यौन उत्पीड़न: 10 में से 7 मामलों में पीड़ित का परिचित होता है आरोपी- निर्मला सीतारमण

नई दिल्ली, एजेंसी।

नाबालिगों के खिलाफ यौन उत्पीड़न के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि परिवारों को अपने बेटों के लालन- पालन में बदलाव लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि दस मामलों में से सात में आरोपी पीड़ित के परिचित होते हैं। मानसिकता में बदलाव की जरूरत पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि कानूनी एजेंसियों को और सक्रिय होने की जरूरत है लेकिन केवल इससे बलात्कार की घटनाएं रूक नहीं सकती।

फिक्की की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में मंत्री ने कहा, ”ऐसे दस मामलों में से सात में जो आरोपी होता है वह पीड़ित का परिचित होता है जैसे कि उसका कोई रिश्तेदार, दोस्त या पड़ोसी। कानून प्रवर्तन एजेंसियों को और अधिक सक्रिय होने की जरूरत है। मेरा यह मानना है। रक्षा मंत्री ने कहा, ”पुलिस सुधार की जरूरत है, महिलाओं से जुड़े कानूनों को सक्रियता से अपनाए जाने की जरूरत है। इस सबके बावजूद किसी भी देश में कोई भी बाहरी एजेंसी और क्या प्रयास कर सकती हैं जब कि परिचित लोग महिलाओं के प्रति इस तरह की हरकतों को अंजाम देते हों।

पहनावे को बलात्कार की वजह बताने वाले विचारों को सीतारमण ने बकवास  बताया। उन्होंने कहा कि अगर ऐसी बात होती तो बुजुर्ग महिलाएं और बच्चे यौन उत्पीड़न के शिकार क्यों बन रहे होते। उन्होंने कहा, ”मैं यह कहना चाहती हूं कि हमारे परिवारों में जिस तरह से लड़कों का लालन-पालन होता है उसके संबंध में मानसिकता को लेकर हम पर बहुत कुछ निर्भर करता है।

उन्होंने लाल किले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण की ओर ध्यान आकर्षित किया जिसमें उन्होंने कहा था कि जब लड़कियों की बात आती है तो लोग बहुत सतर्क हो जाते हैं जैसे कि वह घर कितनी बजे लौट रही हैं , किसके साथ बाहर जा रही हैं आदि। उन्होंने कहा कि हमें लड़कों को भी इसी तरह की सलाह दिए जाने की जरूरत है।

Post Author: thesundayviews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *