माल अंदर करने वाले अफसर हलकान, ट्रांसफर नहीं हुआ तो लौटाना पड़ेगा माल

तबादले का माल अंदर, डीजी गये मायानगरी

सोमवार को निकलने वाली तबादला सूची पर लगा ब्रेक…

तबादले की रकम देने वाले कमांडेंट से लेकर क्लर्कों की धडक़न बैठी

संजय पूरबिया
लखनऊ।

उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर ट्रांसफर-पोस्टिंग का गेम खेलने वाले होमगाड्र्स मुख्यालय के अफसर हलकान हैं। कमांडेंट से लेकर इंस्पेक्टर,बीओ और क्लर्कों से बड़े पैमाने पर रकम बटोरी गयी है। तबादले की सूची सोमवार को आने की प्रबल संभावना थी लेकिन लगता है अब उस पर इंडिया एक्सप्रेस न्यूज एवं द संडे व्यूज़ ने ग्रहण लगा दिया है। अफसरों में और मलाईदार तबादला करवाने के लिये मुंहमांगी रकम देने वाले लोगों की नींद उड़ गयी है। अफसर तय नहीं कर पा रहे कि जिन लोगों से घूस की रकम ली है,यदि ट्रांसफर नहीं हुआ तो माल लौटाना पड़ेगा। दूसरी तरफ,रकम देने वालों की बेचैनी ये है कि वे दो नंबर की रकम काम ना होने पर अफसरों से मांगेंगे कैसे…। मजेदार बात यह है कि इन सबके बीच डीजी, होमगार्ड सूर्य शुक्ला व्यक्तिगत काम बताकर दिल्ली गये और वहां से फ्लाईट पकडक़र साहेब मायानगरी, मुम्बई निकल गये हैं। मैं तो यही कहूंगा कि साहेबानों,भ्रष्टïाचार की रकम ली है तो थोड़ा कष्टï भी झेलो…
इंडिया एक्सप्रेस न्यूज डॉट कॉम एवं द संडे व्यूज़ ने दो दिन पूर्व होमगार्ड विभाग में ट्रांसफर-पोस्टिंग के रेट का खुलासा किया था। इस खबर के बाद विभाग में हंगामा खड़ा हो गया है। भ्रष्टï अफसर ये तय नहीं कर पा रहे हैं कि आखिर अंदर की रिपोर्ट छोटे-मोटे न्यूज पोर्टल वालों को कैसे लग गयी।

दरअसल, मुख्यालय के तथाकथित भ्रष्ट  अफसरों के घटिया दिमाग में बड़ी गलत फहमी है, इसीलिये वे अखबार और न्यूज पोर्टल को भी छोटे-बड़े का दर्जा दे देते हैं। इनलोगों ने होमगार्ड मंत्री अनिल राजभर के दिमाग में भी यही गलत-फहमी भर दी है।साहेबान,शायद आपलोगों को मालूम हो कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी यदि आज प्रधानमंत्री की कुर्सी पर विराजमान हैं तो उसके पीछे उनका सोशल मीडिया यानि,न्यूज पोर्टल और चाणक्य जैसी कुशल रणनीति है। बता दें कि इंडिया एक्सप्रेस न्यूज डॉट कॉम एवं द संडे व्यूज़ ने ट्रांसफर -पोस्टिंग के खेल में 100 परसेंट वसूली में से 80 परसेंट मंत्रीजी एवं 20 परसेेंट में अफसर निपटेंगे शीर्षक में इस बात का खुलासा किया था कि इस विभाग में धड़ल्ले से क्या खेल चल रहा है।

बता दें कि यूपी में इस समय ट्रांसफर-पोस्टिंग का गेम आईपीएल की तरह तेज रफ्तार से खेला जा रहा है। अफसरों को मालूम है कि 30 मई अंतिम तारीख है, इस दरम्यान ताबड़तोड़ ट्रांसफर कर जितना माल कमाना है कमा लो। हास्यापद स्थिति तो ये है कि अफसरों ने खुला फरमान जारी कर दिया है कि 80 परसेंट मंत्री जी को जायेगा और 20 परसेंट का माल हमलोग बांट लेंगे। भई,ये तो भाजपा की सरकार है। यहां ईमानदारी का चादर ओढक़र बेईमानी का धंधा मंत्री और अफसर मिलकर खेल रहे हैं। चर्चा जोरों पर है,खबर फर्जी नहीं पुख्ता है,ट्रांसफर के नाम पर हो रही दलाली का खेल होमगार्ड विभाग में बेखौफ होकर अफसर खेल रहे हैं। कोई ऊंगली ना उठाये इसलिये डीजी ने ट्रांसफर पॉलिसी की टीम बना दी है। इसी परिपेक्ष्य में उन्होंने आज मुख्यालय में सभी कमांडेंट्स की बैठक भी की गयी लेकिन उन्होंने कभी ये नहीं सोचा होगा कि मुख्यालय के शातिर अफसर उनसे दस गुना आगे की सोच कर चलते हैं। जिन अफसरों पर ईमानदारी से ट्रांसफर करने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है , उनलोगों ने विभागीय कर्मचारियों को वसूली मैन के रूप में लगा दिया है।

कर्मचारी तय-तोड़ कर माल अफसरों तक पहुंचा रहे हैं। यानि, वे रेट तय कर अफसरों के पास रकम पहुंचायेंगे। कमांडेंट,इंस्पेक्टर,बीओ एवं क्लर्क संवर्ग के कर्मचारियों का रेट खुलेआम चल रहा है। खास बात यह है कि विभाग में तैनात एक डीआईजी के गोमतीनगर स्थित आलीशान आवास से पूरी डील हो रही है। इसमें होमगार्ड मंत्री अनिल राजभर का एक खास व्यक्ति,जो (मधुबन विधान सभा मऊ से नगर निकाय चुनाव का टिकट चाहता था लेकिन नहीं मिला) भी शामिल है। अफसरों ने बताया कि वसूली की 80 परसेंट रकम माननीय को जायेगा और 20 परसेंट में बंदरबांट होगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 20 मार्च से 30 मई तकअफसरों एवं कर्मचारियों के लिये तबादला करने का फरमान जारी किया है। सभी विभागों में तय मानक के आधार पर तबादले की सूची बनायी जा रही है। हालांकि, सभी जगह अफसरों ने मानक की आड़ में थोड़ी बहुत कमाई शुरू कर दी हैं लेकिन होमगार्ड विभाग के अफसरों ने तबादला नीति को मजाक बना दिया है। कमांडेंट, इंस्पेक्टर,ब्लॉक आर्गनाइजर, क्लर्क संवर्ग के कर्मचारियों का रेट खुलेआम चल रहा है। खास बात यह है कि विभाग में तैनात एक डीआईजी के गोमतीनगर स्थित आलीशान आवास से पूरी डील की जा रही है। इसमें होमगार्ड मंत्री के एक खास लटक,जो मऊ मधुबन विधान सभा में नगर निकाय से टिकट मांग रहा था लेकिन पार्टी ने उसे खारिज कर दिया था। खूब चल रही है।

बता दें कि कमांडेंट के तबादले के लिये पूरा ब्यौरा लेने की जिम्मेदारी ललितपुर के कमांडेंट अजय प्रताप सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गयी है। इसी तरह, इंस्पेक्टर की जिम्मेदारी गाजियाबाद के कमांडेंट गिरिराज सिंह को सौंपी गयी है। गिरिराज ने मुख्यालय पर तैनात इंस्पेक्टर श्रीओम तिवारी को अपना वसूली मैन बनाया है। बीओ एवं हवलदार प्रशिक्षकों के तबादले की जिम्मेदारी मुरादाबाद के कमांडेंट अरूण सिंह को सौंपी गयी है। अरूण सिंह होमगार्ड मंत्री के मऊ के खास लटक के रिश्तेदार हैं,इसलिये खूब खूलकर बैटिंग कर रहे हैं। बावजूद इसके कमांडेंट ने मुख्यालय पर तैनात राधेश मिश्रा को सेटिंग करने के लिये मुश्तैद किया है। वहीं,क्लर्को के तबादले के लिये मुख्यालय पर तैनात स्टॉफ अफसर राजेन्द्र सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गयी है। इन्होंने वसूली मैन के तौर पर कनिष्ठ लिपिक संजय कुमार सिंह को लगा रखा है।

Post Author: Sanjay Srivastava

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