अमेठी में पत्रकार के बेटे की हत्या, शव रेलवे ट्रैक के पास फेंका

हत्यारों ने शव को रेलवे ट्रैक के किनारे फेंककर आत्महत्या साबित करने का किया षडयंत्र

जिस पटरी के किनारे शव मिला, उससे ट्रेनें जाती ही नहीं

शव के पोस्टमार्टम में गले की हड्डी टूटने की हुई पुष्टि, हाथ-पैर भी तोड़ दिये थे

लखनऊ

अमेठी जिला मुख्यालय गौरीगंज में ‘हिन्दुस्तान दैनिक के लिए समाचार संकलन करने वाले पत्रकार अजय सिंह के बेटे अभय सिंह की पिटाई के बाद गला दबाकर हत्या कर दी गई। हत्यारों ने शव को रेलवे ट्रैक के किनारे फेंकने के बाद छात्र के मोबाइल से परिजनों को एसएमएस भेजकर आत्महत्या का मामला साबित करने का षडयंत्र रचा। उनका षडयंत्र इसलिए भी नाकाम हो गया कि उस पटरी से कोई ट्रेन गयी ही नहीं। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।

सुलतानपुर जिले के हरौरा गांव के रहने वाले अजय सिंह ‘हिन्दुस्तान के लिए अमेठी में वर्ष 2010 से समाचार संकलन कर रहे हैं। 17 वर्षीय उनका बेटा अभय सिंह अमेठी जिला मुख्यालय गौरीगंज में जवाहर नवोदय विद्यालय में 11वीं का छात्र था। वह शनिवार की रात करीब 11 बजे विद्यालय के हास्टल में ही था। रविवार की भोर में उसकी लाश विद्यालय से करीब दो किमी दूर पड़ी मिली। उसका मोबाइल भी शव के पास ही पड़ा मिला। किसी ने उसके मोबाइल से फोन करके पिता अजय सिंह को सूचना दी। अजय उस समय सुलतानपुर के हरौरा गांव में थे। वहां से उन्होंने अपने परिचित को बताया तो वे मौके पर पहुंचे।

परिचित ने शव की शिनाख्त उनके बेटे अभय के रूप में की। हत्या की जानकारी मिलने पर स्थानीय पुलिस और जीआरपी मौके पर पहुंची। जिलाधिकारी शकुन्तला गौतम, बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी और राजनीतिक दलों के लोग भी पहुंचे। जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम में गला दबाने, उसकी हड्डी टूटने के साथ सीने और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटों की पुष्टि हुई है। शाम को जीआरपी एसपी सौमित्र यादव ने भी घटनास्थल का मुआयना किया।

रेल पटरी के किनारे शव मिलने पर सवाल यह उठ रहा है कि रात 11 बजे तक जब अभय विद्यालय के हास्टल में था तो उसके बाद वह बाहर कैसे गया। स्कूल में आवागमन रजिस्टर भी नहीं है। ऐसे में विद्यालय प्रशासन की लापरवाही भी सामने आ रही है। आरोप यह भी लग रहा है कि अभय की लाश मिलने की सूचना पर विद्यालय प्रशासन की ओर से कोतवाली गौरीगंज में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने की कोशिश की गई। हालांकि पुलिस ने गुमशुदगी नहीं दर्ज की। उधर, हत्या का मुकदमा दर्ज करने में देर शाम तक गौरीगंज पुलिस मामला जीआरपी कार्यक्षेत्र का बताकर हीलाहवाली करती रही। जबकि जिस रेल ट्रैक के किनारे लाश मिली वह लूप लाइन है। उस ट्रैक से किसी ट्रेन का आवागमन ही नहीं था।

पत्रकारों के एक प्रतिनिधि मंडल ने देरशाम पुलिस अधीक्षक केके गहलौत से मुलाकात की तो उन्होंने भी पहले जीआरपी में केस दर्ज करने की बात की। हालांकि बाद में वे गौरीगंज कोतवाली में केस दर्ज कराने को राजी हुए। पीड़ित पिता ने शाम चार बजे तहरीर गौरीगंज कोतवाली पुलिस को दी थी। गौरीगंज कोतवाल दीपेंद्र सिंह ने बताया कि धारा 302 के तहत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। देर शाम पैतृक गांव में बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया गया। देर रात डीएम शकुंतला गौतम ने कहा कि वे विद्यालय प्रशासन की लापरवाही की जांच करायेंगी। सोमवार को मंडलीय टीम जांच के लिए स्कूल जाएगी।

Post Author: Sanjay Srivastava

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