बेटे की मौत से गुस्साए परिजनों ने किया आशियाना थाने पर हंगामा

आगजनी, पुलिस के खिलाफ नारेबाजी, आरोपितों को गिरफ़्तारी की मांग

 

लखनऊ। बेटे सिद्धार्थ उर्फ सनी की रहस्यमय हालात में हुयी मौत के बाद लावारिस हालत में हुए अंतिम संस्कार कर दिया था.  जिससे नाराज परिजनों ने मंगलवार को आशियाना थाने पर हंगामा किया। उनके साथ रहे लोगों ने टायर जलाकर यातायात ठप कर दिया। पुलिसकर्मियों पर पथराव के बाद तोडफ़ोड़ शुरू की, तब पुलिस मौके पर पहुंची। उसने घटना में नामजद आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। फिर भी लोग नहीं माने, तब उन्हें लाठियां पटक कर खदेड़ा गया। आला अधिकारियों के आश्वासन के पांच घण्टे बाद मामला शांत हुआ। हांलाकि मामले में नामजद दम्पति को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्हीं के घर में सनी चालक था। जिसे दोनों ने सचिवालय में नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया और उसे साथ ले गए। जिसके बाद से वह घर नहीं पहुंचा था।

रूचिखण्ड में रहने वाला सनी आरोपी देवेन्द्र त्रिपाठी व उनकी पत्नी सचिवालय कर्मी सुनीता के घर चालक था। वह 4 जून को उनके साथ गोर्साइंगंज के अहिमामऊ गया था। 6 जून तक घर नहीं लौटा तो परिजनों ने द पति से बात की, लेकिन उन्होंने सनी के बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। तब पीडि़त परिवार ने द पति के खिलाफ आशियाना थाने में अपहरण की तहरीर दी। जिसके बाद पुलिस अहिमामऊ पहुंची।

गोर्साइंगंज पुलिस से संपर्क किया तो पता चला कि एक युवक घायल अवस्था में झाडिय़ों में मिला था, जिसकी ट्रामा सेंटर में मौत हो गयी थी। उसकी पहचान नहीं हुयी, जिसका 8 जून को लावारिस हालत में अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिजनों ने कपड़ों के आधार पर शिना त की तो वह सनी ही निकला। परिवार वालों ने द पति के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराना चाहा तो पुलिस ने सचिवालय कर्मी महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की, न ही दोनों को हिरासत में लिया।

उनके रिश्तेदार कमलेश व चालक कुलदीप के खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं की। इसी बात से नाराज परिजन सुबह करीब 10 बजे सैकड़ों लोगों के साथ किला चौकी पहुंच गए। पुलिस से कोई आश्वासन नहीं मिला तो सडक़ जामकर राहगीरों की रास्ता रोक दिया। राह चलने वालों से हंगामा कर रहे लोगों ने हाथापाई भी की। पुलिस पहुंची तो उस पर पथराव किया। टायर चलाकर सभी रास्ते बंद कर दिए। बवाल बढऩे पर सीओ कैण्ट तनु उपाध्याय, कृष्णानगर क्षेत्राधिकारी लाल प्रताप सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।

उन्होंने दम्पति की गिरफ्तारी की दावा किया, फिर भी लोग नहीं माने। तब उन्हें लाठियां पटककर खदेड़ा गया। पांच घण्टे तक चले हंगामे के बाद पुलिस ने उपद्रवियों को हिरासत में लिया। साथ ही कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। अफसरों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। लापरवाही मिलने पर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होगी।

Post Author: thesundayviews

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