डीजी ने भ्रष्टïचार की जानकारी होने के बाद सभी का पटल क्यों नहीं बदला, पटल बदलने के मुद्दे पर डीजी से करेंगे बात – कुमार कमलेेश 

कमांडेंट ने मचाई लूट लेकिन खामोश हैं मंत्री और डीजी

आखिर सालों से एक ही जगह जमे लोगों का कमांडेंट ने पटल क्यों नहीं बदला ?

डीजी ने भ्रष्टïचार की जानकारी होने के बाद सभी का पटल क्यों नहीं बदला

संजय पुरबिया

लखनऊ।

द संडे व्यूज एवं इंडिया एक्सप्रेस न्यूज डॉट कॉम ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा भ्रष्टचार के खिलाफ चलाए जा रहे मिशन को आगे बढ़ाते हुए होमगार्ड विभाग में हो रहे भ्रष्टïाचार का खुलासा कर रहा है। होमगार्डों के मेहनत की कमाई का बड़ा हिस्सा किस तरह से लखनऊ का कमांडेंट कृपाशंकर लूट रहा है,उसने कौन-कौन लोगों को वसूली मैन बनाया और किस तरह से अवैध वसूली की रकम मंत्री से लेकर मुख्यालय तक पहंचाई जा रही है,सभी का खुलासा किया। चौंकाने वाली बात तो ये है कि सारी बातें डीजी सूर्य कुमार शुक्ला की जानकारी में आने के बाद भी अभी तक सालों से जमे अवैतनिक प्लाटून कमांडर,अवैतनिक ब्लॉक आर्गनाइजरों का पटल नहीं बदला। इससे साबित होता है कि ये लोग इस विभाग में भ्रष्टचार को बढ़ावा देने पर पूरी तरह से आमादा हैं। हालांकि इस मसले पर आज प्रमुख सचिव,कुमार कमलेेश से बात हुई तो उन्होंनेे पूरी बेबाकी से कहा कि यदि पटल नहीं बदला गया तो मैं डीजी से बात करूंगा। मेरी जानकारी में जो बात आएगी उसे हर हाल में ठीक करूंगा और भ्रष्टचार को तो किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं करूंगा।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सरकारी आवास और कार्यालय पर तैनात होमगार्ड हों या फि र यातायात से लेकर थानों व सार्वजनिक प्रतिष्ठड्ढानएसभी से ड्यूटी लगाने के नाम पर जबरदस्त वसूली की जा रही है। लखनऊ के कमांडेंट कृपाशंकर पाण्डेय का जुमला है कि मंत्री जी का पूरा खर्चा उठाना पड़ता है इसलिये ड्यूटी लगाने के एवज में तय कमीशन दो वर्ना नहीं मिलेगी ड्यूटी। यही डॉयलाग कहकर कमांडेंट के वसूली मैन जवानों पर दबाव बना रहे हैं। होमगार्ड मंत्री को इस बात की भनक भी नहीं कि उनके नाम पर कमांडेंट ने आतंक मचा रखा है। उन्होंने सभी जगह पुराने ड्यूटी इंचार्ज को लगा रखा है जिनके माध्यम से माह जनवरी से अब तक 15 से 20 लाख रुपए प्रतिमाह की वसूली की जा रही है। खास बात यह है कि थानों से लेकर कलेक्ट्रेट, सचिवालय एवं अन्य प्रतिष्ठïानों पर बड़े पैमाने पर फ र्जी होमगार्ड तैनात किये जा रहे हैं और सरकार से उनके नाम पर हर माह लाखों रुपए का भुगतान हो रहा है। पूरी रकम पाण्डेय जी की जेब में समा रहा है। ड्यूटी के दबाव और वसूली से जवानों में आक्रोश है। सवाल यह है कि आखिर कमांडेंट ने पुराने वैतनिक व अवैतनिक ड्यूटी इंचार्जों को क्यों नहीं हटाया जबकि , शासन स्तर पर बार- बार निर्देश दिया जा रहा है कि पुराने ड्यूटी इंचार्ज की जगह नये ईमानदार छवि के वैतनिक व अवैतनिक कर्मचारियों को इंचार्ज बनाया जाये। मेरा सवाल डीजी साहेब से है कि छह माह में कितने होमगार्ड कहां तैनात किये गये हैं उनकी शिनाख्त कभी की गई?

लखनऊ के कमांडेंट कृपा शंकर पाण्डेय हैं जो वाराणसी से यहां की व्यवस्था संवारने के लिये लाये गये हैं। शहर और शासन- प्रशासन की व्यवस्था सुधारने के बजाये उन्होंने अपनी व्यवस्था मजबूत कर ली है। कमांडेंट पाण्डेय जी ने एडीजी के हटने के बाद से अपने गुर्गो को एक नया डॅायलाग रटा दिया है। मंत्री जी का लखनऊ से लेकर वाराणसी तक का पूरा खर्चा उठाना पड़ता है इसलिये तय रकम दो वर्ना नहीं मिलेगी नौकरी। मंत्री जी को भनक भी नहीं लगी और पाण्डेेय जी ने उनके नाम को कैश कर माह जनवरी से 15 से 20 लाख रुपए की वसूली कर रहे हैं।

इस खेल में कमांडेंट पर पूरी तरह से वरदहस्त मुख्यालय के उन भ्रष्ट अधिकारियों का है जिन्हें सभी को मैनेज करना पड़ रहा है। राजधानी होने की वजह से यहां के थानों ,यातायात व्यवस्था, सरकारी कार्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था को संवारना पुलिस प्रशासन के लिये हमेशा से चुनौती रहा है। लेकिन इन्हें ड्यूटी देने के नाम पर जिस तरह से विभागीय अधिकारी शोषण करते हैं वो बेहद शर्मनाक है। लखनऊ के कमांडेंट कृपा शंकर पाण्डेय ने होमगार्डों का शोषण करना शुरू कर दिया है। शहर के थानों, सार्वजनिक प्रतिष्ठïान, सचिवालय, बापू भवन, मंडी परिषद सहित कई अन्य स्थानों पर तैनात होमगार्डों से बात की गयी तो एक ही बात समझ में आयी कि पाण्डेय जी मानों लखनऊ आकर बदहवास हो गये हैं। ना सीएम का भय ना मंत्री का खौफ। पूरी तरह से

बैखौफ होकर जवानों से ड्यूटी देने के नाम पर वसूली कर रहे हैं। जवानों ने बताया कि पिछली सरकारों के समय से बीओ राजकुमार वर्मा़ इंस्पेक्टर उदय बहादुऱ बीओ ओ पी सिंह़ राजेश सिंह़ कंपनी कमांडर कुलदीप शुक्ला़ इंस्पेक्टर शेर प्रताप सिंह़ हवलदार रंजीत यादव, सुरेश सिंह सहित अवैतनिक कंपनी कमांडर अरूण रावत, सुशील सिंह, सचिवालय देख रहे कंपनी कमंाडर जगदीश प्रसाद सालों से तैनात हैं।

शासन ने हाल ही में आदेश जारी किया था कि सभी कर्मचारियों का पटल बदल दिया जाये लेकिन कमांडेंट कृपाशंकर पाण्डेय ने आज तक आदेश का पालन नहीं किया। इसी तरह डीजी, होमगार्ड डॉ. सूर्य कुमार शुक्ला ने भी कमांडेंट को लिखित निर्देश दिया कि विभाग के ईमानदार वैतनिक व अवैतनिक कर्मचारियों को इनकी जगह पर तैनात किया जाये लेकिन ऐसा लगता है मानों पाण्डेय जी ने इनलोगों का ताख पर रख दिया है। बताया जाता है कि मुख्यालय पर तैनात तथाकथित अधिकारियों की शह पर कमांडेंट बदहवाश हैं।
बताया जाता है कि एमसीआर से प्रतिमाह 2 लाख रुपए, कलेक्ट्रेट से 1.50 लाख रुपए, थानों से लगभग 6-7 लाख रुपए एवं अन्य जगहों से मिलाकर जवानों को ड्यूटी देने के नाम पर प्रतिमाह लगभग 15 से 20 लाख रुपए की वसूली की जा रही है। बताया जाता है कि जिसमें से मंत्री अनिल राजभर को 2 लाख रुपए, डीजी को बेगारी करने के नाम पर 60- 70 हजार रुपए, डीआईजी एस के सिंह को 50 हजार रुपए प्रतिमाह जाता है।

चौंकाने वाली बात यह है कि मंत्री के नाम पर वसूली करने की जुर्रत कमांडेंट कृपाशंकर ने कैसे की, ये बड़ी बात है। डीजी साहेब,आप इस विभाग के मुखिया हैं और हर बार की बैठकों में आप भ्रष्टïाचार दूर करने की बातें करते हैं। चलिए मीडिया आपको सूचित कर रहा है,अब आप क्या करेंगे? क्या भ्रष्टचार को बढ़ावा देंगे या फिर लंबे समय से जमे इनलोगों का पटल बदलकर विभाग में ईमानदारी से काम करने वालों का हौसला बढ़ाएंगे…। तय आपको करना है। मेरा काम लिखना है और भ्रष्टचार के खिलाफ चलाए जा रहे मुहिम में मैं प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की राह पर चलता रहूंगा। आखिर में मैं तो यही कहूंगा कि होमगार्डो के वेतन का भुगतान सरकारी खजाने से होता है। फ र्जी ड्यूटी लगाकर कमांडेंट कृपाशंकर ने जो लूट मचा रखी है, एक तरह से वे योगी जी को गुमराह कर लूटने का काम कर रहे हैं।

 

Post Author: thesundayviews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *