अपनी आंखों को दें पोषण की ताकत

नई दिल्ली

अनुसंधानों में यह बात सामने आई है कि पोषण भी हमारी आंखों को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाता है। ऐसा भोजन, जो विटामिन ए, सी और ई, बीटा कैरोटिन, जिंक और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होता है, आंखों को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है।

गाजर
आंखों की रोशनी बनाए रखने में गाजर बहुत सहायक है।
कैसे खाएं
एक नए अध्ययन के अनुसार पकी हुई गाजर में कच्ची गाजर से ज्यादा विटामिन ए, ल्युटिन और विटामिन के होते हैं। गाजर को पकाने से बीटा कैरोटिन और फिनॉलिक एसिड की मात्रा भी बढ़ जाती है। इसे आलू, मटर, गोभी और मशरूम के साथ पकाया जा सकता है। वैसे आप गाजर का जूस पी सकते हैं, सलाद में डाल सकते हैं या कच्चा खा सकते हैं। गाजर का सूप भी बहुत पौष्टिक होता है।
क्या हैं फायदे
गाजर में बीटा-कैरोटिन होता है। हमारा शरीर बीटा कैरोटिन का इस्तेमाल करके ही विटामिन ए का निर्माण करता है। विटामिन ए की कमी से कॉर्निया धुंधला पड़ जाता है और यही दृष्टिहीनता का सबसे प्रमुख कारण है। गाजर में ल्युटिन एंटी-ऑक्सीडेंट भी भरपूर होता है, जो रेटिना की सुरक्षा करता है और एएमडी का खतरा कम करता है।

पालक
आप लगातार कम्प्यूटर पर काम करते हैं और आपकी नजर कमजोर व धुंधली हो गई है तो छह महीने तक नियमित रूप से पालक खाएं। आपकी दृष्टि में काफी सुधार आ जाएगा।

कैसे खाएं
पालक में थोड़ा-सा तेल डाल कर धीमी आंच पर पकाएं, तेज आंच पर उसके पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। पालक काटने से पहले ही धोएं, अलग से पानी न डालें। 2-3 मिनट से ज्यादा न पकाएं।

डेयरी प्रोडक्ट्स
जो लोग नियमित रूप से 300 मिलीलीटर दूध या इतनी ही मात्रा में दही या अन्य डेयरी प्रोडक्ट्स लेते हैं, उनमें बढ़ती उम्र के साथ आंखों की बीमारियां का खतरा कम हो जाता है।
कैसे खाएं
अगर ठंडा दूध पीने से परेशानी होती है तो गरम दूध पिएं। गर्म दूध को शरीर आसानी से हजम कर सकता है, क्योंकि गर्म करने से उसमें मौजूद लैक्टोज टूट जाता है, जिससे पेट नहीं फूलता। जिन लोगों को दूध पसंद नहीं है या जो लोग लैक्टोज के प्रति इनटॉलरेंट हैं, वो दही, पनीर या छाछ का सेवन करें।
क्या हैं फायदे
डेयरी उत्पादों में विटामिन ए भरपूर मात्रा में होता है, जो आंखों की सेहत के लिए बहुत जरूरी है।

मछली
इसे पानी का फल भी कहा जाता है। अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि जो लोग सप्ताह में एक बार मछली का सेवन करते हैं, उनमें उम्र बढ़ने के साथ एएमडी होने की आशंका 60 प्रतिशत तक कम हो जाती है। अगर आपकी नजर कमजोर है और आप कम्प्यूटर पर अधिक देर काम करते हैं तो सप्ताह में दो बार मछली का सेवन करें।
कैसे खाएं
मछली को ग्रिल करके खाएं या भाप में थोड़ा गलाने के बाद स्टर फ्राई कर लें।

Post Author: Sanjay Srivastava

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