यशवंत सिन्हा ने आखिरकार छोड़ी पार्टी, बोले- दबाव में चुनाव आयोग, सरकार के इशारे पर चल रही एजेंसियां

पटना

बीजेपी को 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले बड़ा झटका लगा है। पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने बीजेपी छोड़ दी है। उन्होंने पटना में यह ऐलान करते हुए पार्टी और चुनावी राजनीति से संन्यास ले लिया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आज लोकतंत्र खतरे में है, दलगत राजनीति छोड़ रहा हूं। यशवंत ने कहा कि बेटे जयंत सिन्हा मोदी सरकार में मंत्री हैं लेकिन मैंने पहले ही चुनावी राजनीति छोड़ दी थी। उन्होंने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव आयोग को दबाया जा रहा है।सभी एजेंसिया सरकार के इशारे पर चल रही हैं। बजट सत्र में गतिरोध केंद्र की साजिश है।

उन्होंने कहा कि कैश की किल्लत के लिए RBI और अरुण जेटली जिम्मेदार हैं। पीएम ने विपक्षी नेताओं की बात क्यों नहीं सुनी। गुजरात चुनाव के लिए शीत सत्र को छोटा कर दिया गया। हालांकि यशवंत ने यह भी कहा कि वह किसी भी पार्टी को ज्वाइन नहीं करेंगे लेकिन देश को जरूरत होगी तो वह सबसे आगे खड़े होंगे।

आपको बता दें कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से असंतुष्ट यशवंत सिन्हा ने कहा था कि उनका पार्टी छोड़ने का कोई इरादा नहीं है। अगर पार्टी चाहे तो उनको बाहर निकाल सकती है। सिन्हा ने कहा था कि वह लंबे समय से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने का प्रयास कर रहे हैं और इस बाबत उन्होंने प्रधानमंत्री को कई पत्र भी भेजे लेकिन उन पत्रों का कोई जवाब नहीं मिला।

भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की बेरुखी के चलते ही सिन्हा ने राष्ट्र मंच का गठन किया था। उन्होंने कहा था कि मैं भाजपा क्यों छोड़ूं, यूपीए सरकार के शासनकाल के 10 वर्षों के दौरान विपक्ष में रहते मैंने काफी मेहनत की है। उन्होंने कहा था कि भाजपा चाहे तो मुझे बाहर कर सकती है।

Post Author: Sanjay Srivastava

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