मंत्री जी को मच्छर काटता है…

दलितों को रिझाने के लिए मंत्री कर रहे रात्रि प्रवास

मंत्री खाए पालक पनीर और दाल मखनी उसे देख दलित के मुंह आए पानी
ब्यूरो
लखनऊ।

राजनीति भी जो ना कराए। चुनाव में पसीना बहाने के बाद माननीय बनने के बाद नेताओं को एक बूंद पसीना बहाने पर तकलीफ होती है। उन्हें तो लग्जरी गाड़ी,एसी हॉल की आदत जो बन जाती है। अब मुख्यमंत्री योगी ठहरे मठ वाले,उनका जितना पसीना बहालो चलेगा लेकिन नए मंत्रियों का रात्रि प्रवास मानों उनकी जान पर बन आई है। रूकते दलित के यहां, खाते दलित के यहां लेकिन व्यंजन ऐसा खाते हैं मानों दुबारा उन्हें निवाला नहीं मिलने वाला…।

ऐसा लजीज व्यंजन जिसे गांव का दलित कभी न देखा हो और ना उसकी खुश्बू सूंघा हो… पालक पनीर,मखनी दाल,छोला,रायता,तंदूर,कॉफी,रसगुल्ला और तो और बोतलबंद पानी पीते हैं। एक बात तो है मंत्री जी के खाने का अंदाज देख दलित अपने को कोसता जरूर होगा। खैर, ये बातें मंत्री सुरेश राणा की कर रहे थें जिनके बचाव में दूसरी मंत्री अनुपमा जायसवाल ने ऐसा बयान दे डाला कि नये सिरे से बवाल खड़ा हो गया है।
यूपी सरकार की बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री अनुपमा जायसवाल ने मंत्री सुरेश राणा के बचाव में कहा कि मच्छर काटने के बावजूद बीजेपी नेता दलितों के घर जाते हैं और खाना खाते हैं। समाज के सभी वर्गों को लाभ पहुंचाने के लिए योजनाएं बनाई जाती हैं। इसे लागू कराने और लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकार के मंत्री कई क्षेत्रों में दौरा करते हैं। बावजूद इसके कि उन्हें सारी रात मच्छर काटते रहते हैं।
अनुपमा जायसवाल बीजेपी नेता सुरेश राणा के दलितों के घर खाना खाने के बाद उपजे विवाद का जवाब दे रहे थीं। इस बीच उनके सफ ाई से खुद विवाद पैदा हो गया है। बता दें कि इससे पहले यूपी सरकार के गन्ना विकास और जिला मंत्री सुरेश राणा ने भी दलित के घर खाना खाया था। सुरेश राणा के साथ भाजपा के अन्य नेता भी थे। राणा हलवाइयों के बने पालक पनीर, मखनी दाल, छोला, रायता, तंदूर, कॉफ ी, रसगुल्ला और बोतलबंद पानी का स्वाद चखा था। इसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई और पूरी घटनाक्रम से बीजेपी की खासी किरकिरी हुई थी।

Post Author: Sanjay Srivastava

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