अनिल राजभर होमगार्ड अफसरों से सम्मानित करवाने का ले रहे मजा, भाड़ में जाये क्षेत्र की जनता

राजभर समाज के मासूम पर हसुआ से हमला, पुलिस ने आरोपियों से लिया पैसा, धारा 151 लगाया

कहां हैं राजभर समाज के रहनुमा बनने वाले अनिल राजभर

ओमप्रकाश राजभर ने मासूम को इंसाफ दिलाने के लिये भरी हुंकार, बृजेश राजभर ने घेरा थाना

दोनों आरोपी नहीं होंगे गिरफ्तार तो एसएसपी कार्यालय का होगा घेराव : बृजेश राजभर

संजय श्रीवास्तव

लखनऊ।

भाजपा की योगी सरकार में राजभर बिरादरी के दो मंत्री हैं, एक होमगार्ड अफसरों से अपने को सम्मानित करने में गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं और दूसरे अपनी बिरादरी की साख बचाने की जद्दोजहद में हैं। कितनी शर्मनाक बात है कि वोटों की राजनीति में मंत्री एक दूसरे पर कीचड़ उछाल कर मजा ले रहे हैं और वहीं प्रधानमंत्री के संसदीय विधान सभा क्षेत्र में दूसरी जाति के लोग राजभर समाज पर अत्याचार कर रहे हैं…। राजभर समाज के एक बच्चे पर सिर्फ इसलिये हसुआ से प्राणघातक हमला किया कि उसने पटेल समाज के दरवाजे के आगे लगे हैंडपंप से पानी पी रहा था…। क्या प्यास लगने पर हैंडपंप से पानी पीना गुनाह है ? क्या हमलोगों का जमीर इतना गिर गया है कि पानी में भी बिरादरी का रंग देखने लगे हैं ? खैर, ये जातिवाद तो नेताओं की कारस्तानी है।

बात कर रहे हैं वाराणसी में पडऩे वाले चोलापुर थाना, मुर्दजहा पुलिस चौकी में गांव अटेसुआं की। यहां पर स्कूल पढऩे आये रामश्रेय राजभर के पुत्र अभिषेक राजभर को प्यास लगी और वो स्कूल के सामने विजय शंकर पटेल के हैंडपंप से पानी पीने लगा। बस उसने पटेल जी के दरवाजे पर लगे हैंडपंप से पानी पीने का गुनाह कर दिया। पटेल के दोनों लडक़ों से कहासुनी हुई, फिर उनलोगों ने अभिषेक पर हसुआ से हमला बोल दिया। गर्दन पर हसुआ लगने से लहूलुहान होकर अभिषेक गिर पड़ा। गांव वाले उसे उठाकर थाने ले गये लेकिन अहंकार से लबरेज चौकी इंचार्ज ने बेइज्जत कर भगा दिया। सुहेलदेव राजभर समाज पार्टी युवा मंच के जिला प्रभारी बृजेश राजभर ने जब दबाव बनाया तो मामूली धारा में 151 में मुकदमा दर्ज किया गया और कुछ घंटे बाद आरोपी अपने घर चले आये। इस बात की सूचना पार्टी हाईकमान ओमप्रकाश राजभर को दी। श्री राजभर ने तत्काल दबाव बनाया तब जाकर पुलिस हरकत में आयी। सवाल यह है कि आखिर राजभर समाज के रहनुमा बनने वाले अनिल राजभर और उनके समर्थक कहां विलुप्त हो गये,जो अपने समाज के लिये चिंतन एवं मनन करने का दम भरते हैं? होमगार्ड अफसरों की चाटुकारिता और गुलदस्ता से सम्मानित होने का नशा कहीं अनिल राजभर से उनका असली वोट बैंक ना छिन ले…।


वाराणसी विधान सभा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है लेकिन राजभर समाज के मासूम पर जिस तरह से हमला हुआ और पुलिस ने मासूम के परिजनों को बेइज्जत कर भगाया,उससे साफ लगता है कि कानून के रखवाले नियमावली की धज्जियां बेखौफ होकर उड़ा रहे हैं। चौंकाने वाली बात ये है कि इस समाज के मंत्री अनिल राजभर ने मासूम पर हुये हमले पर पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है। आइये घटना का जिक्र करते हैं। 13 अप्रैल की सुबह 11 बजे चोलापुर थाना अन्तर्गत मुर्दजहा पुलिस चौकी मे अटेसुआं गांव के रामश्रेय राजभर का लडक़ा अभिषेक राजभर, जो गांव के प्राईमरी स्कूल मे पढ़ता है। लंच में वो स्कूल के बगल मे विजय शंकर पटेल के हैण्डपम्प पर पानी पीने गया। पटेल के लडक़े सोनू पटेल एवं अवधेश पटेल ने उसे पानी पीने के लिये मना किया। अभिषेक ने कहा कि उसे प्यास लगी है,थोड़ा पानी पी लेने दो,इस पर दोनों भाईयों ने उस पर लाठी डंडे व धारदार हसिये से प्रहार कर बुरी तरह से घायल कर दिया। घायल बच्चे को पंडित दीनदयाल उपाध्याय सरकारी जिला अस्पताल, वाराणसी मे भर्ती कराया गया। थाने पर रिपोर्ट लिखवाने गये तो मुंशी श्यामल कुमार यादव ने बेइज्जत कर परिजनों को भगा दिया। इतना ही नहीं, इंसाफ ना मिलने पर उनलोगों ने थाना चोलापुर के इंस्पेक्टर दुर्गेश्वर मिश्रा एवं चौकी इंचार्ज मुरर्दहा बाजार राधेश्याम सिंह से बात की लेकिन उन्होंने भी भगा दिया।

 

इस बात की भनक जब मंत्री ओम प्रकाश राजभर को लगी तो उन्होंने तत्काल सुहेलदेव भारती समाज पार्टी, युवा मंच के जिला प्रभारी बृजेश राजभर को मौके पर जाकर कार्रवाई कराकर इंसाफ दिलाने का निर्देश दिया। बृजेश राजभर ने सैंकड़ों लोगों के साथ एसएसपी को घटना की वीडियो दिखाया तब जाकर उन्होंनेथानाध्यक्ष को फटकार लगायी। थानाध्यक्ष दुर्गेश्वर मिश्रा ने अपनी गल्ती मानी और कई धाराएं आरेापी के खिलाफ दर्ज करा दी है लेकिन अभी तक दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार नहीं किया गया है।बृजेश राजभर का कहना है कि थाने वालों ने अभियुक्तों से उन्हें बचाने के एवज में पैसा ले लिया है,तभी जानलेवा हमला होने पर सख्ती करने के बजाए धारा 151 लगाया है। यदि दोनों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो एसएसपी का घेराव करेंगे। वहीं भाजपा सरकार के मंत्री एवं राजभर समाज के नेता ओम प्रकाश राजभर का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आठ माह पहले से कह रहा हूं कि तहसील एवं थानों की स्थिति ठीक नहीं है। आज भी यहां पीडि़तों को इंसाफ नहीं मिलता, भ्रष्टïाचार चरम पर है। थानों पर अपराधियों को बचाने का खेल खेला जा रहा है। यही बात कल मुख्यमंत्री ने चित्रकूट में भरे मंच से स्वीकारा। उन्होंने बताया कि यदि इस मामले में पुलिस तत्काल कार्रवाई करती तो ये नौबत नहीं आती। मैं चित्रकूट में हूं। लखनऊ जाकर देखूंगा यदि कुछ नहीं होगा तो पुलिस के खिलाफ कार्रवाई होगी।

बहरहाल, मासूम अभिषेक पर पानी पीने के लिये हुए हमले की चहुंओर घोर निंदा हो रही है। फेस बुक से लेकर व्हाटसअप पर राजभर समाज के रहनुमा बनने वाले मंत्रियों पर लोग भड़ास निकाल रहे हैं। मैंने अनिल राजभर के मोबाइल नंबर 7905454749 पर कई बार संपर्क लिया लेकिन माननीय का फोन नहीं उठा। फोन बंद मिला। 9956494225 पर भी संपर्क किया तो उनका जवाब मिला कि इस घटना की मुझे जानकारी नहीं है। अपने कार्यकर्ताओं से पता करता हूं और जो हो सकेगा कार्रवाई कराऊंगा।वहीं मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने इंडिया एक्सप्रेस न्यूज़ और द संडे व्यूज़ को बताया कि मैंने अपने ब्लॉक अध्यक्ष को तुरंत मौके पर भेजा और उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

 

 

 

Posted by Brijesh Rajbhar on Friday, 13 April 2018

 

 

 

Posted by Brijesh Rajbhar on Friday, 13 April 2018

Post Author: Sanjay Srivastava

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