब भर्ती हुई नहीं तो माल तो वापस करना ही पड़ेगा …। अनिल राजभर ग्रुप के सदस्यों को बता दूं कि मेरी खबरों में माल का मतलब रूपए से होता ना कि…। वैसे भी मैं विभाग के एक लाख अट्ठारह हजार होमगार्डों से कहूंगा कि द संडे व्यूज़ भ्रष्टचार के खिलाफ मुहिम चलाता रहेगा और आपलोगों के हक की लड़ाई में कदम से कदम मिलाकर चलता रहेगा।

 

होमगार्ड विभाग के एक लाख 18 हजार जवानों ने द संडे व्यूज़ एवं इंडिया एक्सप्रेस न्यूज़ की खबरों के प्रति जो विश्वास जगाया है, उसे कायम रखेंगे। ये मेरा आप सब से वायदा है। निष्पक्ष एवं निर्भिक खबरों के लिए ही द संडे व्यूज़ पहचाना जाता है। व्यूज़ का मतलब ही विचारधारा है। इसीलिए अखबार और सोशल मीडिया का नाम द संडे व्यूज़ इसलिए रखा गया है ताकि आपलोगों के जायज विचारों को मैं रख सकूं। साथियों आपलोगों के सहयोग से मैंने जितनी खबरें प्रकाशित की, उससे विभाग में हडक़म्प नहीं बल्कि भूचाल सा आ गया है।

मंत्री और अफ सरान हलकान हैं, उन्हें नहीं सूझ रहा कि आखिर क्या करें…। कलमकार संजय पुरबिया को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं लेकिन मैं अपने होमगार्ड साथियों को विश्वास दिलाता हूं कि संजय पुरबिया ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जो मुहिम आपलोगों के लिए शुरू किया है उसे नहीं रोकेगा। इलाहाबाद भर्ती बोर्ड में एक अभ्यर्थी से डेढ़ लाख रुपए की भर्ती के नाम पर वसूली की गई है।

अनिल राजभर ग्रुप के तथाकथित साथियों को बता दूं कि तथ्यात्मक खबरों के साथ वायस रिकार्डिंग को कान में से रूई निकाल कर सुनें कि इलाहाबाद में तैनात इंस्पेक्टर अंतिम कुमार सिंह जो वर्तमान में गोरखपुर ट्रेनिंग सेंटर में तैनात है,उसने दो लोगों से भर्ती के नाम पर तीन लाख रुपए लिए। रिकार्डिंग में अंतिम सिंह से एक महिला कह रही है कि दो में से एक का चयन हो गया है,जिसका नहीं हुआ उसका पूरा पैसा वापस कर दा…। अंतिम सिंह कह रहे हैं कि बाकी दे दिया है शेष 80 हजार रुपए जल्द वापस कर दूंगा।

 

 

 

 

 

 

Post Author: thesundayviews

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